₹240 तक जा सकता है टाटा का यह शेयर, 2 जुलाई को कंपनी की अहम बैठक
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Credit Card: क्रेडिट कार्ड अचानक ब्लॉक हो जाए तो घबराएं नहीं, जानिए इसके पीछे की वजह और तुरंत क्या करें?
रेस्टोरेंट में बिल चुकाना हो, ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या फिर विदेश यात्रा के दौरान भुगतान करना हो, ऐसे समय अगर आपका क्रेडिट कार्ड अचानक ब्लॉक हो जाए तो परेशानी बढ़ना लाजमी है। कई लोग ऐसी स्थिति में सबसे पहले धोखाधड़ी या हैकिंग की आशंका जताते, लेकिन बैंक कई अन्य कारणों से भी कार्ड को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर सकते।
विशेषज्ञों का कहना है कि कार्ड ब्लॉक होने की सूरत में घबराने के बजाय सबसे पहले इसकी वजह जानने की कोशिश करनी चाहिए। बिना कारण समझे बार-बार ट्रांजैक्शन करने से परेशानी और बढ़ सकती।
संदिग्ध गतिविधि पर बैंक लगा सकते हैं रोक
आजकल बैंक और वित्तीय संस्थान 24 घंटे ग्राहकों के लेनदेन पर नजर रखते। अगर सिस्टम को कोई असामान्य गतिविधि दिखाई देती, जैसे अचानक विदेश में ट्रांजैक्शन, बहुत बड़ी रकम का भुगतान, गलत पिन डालने की कई कोशिशें या किसी अलग लोकेशन से खरीदारी, तो सुरक्षा के तौर पर कार्ड को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता।
ऐसी सूरत में बैंक आमतौर पर एसएमएस, ईमेल या मोबाइल ऐप नोटिफिकेशन के जरिए ग्राहक को जानकारी देते। कई बैंक अब मोबाइल ऐप के माध्यम से कार्ड को दोबारा सक्रिय करने की सुविधा भी देते।
बकाया भुगतान भी बन सकता वजह
क्रेडिट कार्ड ब्लॉक होने का एक बड़ा कारण बकाया राशि का समय पर भुगतान न करना भी है। अगर लंबे समय तक कार्ड का बिल नहीं भरा जाता या न्यूनतम भुगतान भी नहीं किया जाता, तो बैंक कार्ड के इस्तेमाल पर रोक लगा सकते। इसके अलावा ऑटो-डेबिट फेल होना, क्रेडिट लिमिट पार कर जाना या ईएमआई का भुगतान पेंडिंग रहना भी कार्ड ब्लॉक होने की वजह बन सकता। इसलिए कार्ड ब्लॉक होने पर सबसे पहले अपने बकाया भुगतान की स्थिति जरूर जांच लें।
KYC और दस्तावेजों की कमी भी बन सकती परेशानी
कई बार ग्राहक को पता भी नहीं चलता और केवायसी अपडेट न होने के कारण कार्ड सर्विवेस प्रभावित हो जाती। पैन कार्ड की जानकारी, पता सत्यापन, मोबाइल नंबर अपडेट या अन्य जरूरी दस्तावेज पेंडिंग होने पर बैंक कार्ड को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर सकते।
विदेश यात्रा करने वाले ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन सेटिंग भी जांचनी चाहिए। कई बैंक डिफॉल्ट रूप से इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन बंद रखते हैं, जिन्हें ऐप या नेट बैंकिंग के जरिए एक्टिव करना पड़ता।
समस्या हो तो तुरंत ग्राहक सेवा से संपर्क करें
अगर कार्ड ब्लॉक होने का कारण साफ नहीं है तो बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करना सबसे बेहतर विकल्प। बैंक बता सकता है कि समस्या धोखाधड़ी अलर्ट, भुगतान में देरी, KYC या तकनीकी कारणों से हुई। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक ही ट्रांजैक्शन को बार-बार अलग-अलग ऐप या वेबसाइट पर करने से बचें। इससे बैंक की सुरक्षा प्रणाली इसे संदिग्ध गतिविधि मान सकती।
फ्रॉड का शक हो तो तुरंत उठाएं कदम
अगर किसी अनधिकृत लेनदेन का संदेह हो तो तुरंत बैंक को सूचना दें और कार्ड को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, समय पर रिपोर्ट करने से ग्राहक को वित्तीय नुकसान कम हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में कार्ड परमानेंट ब्लॉक नहीं होते। सत्यापन, बकाया भुगतान या जरूरी दस्तावेज अपडेट करने के बाद कार्ड दोबारा चालू किया जा सकता है। इसलिए समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत कार्रवाई करना सबसे समझदारी भरा कदम है।
(प्रियंका कुमारी)




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