भारतीय मूल की 11 साल की लड़की ब्रिटिश चेस चैंपियन:बोधन सिवानंदन ने रैपिड प्लेऑफ में खिताब जीता; 17 साल के श्रीयस रॉयल भी जीते
भारतीय मूल की 11 साल की बोधन सिवानंदन ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की महिला चेस चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने आयरलैंड की त्रिशा कन्यामराला को रैपिड चेस प्लेऑफ में हराकर ब्रिटिश चेस चैंपियनशिप का खिताब जीता। बोधन के अलावा भारतीय मूल के ही 17 साल के श्रीयस रॉयल ने भी चैंपियनशिप अपने नाम किया। श्रीयस ने नौ राउंड के बाद पॉइंट टेबल में सबसे ऊपर रहते हुए ओपन ब्रिटिश खिताब अपने नाम किया। 1 अगस्त को शुरु हुआ टूर्नामेंट रविवार को कोवेंट्री में खत्म हुआ। बोधन ने लॉकडाउन में चेस खेलना शुरु किया था बोधन ने कोविड महामारी के लॉकडाउन के दौरान पहली बार चेस खेलना शुरू किया था। उस समय उनके पिता के एक दोस्त भारत लौट रहे थे। उन्होंने उसे कुछ बैग दिए थे, जिनमें चेस बोर्ड भी था। नॉर्थ-वेस्ट लंदन की स्कूली छात्रा ने इसके बाद लगातार रिकॉर्ड बनाए। तेज फॉर्मेट में वह पहले ही यूके ओपन महिला ब्लिट्ज चैंपियन और संयुक्त ब्रिटिश महिला रैपिड चैंपियन बन चुकी हैं। बोधन को एकमात्र हार श्रीयस से मिली क्लासिकल फॉर्मेट के इस टूर्नामेंट की जीत के साथ 11 साल की बोधन ने तीनों फॉर्मेट में खिताब जीतने की उपलब्धि हासिल की। इस चैंपियनशिप में उन्हें एकमात्र हार छठे राउंड में श्रीयस रॉयल से मिली। श्रीयस ने पहली बार ब्रिटिश खिताब जीता श्रीयस ने पहला ब्रिटिश खिताब जीता है। उन्हें 15 साल की उम्र में इंग्लैंड का यंगेस्ट ग्रैंडमास्टर घोषित किया गया था। साउथ-ईस्ट लंदन में रहने वाले श्रीयस टूर्नामेंट में खिताब की दौड़ में शामिल थे। श्रीयस का जन्म भारत के बेंगलुरु में हुआ था। तीन साल की उम्र में वह माता-पिता जितेंद्र और अंजू सिंह के साथ ब्रिटेन चले गए थे। ब्रिटिश चेस चैंपियनशिप 122 साल पुराना ब्रिटिश चेस चैंपियनशिप 122 साल पुराना है। यह ब्रिटेन का सबसे बड़ा चेस टूर्नामेंट है। इस साल ओपन चैंपियनशिप के लिए 1,750 से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। विजेताओं को 34 हजार पाउंड की इनामी राशि दी गई। ----------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2027 वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट पर स्कॉटलैंड-नीदरलैंड्स नाराज:ICC पर अपमान का आरोप; 3 स्टेज में होगा टूर्नामेंट, 14 टीमें खेलेंगी 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर ICC और एसोसिएट देशों के बीच विवाद शुरू हो गया है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के नए फॉर्मट पर आपत्ति जताई है। पूरी खबर पढ़ें…
2027 वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट पर स्कॉटलैंड-नीदरलैंड्स नाराज:ICC पर अपमान का आरोप; 3 स्टेज में होगा टूर्नामेंट, 14 टीमें खेलेंगी
2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर ICC और एसोसिएट देशों के बीच विवाद शुरू हो गया है। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के नए फॉर्मट पर आपत्ति जताई है। दोनों बोर्ड ने ICC पर फैसले लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कम समय में किए गए बदलावों से इंटरनेशनल क्रिकेट की विश्वसनीयता और निष्पक्षता कमजोर हो सकती है। 14 टीमें खेलेंगी, टूर्नामेंट 3 स्टेज में होगा वनडे वर्ल्ड कप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। ICC ने टूर्नामेंट के लिए नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट मंजूर किया है। पहले स्टेज में रैंकिंग की 12वीं, 13वीं और 14वीं टीमों के बीच सुपर सीरीज होगी। इनमें से सिर्फ एक टीम अगले चरण में पहुंचेगी। इसके बाद 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें अगले स्टेज में जाएंगी। चौथे स्थान पर रहने वाली दोनों टीमों में से बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम भी अगले राउंड में पहुंचेगी। इस तरह कुल 7 टीमें सुपर-7 राउंड खेलेंगी। सुपर-7 में सभी सात टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। इसके बाद टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल जीतने वाली दो टीमें फाइनल खेलेंगी। स्कॉटलैंड-नीदरलैंड्स के लिए बढ़ी मुश्किल नए फॉर्मेट का असर स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स जैसी एसोसिएट टीमों पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है। दोनों बोर्ड के मुताबिक, ऐसी टीमों को मुख्य वर्ल्ड कप तक पहुंचने के लिए कई स्टेज से गुजरना होगा। एसोसिएट टीमों को पहले वर्ल्ड कप क्वालिफायर खेलना होगा। इसके बाद जरूरत पड़ने पर तीन टीमों की सुपर सीरीज। फिर 12 टीमों वाले मुख्य ग्रुप स्टेज में जगह बनाने की चुनौती। अचानक बदलाव से प्लानिंग और बजट प्रभावित होंगे स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने कहा कि टूर्नामेंट का ढांचा कम समय में बदलने से उन्हें मुश्किलात का सामना करना पड़ेगा। लंबे समय की प्लानिंग प्रभावित