'भगोड़ा' बुलाए जाने पर ललित मोदी ने राहुल गांधी को लिया आड़े हाथ, भारत सरकार को याद कर कहा- 'मेरे खिलाफ कोई केस नहीं है'
Lalit Modi : इंडियन प्रीमियर लीग के फाउंडर और पहले चेयरमैन ललित मोदी पर अक्सर कई गंभीर इल्जाम लगते रहते हैं. वो भारत से छोड़कर विदेश में रह रहे हैं. इसके लिए उन्हें अलोचना का सामना करना पड़ता है. ललित मोदी को 'भगोड़ा' कहकर भी बुलाया जाता है. अब भगोड़ा टैग पर उन्होंने खुलकर बात की है, उन्होंने एएनआई के साथ बात करते हुए अपने ऊपर लगे इल्जामों पर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने क्या कहा है, आइए इस बारे में जानते हैं.
भगोड़ा बुलाए जाने पर बोले ललित मोदी
'भगोड़ा' पर ललित मोदी ने कहा कि, 'मैं बिल्कुल भी भाग नहीं रहा. भारत सरकार के हाथ लंबे हैं. आप भारत सरकार से नहीं भिड़ सकते और मेरा ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है. मैं ऐसा करना भी नहीं चाहता हूं. मेरे खिलाफ एक भी केस रजिस्टर नहीं हुआ है. क्यों? अगर मैं इतना बुरा रहा हूं और सब कहते हैं कि मैं इतना बुरा हूं, तो मुझ पर केस चलाओ. एक समय था जब मैं वापस आना चाहता था लेकिन वापस आकर क्या करूं? मुझे किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है. अगर कुछ होता, तो वह बाहर आ जाता, मैंने 17 साल में जो कुछ भी किया है, या कर सकता था, वह पहले ही साफ हो चुका होता. इसीलिए मेरे खिलाफ कोई केस नहीं है'.
#WATCH | On the 'fugitive' tag, IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "I'm not running at all... The Indian government has a long arm. You can't take on the government of India. And I don't intend to, and I don't want to... Not a single case against me has been… pic.twitter.com/zwqALNoY1g
— ANI (@ANI) June 4, 2026
उन्होंने आगे कहा कि, 'मुझे सच पता है, मेरे दोस्तों को सच पता है. नाम साफ करने में क्या है? अगर 17 साल से हम अपने नाम साफ नहीं कर पाए हैं और कोई आपको वही कहता रहता है जो वह कहता आ रहा है, तो आप बस उसके साथ जीते हैं और आगे बढ़ते हैं. हम इस पर हंसते हैं. मुझे दुनिया के चिदंबरम या दुनिया के राहुल गांधी की परवाह नहीं है. चिदंबरम ही वजह हैं कि यह सब गड़बड़ हो गया. यह सब गड़बड़ तब हुई जब मैंने आईपीएल को साउथ अफ्रीका शिफ्ट किया. मैं हर सरकार के साथ बहुत दोस्ताना था. चिदंबरम ने मुझे धमकी दी और नहीं चाहते थे कि मैं ऐसा करूं. उस समय बीजेपी सरकार वाले राज्यों ने मुझे बीजेपी वाले राज्य में मैच कराने की इजाजत दी क्योंकि कांग्रेस सरकार ने कहा था कि हम कांग्रेस वाले राज्य में इजाजत नहीं देंगे. मैंने इसे साउथ अफ्रीका शिफ्ट करने से पहले 154 बार शेड्यूल बदला. अगले साल मैं वापस आया और सुनंदा के साथ शशि थरूर वाला मामला हुआ और मैंने शशि थरूर को गिरा दिया. उनकी नौकरी चली गई फिर सब हर तरफ से मुझ पर बंदूकें तान दी गईं'.
#WATCH | IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "I know the truth, my friends know the truth. What is there in name clearing? If for 17 years we haven't been able to clear our names, and somebody keeps calling you what they have been calling you, you just live with it… pic.twitter.com/uTypoUmibi
— ANI (@ANI) June 4, 2026
ललित मोदी ने राहुल गांधी पर बोली बड़ी बात
ललित मोदी ने राहुल गांधी के बारे में कहा कि, 'मुझे डर इस बात का है कि कुछ लोग हैं जिन्हें मैंने नाराज किया है, और वे पॉलिटिक्स से जुड़े हैं. चाहे वे अपोजिशन में हों या कहीं और, वे मुझसे कोई न कोई नाराजगी रखते हैं. उनका काफी असर भी है.अगर आप पार्लियामेंट में राहुल गांधी के भाषण देखें, तो जब भी कोई इलेक्शन होता है या कोई मुद्दा आता है, वे हमेशा मुझ पर हमला करते हैं. कांग्रेस सरकार मुझ पर हमला क्यों कर रही है?
