पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना का विस्तार, अब अकेले रहने वालों को मुफ्त इलाज; 17 नई मेडिकल प्रक्रियाएं भी शामिल
Punjab News: पंजाब सरकार ने राज्य के नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और अधिक मजबूत और आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना का दायरा बढ़ा दिया है. इस बड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते मरीजों के भारी दबाव को कम करना और लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर इलाज की सुविधा देना है. सरकार ने इस योजना के तहत शामिल प्राइवेट अस्पतालों में 17 नई मेडिकल प्रक्रियाओं और ऑपरेशनों को मंजूरी दे दी है. इसके अलावा योजना के नियमों में एक मानवीय बदलाव करते हुए अब अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है, जिससे समाज के एक बड़े और जरूरतमंद हिस्से को बड़ी राहत मिलेगी.
अब अकेले रहने वालों को भी मिलेगा सुरक्षा कवच
इस योजना के विस्तार का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब अकेले जीवन यापन करने वाले लोग भी मुफ्त इलाज के हकदार होंगे. इससे पहले यह नियम था कि योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलता था जिनमें दो या दो से अधिक सदस्य होते थे. सरकार के नए फैसले के बाद अब अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिक, विधवा महिलाएं और अन्य स्वतंत्र रूप से रहने वाले व्यक्ति भी इस स्वास्थ्य योजना का पूरा फायदा उठा सकेंगे. इसके साथ ही उन बुजुर्ग माता-पिता को भी इस योजना में शामिल किया गया है जिनके बच्चे काम या पढ़ाई के सिलसिले में विदेशों में रहते हैं और वे यहां अकेले रहते हैं.
निजी अस्पतालों में करा सकेंगे गंभीर बीमारियों का इलाज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस नए कदम से सरकारी अस्पतालों में लगने वाली लंबी लाइनों और भीड़भाड़ में कमी आएगी. अब गंभीर मामलों के उपचार पर डॉक्टर अधिक ध्यान दे सकेंगे और मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. नई सूची के अनुसार अब कान, नाक और गला यानी ईएनटी से जुड़ी कई बड़ी प्रक्रियाओं को प्राइवेट अस्पतालों में कराया जा सकेगा. इसमें नाक की हड्डी टूटने पर उसकी सेटिंग और एडेनोइडेक्टोमी जैसे ऑपरेशन शामिल हैं, जिनकी जरूरत ज्यादातर बच्चों या सड़क दुर्घटना के मामलों में पड़ती है.
जनरल सर्जरी और महिला स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
जनरल सर्जरी के डॉक्टरों की देखरेख में होने वाले कई बड़े ऑपरेशनों को भी अब प्राइवेट अस्पतालों की सूची में जोड़ दिया गया है. अब मरीज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में हाइड्रोसील का ऑपरेशन, फोड़े का इलाज, एपेंडिक्स की सर्जरी के साथ-साथ ओपन और लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर की सर्जरी भी कैशलेस करा सकेंगे. महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 12 हफ्ते से अधिक के गर्भपात से जुड़े इलाज, हिस्टेरोटॉमी और गर्भावस्था की जटिलताओं के दौरान अस्पताल में भर्ती होने जैसी सुविधाओं को भी इसमें शामिल किया है ताकि महिलाओं को समय पर सुरक्षित इलाज मिल सके.
आंखों और हड्डियों के ऑपरेशन की भी सुविधा
इस योजना में नेत्र रोग और ऑर्थोपेडिक यानी हड्डियों के इलाज से जुड़ी कई जरूरी प्रक्रियाओं को भी जगह मिली है. अब आंखों में होने वाली पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी सर्जरी निजी अस्पतालों में मुफ्त हो सकेंगी. वहीं हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से परेशान मरीजों के लिए टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों का इलाज और टखने के फ्रैक्चर से जुड़े ऑपरेशन की सुविधा भी प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध करा दी गई है. इन सभी नई प्रक्रियाओं के लिए सरकार ने पैकेज दरें 2,000 रुपये से लेकर 27,800 रुपये तक तय की हैं.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और वर्तमान स्थिति
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों के पास पंजाब का [Aadhaar Redacted] और मतदाता पहचान पत्र होना जरूरी है. अगर आवेदक की उम्र 18 साल से कम है तो उसके लिए जन्म प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा. अकेले रहने वाले नागरिकों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए एक घोषणा पत्र देना होगा, जिसका वेरिफिकेशन स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा. राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में पंजाब के करीब 65 लाख परिवार इस योजना से जुड़े हुए हैं. पूरे राज्य में 824 सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के तहत अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां करीब 2,300 बीमारियों का इलाज पूरी तरह कैशलेस किया जा रहा है.
यह भी पढ़ें: Punjab News: पंजाब में एचपीसीएल करेगा निवेश, रिफाइनरी, बायोफ्यूल और बायोगैस परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Asianetnews
News Nation




















