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Explainer: एयरपोर्ट से जिम तक, क्यों पैपराजी से खुद को स्पॉट करवाते हैं सेलेब्स? जानें अंदर की पूरी कहानी
Celebrities Vs Paparazzi: आज के दौर में बॉलीवुड और सोशल मीडिया का रिश्ता इतना गहरा हो चुका है कि कई बार किसी फिल्म से ज्यादा चर्चा स्टार्स के एयरपोर्ट लुक, जिम आउटफिट या डिनर डेट की होती है. हर दिन पैपराजी के कैमरे किसी न किसी सेलिब्रिटी के पीछे दिखाई देते हैं. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है, कि क्या पैपराजी सच में हर जगह खुद पहुंच जाते हैं या फिर सेलेब्रिटीज खुद ही उन्हें बुलाते हैं?
तो आपको बता दें कि, हां अक्सर सेलेब्स ही पैप्स को उन्हें स्पॉट करने के बारे में बताते हैं. दरअसल, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में पैपराजी कल्चर अब एक तरह की मार्केटिंग स्ट्रेटजी बन चुकी है. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि हमेशा ही पैप्स को बुलाया जाता हो, कई बार स्टार्स अचानक कैमरों में कैद हो जाते हैं. वहीं, कई मौके ऐसे भी होते हैं जहां उनकी टीम पहले से फोटोग्राफर्स को उनके आने की खबर दे देती है.
आखिर पैपराजी होते कौन हैं?
पैपराजी यानि फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर, जो सेलेब्स की तस्वीरें और वीडियो क्लिक करते हैं. वो ये फोटोज और वीडियो मीडिया पोर्टल, इंस्टाग्राम पेज (Instagram), यूट्यूब चैनल (Youtube) और न्यूज वेबसाइट को बेचते हैं. भारत में पिछले कुछ सालों में पैपराजी का ये कल्चर तेजी से बढ़ा है. खासकर फिल्म इंडस्ट्री मुंबई में ये लोग काफी ज्यादा एक्टिव हैं. इसके अलावा कई पैपराजी पेज खुद छोटे मीडिया ब्रांड्स बन चुके हैं. उनके इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलअर्स हैं.
क्यों पैपराजी को बुलाते हैं सेलेब्स?
1. पब्लिसिटी और लाइमलाइट में बने रहने के लिए
आज के समय में सेलेब्स का लाइमलाइट में रहना भी स्टारडम का हिस्सा है. अगर कोई सेलिब्रिटी लंबे समय तक नजर नहीं आता, तो उसकी पॉपुलैरिटी पर असर पड़ सकता है. इसलिए कई स्टार्स लगातार मीडिया के सामने बने रहते हैं.
2. फिल्म या ब्रैंड प्रमोशन
वहीं, फिल्म या ब्रैंड प्रमोशन की वजह से भी ऐसा किया जाता है. दरअसल, जब किसी स्टार की नई फिल्म आने वाली होती है, तब उनकी पब्लिक के सामने आना अचानक बढ़ जाता है. कई बार कैजुअल स्पॉटिंग भी प्रमोशन स्ट्रेटजी का हिस्सा होती है. जैसे किसी एक्टर का नए हेयरस्टाइल या फिजिक में दिखना फिल्म बज बनाने का तरीका हो सकता है.
3. सोशल मीडिया इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए
आज इंस्टाग्राम ट्रेंड्स और वायरल क्लिप्स काफी मायने रखते हैं. एक छोटी वीडियो भी लाखों व्यूज ले आती है. इससे सेलेब्स की ऑनलाइन रीच बढ़ती है.
4. इमेज बिल्डिंग
कुछ सेलेब्स खुद को फेमिली पर्सन, फिटनेस फ्रीक, फैशन आइकन या जमीन से जुड़ा हुआ दिखाना चाहते हैं. ऐसे में पैपराजी की वीडियो इस इमेज को मजबूत करता है.
पैपराजी को कैसे मिलती है खबर?