#WATCH राहुल गांधी के बारे में IPL के संस्थापक और पहले चेयरमैन ललित मोदी ने कहा, "मुझे जिस बात का डर है, वह यह है कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें मैंने नाराज़ कर दिया है और वे राजनीति से जुड़े हैं। चाहे वे विपक्ष में बैठते हों या कहीं और, वे मेरे खिलाफ़ कोई न कोई खुन्नस रखते हैं। उनका… pic.twitter.com/AvR6TYyraF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 4, 2026
बच्चों को लेकर बोली ये बड़ी बात
ललित मोदी ने आगे कहा कि, 'मेरे बच्चे जो मेरे लिए सबसे जरूरी हैं, जिनके साथ मैंने क्रिकेट की वजह से अपनी ज़िंदगी का ज्यादातर हिस्सा नहीं बिताया और मैंने क्रिकेट के लिए अपने देश के लिए खेल को सब कुछ दिया. मैं उनके बड़े होने से चूक गया. उन्होंने पूरी तरह से नरक जैसा अनुभव किया. उन्हें सताया गया. बड़े होते हुए उनकी जिंदगी बहुत दुख भरी रही'.
#WATCH | IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "My children, who are most important to me, who I missed out spending most of my life because of cricket, and I gave everything for cricket, for our country, to the game. I missed out on them growing up. They went through… pic.twitter.com/VnFOzvze67
— ANI (@ANI) June 4, 2026
आईपीएल का विचार सबसे पहले ललित मोदी के मन में आया. इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई के साथ मिलकर इस धरातल पर उतारा और साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग का सफल आयोजन कराया. इसके बाद उन पर पैसों के गवन का आरोप लगा और वो देश छोड़कर भाग गए.
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स्पेस से वापसी के बाद क्यों जरूरी है रिहैबिलिटेशन? एस्ट्रोनॉट्स के लिए चुनौती से कम नहीं
नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। स्पेस की यात्रा जितनी रोमांचक होती है, पृथ्वी पर लौटने के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में लाना उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है। लंबे समय तक कम गुरुत्वाकर्षण वाले वातावरण यानी माइक्रोग्रैविटी में रहने के कारण एस्ट्रोनॉट्स के शरीर में कई बदलाव आ जाते हैं। यही वजह है कि स्पेस मिशन से लौटने के बाद एस्ट्रोनॉट्स के लिए रिहैबिलेशन (पुनर्वास) बेहद जरूरी माना जाता है।
एस्ट्रोनॉट शुभांशु शक्ला ने इंस्टाग्राम पर किए पोस्ट के जरिए एस्ट्रोनॉट्स के रिहैबिलेशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से लौटने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लिए मिशन पूरा होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती उनके अपने शरीर को फिर से पृथ्वी के सामान्य माहौल में ढालने की होती है। लंबे समय तक माइक्रोग्रैविटी में रहने के बाद शरीर को दोबारा पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का एहसास कराना आसान नहीं होता। इसीलिए स्पेस मिशन के बाद रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) कार्यक्रम बेहद जरूरी हो जाता है।
शुभांशु शक्ला ने बताया, जब आप हफ्तों या महीनों तक अंतरिक्ष में रहते हैं, तो शरीर ऐसे माहौल का आदी हो जाता है जहां ऊपर-नीचे का कोई खास फर्क नहीं रहता। गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, हड्डियां घनत्व खोने लगती हैं, संतुलन बिगड़ जाता है और रक्त संचार भी प्रभावित होता है। पृथ्वी पर लौटते ही शरीर को अचानक भारीपन का एहसास होता है, जिससे चलना-फिरना, खड़े होना और सामान्य काम करना भी मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में पोस्ट फ्लाइट रिहैबिलिटेशन एक वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया कार्यक्रम है। इसे हर एस्ट्रोनॉट की उम्र, मिशन की अवधि और शारीरिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग बनाया जाता है। इसमें धीरे-धीरे व्यायाम शुरू किए जाते हैं। शुरुआत में हल्के स्ट्रेचिंग और बैलेंसिंग एक्सरसाइज होती हैं। बाद में ताकत बढ़ाने वाले वेट ट्रेनिंग, कार्डियो व्यायाम और कोऑर्डिनेशन सुधारने वाले अभ्यास शामिल किए जाते हैं। विशेषज्ञ प्रशिक्षक पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते हैं और धीरे-धीरे व्यायाम बढ़ाते रहते हैं।
शुभांशु शक्ला ने अपने प्रशिक्षक एमिल का जिक्र करते हुए बताया कि कई बार उन्हें लगता था कि प्रशिक्षक उन्हें गिराने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं। लेकिन यही तरीका है सीखने का। गिरकर, लड़खड़ाकर और फिर संभलकर शरीर को दोबारा मजबूत बनाया जाता है। रिहैबिलिटेशन का मुख्य लक्ष्य एस्ट्रोनॉट को फिर से सामान्य जीवन में लाना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के चल-फिर सकें और भविष्य के मिशनों के लिए तैयार रहें।
इस प्रक्रिया में फिजियोथेरेपी, न्यूट्रिशन डाइट, मांसपेशियों की मॉनिटरिंग और मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाता है। कई एस्ट्रोनॉट्स को शुरू के कुछ हफ्तों में चक्कर आने, थकान और जोड़ों के दर्द की शिकायत होती है, जिसे रिहैबिलिटेशन के जरिए धीरे-धीरे ठीक किया जाता है।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
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