Allahabad High Court ने मुख्य सचिव को समन भेजा, Hindalco मामले में 31 को होगी सुनवाई
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के मामले में स्पष्ट जवाब नहीं देने पर बृहस्पतिवार को प्रदेश के मुख्य सचिव और तीन वरिष्ठ अधिकारियों को समन जारी कर अदालत में पेश होने को कहा। राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से यह जवाब नहीं दिया कि क्या उसके बिजली निगम, रिहंद नदी से पानी निकालने के लिए हिंडाल्को इंडस्ट्रीज पर शुल्क लगाने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत हैं या नहीं। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति राजीव भारती की पीठ ने मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया।
पीठ ने अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, सिंचाई विभाग, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक को 31 अगस्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। पीठ ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड और अन्य द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
Karan Adani ने Odisha CM मोहन माझी से मुलाकात की, स्वच्छ ऊर्जा और 3000 MW संयंत्र पर हुई चर्चा
‘अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) करण अदाणी ने बृहस्पतिवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री के वी सिंह देव से मुलाकात कर राज्य में अदाणी समूह की जारी और प्रस्तावित परियोजनाओं पर चर्चा की। इनमें परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की योजनाएं भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, अदाणी ने एक टीम के साथ मुख्यमंत्री माझी से मुलाकात की।
बैठक में औद्योगिक सहयोग और बुनियादी ढांचे के विकास के अवसरों पर चर्चा हुई। यह बैठक ओडिशा में अदाणी समूह की प्रस्तावित परियोजनाओं पर केंद्रित रहीं। राज्य सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि सिंह देव के साथ बैठक में स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने पर चर्चा हुई।
इसमें खास तौर पर पंप्ड स्टोरेज प्लांट (पीएसपी), सौर ऊर्जा उत्पादन और परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं शामिल थीं। इसके अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता और टिकाऊ ऊर्जा विकास के लक्ष्यों को मजबूत करना है। अदाणी समूह इससे पहले भी सिंह देव से मुलाकात कर राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने में रुचि जता चुका है।
बयान में कहा गया, ‘‘आज की बैठक में उन्होंने ओडिशा के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का इरादा दोहराया। इसमें 3,000 मेगावाट क्षमता वाले दो बिजली संयंत्र स्थापित करना भी शामिल है।’’ माझी के साथ बैठक में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान परियोजनाओं के लिए मंजूरी, भूमि की पहचान और अधिग्रहण तथा जमीनी स्तर पर आ रही दिक्कतों पर चर्चा की गई।
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