'जोरू का गुलाम' के डायरेक्टर नूरानी रेप केस में गिरफ्तार:एक्ट्रेस का आरोप-नशीली दवा दी, दुष्कर्म के बाद गर्भनिरोधक गोलियां देते थे; 2016 का मामला
फिल्म जोरू का गुलाम के डायरेक्टर 73 साल के शकील नूरानी को यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया है। 33 साल की एक्ट्रेस ने उन पर यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग समेत कई आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, ये मामला 2016 का है। घटना 2016 की, केस अब दर्ज हुआ मुंबई पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, एक्ट्रेस की शकील नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में लोखंडवाला में एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान हुई थी। उन्होंने उनसे आने वाले एक प्रोजेक्ट के बारे में बात की और काम के लिए संपर्क करने को कहा था। शिकायत के मुताबिक बाद में एक्ट्रेस स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए शकील नूरानी के मालवानी स्थित घर गई थीं। वहां नूरानी ने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक पीने को दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। बाद में FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई। होश आने पर वीडियो दिखाकर धमकाने का आरोप एक्ट्रेस ने FIR में आरोप लगाया कि होश आने के बाद शकील नूरानी ने उन्हें अपने मोबाइल पर एक्ट्रेस का वीडियो दिखाया। उन्होंने धमकी दी कि पुलिस से संपर्क करने या परिवार को जानकारी देने पर वह वीडियो सर्कुलेट कर देंगे। एक्ट्रेस का आरोप है कि नूरानी ने इसी कथित वीडियो के जरिए उन्हें धमकाया और कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने यह भी कहा कि यौन संबंधों के बाद नूरानी उन्हें बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां देते थे। सातारा के फार्महाउस से हुई गिरफ्तारी FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि नूरानी सातारा जिले के मेधा इलाके में स्थित एक फार्महाउस में रह रहे हैं। मालवानी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद नूरानी 40 दिन तक छिपे रहे। पुलिस टीम ने अंधेरी के लोखंडवाला स्थित उनके बेटे के घर की तलाशी भी ली, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अधिकारी ने कहा, ‘टेक्निकल मदद से हमने उन्हें सातारा जिले के मेधा स्थित एक फार्महाउस में खोजा। मेधा पुलिस स्टेशन के हमारे साथियों ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद हमारी टीम ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।’ 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजे गए पुलिस ने शकील नूरानी को शनिवार को बोरीवली हॉलीडे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। डीसीपी (जोन 2) संदीप घुगे ने कहा कि पुलिस मामले में जानकारी जुटा रही है। वहीं, मीडिया से बातचीत में नूरानी के वकील विकास सिंह ने कहा कि मेरे क्लाइंट को झूठा फंसाया गया है। मामला अदालत में है, इसलिए कोई कमेंट नहीं करूंगा। संजय दत्त से विवाद हुआ था शकील नूरानी का संजय दत्त से एक फिल्म को लेकर विवाद हुआ था। मुंबई की एक अदालत ने शकील नूरानी को धमकाने के मामले में संजय दत्त के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। ------------------- बॉलीवुड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सनी देओल बोले- 1947 के बंटवारे में परिवार टूटकर संभले:उसे हमने फिल्म में दिखाया; बंटवारे का सबसे ज्यादा असर पंजाब में हुआ था बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने कहा कि उन्होंने 1947 के बंटवारे से जुड़ी कई कहानियां अपने बुजुर्गों से सुनी हैं। तब कई परिवार टूट गए थे। बाद में संभलने के लिए कैसे उन्होंने कश्मकश की, यही चीज हमने बंटवारा 1947 फिल्म में दिखाने की कोशिश की है। पूरी खबर पढ़ें…
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भड़के पीयूष मिश्रा:CJP प्रोटेस्ट पर सेलेब्स की चुप्पी पर कहा था- जिन कुत्तों के मुंह में हड्डी है वो चुप
सीनियर एक्टर पीयूष मिश्रा ने झारखंड प्रोटेस्ट में पहुंचकर नसीरुद्दीन शाह के एक बयान पर नाराजगी जाहिर कर उन पर कटाक्ष किया है। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह और अन्य सेलेब्स की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। झारखंड प्रोटेस्ट में शामिल हुए पीयूष मिश्रा ने कहा है, ‘नसीरुद्दीन शाह साहब, आपने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर सेलेब्स के कुछ न कहने पर एक बात कही थी कि जिन कुत्तों के मुंह में हड्डी है वह नहीं बोलेंगे। माफ करिएगा, मैं आपका प्रति पूरा सम्मान देकर पूछना चाहता हूं कि इस वक्त वो कौन कुत्ते हैं, जिनके मुंह में हड्डी है।’ क्या था नसीरुद्दीन शाह का पूरा बयान? कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से कहा था, सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा। झारखंड प्रोटेस्ट में पहुंचे पीयूष मिश्रा झारखंड की राजधानी रांची में परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शन के 16वें दिन अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा धरना स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों के बीच बैठकर उनका समर्थन किया। मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने कहा कि वे छात्रों के इंटरव्यू देखकर और उनकी आंखों में दर्द देखकर यहां आए हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म 'गुलाल' का प्रसिद्ध गाना 'आरंभ है प्रचंड' भी गाया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह दिखाई दिया। मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने रांची आने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि उनका यहां आने का कोई अन्य मकसद नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारी छात्रों के इंटरव्यू देखे थे। छात्रों की आंखों में दर्द, तकलीफ और आंसू देखकर उनसे रहा नहीं गया। दो दिन का समय खाली मिलते ही वे सीधे रांची आ गए। उन्होंने प्रोटेस्ट के लिए आर्थिक मदद देने की भी बात कही है।
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