यह पूरा सिस्टम नेटवर्किंग पर चलता है. PR टीम फोटोग्राफर (Photographers) को सेलेब्स की लोकेशन और टाइमिंग भेजती हैं. वहीं, कुछ पैप्स सेलेब्स की डेली रूटिन ट्रैक करते हैं. सैलून, जिम, रेस्टोरेंट और एयरपोर्ट के आसपास पैप्स पहले से ही मौजूद रहते हैं. कई बार security staff या लोकल सोर्स भी पैप्स को सेलेब्स के बारे में जानकारी देते हैं. मुंबई में अब कुछ जगहें पैपराजी हॉटस्पॉट बन चुकी हैं क्योंकि वहां सेलेब्स अक्सर आते-जाते हैं.
कैसा है सेलेब्स और पैप्स का रिश्ता?
सेलेब्स और पैप्स का रिश्ता रिश्ता पूरी तरह प्रोफेशनल होता है. दोनों को ही एक-दूसरे से फायदा मिलता है. सेलेब्स को पब्लिशिटी मिलती है, ट्रेंड में बने रहते हैं, फिल्मों और ब्रांड को फायदा मिलता है. वहीं, पैप्स को एक्सक्लूसिव फोटोज और वीडियो मिलते हैं, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ते हैं, मीडिया हाउस से पैसे मिलते हैं. इसी वजह से कई सेलेब्स पैप्स के साथ अच्छा बर्ताव रखते हैं. लेकिन कई बार कॉन्ट्रोवर्सी भी होती है.
हर सेलेब पैपराजी कल्चर को पसंद नहीं करता. कई स्टार्स ऐसे हैं जो अपनी प्राइवेसी को लेकर नाराज भी हो चुके हैं. इनमें जया बच्चन (Jaya Bachchan), आलिया भट्टा (Alia Bhatt), अनुष्का शर्मा (Anushka Sharm), करीना कपूर खान (Kareena Kapoor), शाहरुख खान, रानी मुखर्जी जैसे सेलेब्स शामिल है. खासतौर पर ये सेलेब्स तब नाराज होते हैं जब इनके बच्चों के फोटोज वायरल हुए थे, या फिर उन्हें घर के अंदर स्पॉट करने की कोशिश की गई थी.
सोशल मीडिया ने बदल दिया पूरा खेल
पहले पैपराजी की फोटोज सिर्फ मैगजीन या टीवी तक सीमित रहते थे. लेकिन अब Instagram और YouTube ने इसे बड़ा बिजनेस बना दिया है. उनके वीडियो सोशल मीडिया पर मिनटों में वायरल हो जाते हैं. फैंस हर एक पर अपने रिएक्शन देते हैं. सेलेब्स का फैशन ट्रैंड बन जाता है. इसके अलावा ट्रोलिंग भी शुरू हो जाती है. इसका सीधा मतलब ये है कि पैप्स अब सिर्फ फोटोग्राफी नहीं बल्कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का बड़ा हिस्सा बन रहे हैं.
क्या फेक पब्लिसिटी होती है?
कुछ लोग इसे पैप्स और सेलेब्स के इस कल्चर को 'scripted fame' मानते हैं. जबकि कई एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये मॉर्डन सेलिब्रिटी कल्चर का हिस्सा है. हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक, पैपराजी और PR स्ट्रेटजी अब एंटरटेनमेंट बिजनेस की रियलिटी बन चुके हैं. सच्चाई यह है कि हर स्पॉटिंग फेन नहीं होती, लेकिन कई प्लान के साथ भी करवाई जाती हैं.
FAQ
1. क्या सभी सेलेब्रिटीज खुद पैपराजी को बुलाते हैं?
-नहीं, हर spotting प्लान नहीं होती. कई बार सेलेब्स अचानक कैमरों में कैद हो जाते हैं, लेकिन कई मौके PR टीम पहले से जानकारी देती है.
2. पैपराजी को सेलेब्स की लोकेशन कैसे पता चलती है?
-PR टीम, लोकल सोर्स, सिक्योरिटी स्टाफ और सेलेब्स की डेली रूटीन के जरिए पैप्स को जानकारी मिलती है.
3. क्या पैपराजी कल्चर से सेलेब्स को फायदा होता है?
हां, इससे उन्हें पब्लिसिटी, सोशल मीडिया रीच और फिल्मों- ब्रैंड्स के प्रमोशन में मदद मिलती है.
4. कौन-कौन से स्टार्स पैपराजी कल्चर से नाराज हो चुके हैं?
जया बच्चन, आलिया भट्ट, अनुष्का शर्मा और करीना कपूर खान जैसे कई स्टार्स प्राइवेसी पर नाराजगी जता चुके हैं.
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