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'किशोर स्वास्थ्य और लैंगिक-संवेदनशील शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम', मान सरकार की बड़ी पहल

राज्य में लड़कियों की शिक्षा, किशोर स्वास्थ्य और लैंगिक-संवेदनशील शिक्षा को मजबूत करने की दिशा  में अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ रही किशोरावस्था की लड़कियों के लिए भारत की सबसे बड़ी स्कूल-आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा पहलों में से एक की शुरुआत की है.

राज्य स्तरीय विस्तार की घोषणा 

28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने राज्य के सभी 23 जिलों के सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में “मासिक धर्म स्वच्छता पाठ्यक्रम” के चरणबद्ध राज्य स्तरीय विस्तार की घोषणा की. पाठ्यक्रम का पहला सत्र इन सरकारी स्कूलों में कल अर्थात 29.05.2026 को आयोजित किया जाएगा. इस पहल से 3,600 से अधिक सरकारी स्कूलों में पढ़ रही छठी से दसवीं कक्षा की 3.4 लाख से अधिक छात्राओं को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है.

स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंच प्रदान की जा रही 

यह पहल भगवंत मान सरकार द्वारा सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाती है, जहां लड़कियों को जागरूकता, आत्मविश्वास, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंच प्रदान की जा रही है. मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा को इतने बड़े स्तर पर कक्षाओं तक पहुंचाकर पंजाब सरकार ने एक ऐसे विषय को संबोधित करने का प्रयास किया है, जो पारंपरिक रूप से चुप्पी, झिझक, मिथकों और सामाजिक भय से घिरा रहा है.

कल्याण या स्कूल जीवन में बाधा न बने

अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मासिक धर्म कभी भी लड़कियों की शिक्षा, आत्मविश्वास, भागीदारी, कल्याण या स्कूल जीवन में बाधा न बने. यह कार्यक्रम भारत के सर्वोच्च न्यायालय की उन टिप्पणियों के अनुरूप है, जिनमें यह स्वीकार किया गया है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता सीधे तौर पर किशोर लड़कियों की गरिमा, शिक्षा और समानता से जुड़ी हुई है.

भगवंत मान सरकार ने यह कार्यक्रम वॉश यूनाइटेड के सहयोग से शुरू किया है, जो मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था है. इस पहल के तहत “मेनस्ट्रुअल हाइजीन मैनेजमेंट” नामक एक संरचित पाठ्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से तैयार किए गए कक्षा सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें पंजाबी भाषा में तैयार किया गया है ताकि छात्राएं विषयवस्तु को बेहतर ढंग से समझ सकें.

इस सत्र के अंतर्गत गाइड के मुख्य पात्र के रूप में 10 वर्षीय लड़की रूबी की कहानी प्रस्तुत की जाती है. साथ ही छात्राओं के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सहभागितापूर्ण और सुरक्षित बनाने हेतु कक्षा में विचार-विमर्श तथा भागीदारी आधारित गतिविधियां भी शामिल की गई हैं. यह सत्र छात्राओं को मासिक धर्म और शारीरिक परिवर्तनों को समझने, स्वच्छता एवं स्वयं की देखभाल संबंधी आदतों के बारे में जानकारी देने, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने तथा स्कूल एवं साथियों के बीच सहयोगी वातावरण तैयार करने पर केंद्रित हैं.

भगवंत मान सरकार द्वारा राज्यभर में कार्यक्रम शुरू करने से पहले शिक्षकों को व्यापक स्तर पर तैयार किया गया है. लगभग 100 स्टेट रिसोर्स पर्सन्स को पहले मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जिसके बाद हजारों सरकारी स्कूल शिक्षकों को तैयार करने के लिए जिलों में क्रमिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए. 