होगी। इसके अलावा सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे क्रिकेट बोर्डों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल और वित्तीय दबाव पड़ेगा। वर्ल्ड कप के नए ढांचे का फैसला ICC की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में हुआ था। यह कॉन्फ्रेंस जून में एडिनबर्ग में हुई थी। हालांकि, कॉन्फ्रेंस में मौजूद होने के बावजूद लगभग सभी एसोसिएट सदस्यों को इन बदलावों के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी। यही बात अब विवाद का बड़ा कारण बन गई है। दो बार ICC से मिले, फिर भी जवाब नहीं मिला क्रिकेट स्कॉटलैंड ने बताया कि उन्होंने ICC के साथ दो बार बैठक की। दोनों बैठकों में उन्होंने बदलावों को लेकर आधिकारिक लिखित जानकारी मांगी। उन्होंने फैसले लेने की प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग भी की। इसके अलावा दोनों बोर्ड ने भविष्य की बाइलेटरल प्लानिंग मीटिंग्स में एसोसिएट सदस्यों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा।लेकिन दूसरी बैठक के बाद दो सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया और ICC की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। दोनों बोर्ड ने इसे निराशाजनक और अपमान बताया। विरोध के बावजूद स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने कहा कि वे ICC के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन भी जता चुका है चिंता 2027 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर यह पहली आपत्ति नहीं है। पिछले महीने वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने भी ICC के फैसले पर चिंता जताई थी। अब स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के विरोध के बाद नए फॉर्मेट को लेकर बहस और तेज हो गई है। 2027 वर्ल्ड कप की मेजबानी 3 देशों के पास 2027 वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। ICC ने टूर्नामेंट के लिए 12 मेजबान शहरों का ऐलान किया है। इनमें सबसे ज्यादा 8 वेन्यू साउथ अफ्रीका में होंगे। जिम्बाब्वे के 3 शहरों और नामीबिया की राजधानी विंडहोक में भी मुकाबले खेले जाएंगे। फाइनल मुकाबला जोहानसबर्ग के वांडरर्स या केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में होने की संभावना है। 24 साल बाद अफ्रीका में लौटेगा वनडे वर्ल्ड कप वनडे वर्ल्ड कप 24 साल बाद अफ्रीका लौट रहा है। इससे पहले 2003 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने मिलकर वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। इसके बाद साउथ अफ्रीका 2007 टी-20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी कर चुका है। नामीबिया पहली बार किसी सीनियर ICC टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। हालांकि, इसी साल नामीबिया ने जिम्बाब्वे के साथ मिलकर अंडर-19 वर्ल्ड कप का आयोजन किया था। 54 में से 41 मैच साउथ अफ्रीका में हो सकते हैं वर्ल्ड कप में कुल 54 मुकाबले होंगे। इनमें से कम से कम 41 मैच साउथ अफ्रीका में खेले जाने की संभावना है। जिम्बाब्वे को 7 से 10 मैच मिल सकते हैं। नामीबिया में कम से कम 3 मुकाबले खेले जाएंगे। वहीं, बेनोनी और पोटचेफस्ट्रूम को वॉर्म-अप मैचों के वेन्यू के तौर पर चुना गया है। मेजबान टीमों में नामीबिया की स्थिति अलग साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे ICC के फुल मेंबर हैं। इसलिए दोनों टीमें सीधे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं। तीसरे मेजबान नामीबिया को क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह टूर्नामेंट 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट भी होगा। वर्ल्ड कप क्वालिफायर 21 फरवरी से 23 मार्च तक ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर की तारीखें भी तय कर दी हैं। 10 टीमों वाला यह टूर्नामेंट 21 फरवरी से 23 मार्च 2027 तक खेला जाएगा। हालांकि, इसकी मेजबानी किस देश को मिलेगी, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है। इस बार क्वालिफायर का फॉर्मेट भी बदला गया है। क्वालिफायर जीतने वाली टीम को 14 टीमों वाले वर्ल्ड कप के मेन ग्रुप में सीधे एंट्री मिलेगी। क्वालिफायर में 10 टीमें खेलेंगी क्वालिफायर में कुल 10 टीमें उतरेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 की वनडे रैंकिंग कट-ऑफ तक साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को छोड़कर सबसे नीचे रहने वाली 2 फुल मेंबर टीमें शामिल होंगी। वर्ल्ड कप क्वालिफायर प्लेऑफ से आने वाली 4 टीमें भी इसमें शामिल होंगी। इस तरह कुल 10 टीमें क्वालिफायर में उतरेंगी। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सरफराज खान 2 साल बाद भारतीय टीम में शामिल बैटर सरफराज खान को दो साल बाद टीम इंडिया में जगह मिली है। उन्हें श्रीलंका दौर पर चोटिल साई सुदर्शन की जगह शामिल किया गया। BCCI ने रविवार शाम को इसकी जानकारी दी। पूरी खबर…
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