जुलाई 2026 से कर्मचारियों का 2 या 3 प्रतिशत बढ़ेगा DA? जानें अबतक के आंकड़े किस ओर कर रहे इशारा
केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार (जनवरी और जुलाई) केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करती हैं। यह आंकड़े हर साल जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं।
जनवरी में श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा AICPI-IW के जुलाई से दिसंबर 2025 तक के आंकड़े जारी किए हैं, जिसके आधार पर अप्रैल महीने में केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि की गई है। यह डीए बढ़ोतरी 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद पहली समीक्षा है। अब जनवरी से जून 2026 तक आंकड़ों के आधार पर अगली वृद्धि की जाएगी।
अबतक जनवरी से अप्रैल 2026 तक के AICPI इंडेक्स के अंक जारी हो चुके है जिसके बाद अंक 149.9 और डीए स्कोर 62% के आसपास पहुंचा है। फिलहाल मई व जून के अंक आना बाकी है जिसके बाद स्पष्ट हो पाएगा कि जुलाई 2026 से डीए में कितनी वृद्धि होगी। यदि मई और जून 2026 के महीनों में भी आंकड़े इसी ट्रेंड में रहे और स्कोर 63.72% के आसपास पहुंचा तो 3% वृद्धि तय है। चूंकि डीए की गणना दशमलव को छोड़कर केवल पूर्णांक संख्या में की जाती है।
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 60% महंगाई भत्ते व महंगाई राहत (जो जनवरी 2026 से प्रभावी है) का लाभ मिल रहा है। अगर जुलाई 2026 से 3 % महंगाई भत्ता बढ़ता है तो डीए की दर के 60% से बढ़कर 63% पहुंचने का अनुमान है। इसका लाभ करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनर्स को मिलने की उम्मीद है।
इस बढोतरी के बाद अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में अलग-अलग वृद्धि होगी। लेवल-1 कर्मचारी जिसका न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपए है, जिन्हें वर्तमान में 60% महंगाई भत्ता के हिसाब से प्रति माह 10,800 मिलते हैं और 63% होने पर यह 11,340 होगा यानि हर महीने वेतन में 540 रुपए की वृद्धि होगी। न्यूनतम बेसिक पेंशन 9,000 प्राप्त करने वाले पेंशनभोगियों को 5,400 (60%) महंगाई राहत की जगह 5,670 (63%) रुपए मिलेंगे यानि हर महीने 270 की अतिरिक्त राशि मिलेगी।
कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना?
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है, इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- आसान शब्दों में कहें तो केंद्र सरकार 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के नियमों के तहत पिछले 12 महीनों के AICPI-IW इंडेक्स के औसत के आधार पर DA तय करती है (चुंकी अबतक 8वां वेतन आयोग लागू नहीं हुआ है)। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है।
- फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]
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