45,000 से अधिक छात्र शामिल थे

इस पहल की शुरुआत पंजाब के सभी 23 जिलों के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में चलाए गए एक पूर्व पायलट कार्यक्रम के उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए की गई है, जिसमें 45,000 से अधिक छात्र शामिल थे. पंजाब सरकार द्वारा साझा किए गए परिणामों के अनुसार, इस पायलट कार्यक्रम में शामिल 97 प्रतिशत शिक्षकों ने कहा कि वे नए पाठ्यक्रम के माध्यम से पीरियड्स संबंधी शिक्षा प्रदान करने में सहज महसूस करते हैं, जबकि 94 प्रतिशत ने सिफारिश की कि इस कार्यक्रम का विस्तार पूरे पंजाब में किया जाना चाहिए. लगभग 88 प्रतिशत शिक्षकों ने पाठ्यक्रम को पहले के तरीकों की तुलना में अधिक सरल और प्रभावशाली बताया, जबकि 80 प्रतिशत ने कक्षा सत्रों के दौरान छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखी.

मिथकों को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है

फरीदकोट की एक अध्यापिका जसप्रीत कौर ने कहा, “माहवारी के दौरान स्वच्छता संबंधी यह पाठ्यक्रम लड़कियों के लिए सवाल पूछने और अपने अनुभव साझा करने हेतु एक सुरक्षित वातावरण तैयार करता है, जिससे माहवारी से जुड़े मिथकों को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है. कहानियों, खेलों और दृश्य सामग्री के माध्यम से अपनाई गई इंटरैक्टिव पद्धति सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और आत्मीय बनाती है तथा डर और झिझक की भावना को कम करती है. यह निश्चित रूप से आत्मसम्मान और सहभागिता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.”

अमृतसर की एक अन्य अध्यापिका मोनिका सूद ने कहा कि लड़कियों ने सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और खुलकर यह साझा किया कि घरों और समुदायों में माहवारी को किस प्रकार देखा और समझा जाता है. उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता की कमी किशोरियों के लिए कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ पैदा कर सकती है, जबकि यह मार्गदर्शन उन्हें अपने शरीर को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ समझने में सहायता करता है. 

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अभी से तुम्हारा सब काम खत्म... IPL पर कब्जा करना चाहती थी D-कंपनी? ललित मोदी ने खोला Dawood के उस एक फोन कॉल का राज

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्थापक और पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसने क्रिकेट जगत से लेकर अंडरवर्ल्ड के गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। ललित मोदी के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके 'डी-कंपनी' सिंडिकेट से लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियां ही वो सबसे बड़ी वजह थीं, जिसके चलते उन्होंने हमेशा के लिए क्रिकेट प्रशासन से दूरी बना ली। समाचार एजेंसी ANI को दिए एक विस्फोटक इंटरव्यू में, भारत के अरबों डॉलर के टी20 टूर्नामेंट (IPL) के सूत्रधार रहे ललित मोदी ने वसूली की कोशिशों, हत्या की साजिशों और एक खौफनाक रात की उस कहानी का पर्दाफाश किया है, जब सैटेलाइट फोन के जरिए उनका सामना सीधे भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से हुआ था। 

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सट्टेबाजी का 'सिंडिकेट' और आधी रात का वो फोन कॉल

वित्तीय और प्रशासनिक जांचों के बीच साल 2010 में भारत छोड़ने के बाद से लंदन में रह रहे ललित मोदी ने बताया कि आईपीएल की शुरुआत के साथ ही अंडरवर्ल्ड उन पर हावी होना चाहता था। ललित मोदी के अनुसार मैंने डी-कंपनी के अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को आईपीएल में एंट्री देने और उनके हिसाब से चीजें चलाने से साफ इनकार कर दिया था। बस इसी इनकार ने मुझे डी-कंपनी के निशाने पर ला खड़ा किया। मोदी ने खुलासा किया कि उन्हें झुकने के लिए मजबूर करने के मकसद से लगातार जबरन वसूली के फोन आ रहे थे और उनकी जान लेने की साजिशें रची जा रही थीं। बात इतनी बढ़ गई थी कि एक रात सीधे सैटेलाइट फोन के जरिए दाऊद इब्राहिम से उनका आमना-सामना कराया गया, ताकि उन्हें डराया जा सके।

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सुरक्षा के साये में कटे दिन और भारत छोड़ने का फैसला

ललित मोदी ने साफ किया कि यह कोई मामूली धमकी नहीं थी, बल्कि एक ऐसा खौफ था जो उनके और उनके परिवार के सिर पर चौबीसों घंटे मंडराता रहता था। हालांकि भारतीय क्रिकेट को दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड बनाने के पीछे उनका दिमाग था, लेकिन अंडरवर्ल्ड के इस लगातार बढ़ते दबाव और जान के खतरे ने उन्हें अंदर तक हिला दिया था। क्रिकेट के इस पूर्व 'बॉस' का यह बयान अब सोशल मीडिया से लेकर खेल जगत में तेजी से वायरल हो रहा है। इस खुलासे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट के सबसे चकाचौंध भरे फॉर्मेट यानी आईपीएल के पीछे की दुनिया कितनी खतरनाक और खौफनाक रही है।

अभी से तुम्हारा सब काम खत्म...

ललित मोदी के अनुसार, सबसे सीधा टकराव 2012 में लंदन में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि लंदन स्थित एक दलाल ने उनसे सुबह 3:30 बजे संपर्क किया और उन पर बाबा के नाम से जाने जाने वाले एक प्रभावशाली मध्यस्थ के पेंटहाउस अपार्टमेंट में जाने का दबाव डाला।  वहाँ पहुँचते ही, मध्यस्थ कथित तौर पर छत पर गया, सैटेलाइट फोन से दाऊद इब्राहिम को फोन किया और भगोड़े को स्पीकरफोन पर डालकर मोदी से बात करवाई। ललित मोदी ने एएनआई को बताया, मैं डर के मारे कांप गया था, मैं आपको बता रहा हूँ। इसमें कोई शक नहीं। ठीक उसी समय। उन्होंने आगे बताया कि उस समय ब्रिटिश एमआई5 की सुरक्षा नीचे तैनात थी। वह बस इतना कहता है, अभी से तुम्हारा सब काम खत्म' और फोन रख देता है। मोदी ने आरोप लगाया कि इसके बाद बिचौलिए के साप्ताहिक फोन आने शुरू हो गए, जो वित्तीय मुआवजे की मांग करता था और दावा करता था कि अंडरवर्ल्ड आईपीएल फ्रेंचाइजी पर नियंत्रण चाहता है। सिंडिकेट ने कथित तौर पर तर्क दिया कि मोदी पर उनका कर्ज है क्योंकि उनके प्रशासनिक फैसलों के कारण उन्हें सट्टा बाजार में भारी नुकसान हुआ था। 
क्रिकेट छोड़ने का फैसला
जब मोदी से पूछा गया कि उन्हें अंडरवर्ल्ड की सक्रिय हिट लिस्ट से आखिरकार कैसे हटाया गया, तो उन्होंने खुलासा किया कि खेल से उनका बाहर निकलना ही अंतिम सौदेबाजी का हथियार था। उन्होंने दावा किया कि सिंडिकेट ने अंततः एक लाइव बयान प्रसारित किया जिसमें घोषणा की गई कि उनके साथ उनके मुद्दे सुलझ गए हैं। मोदी ने स्पष्ट किया, मैंने इसे सुलझाया नहीं। मैंने बस कहा कि मैं क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूँ। मैंने अपना वचन दिया। मैं संन्यास ले रहा हूँ। जब उनसे स्पष्ट रूप से पूछा गया कि क्या दाऊद इब्राहिम क्रिकेट जगत से उनके पूर्ण अलगाव के पीछे मुख्य कारण था, तो मोदी ने जवाब दिया: यह सबसे बड़े कारणों में से एक है।

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वैभव सूर्यवंशी बनेंगे गेमचेंजर? सूर्यकुमार यादव पर बड़ा फैसला... आखिर क्या चल रहा है?

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