Responsive Scrollable Menu

मूवी रिव्यू- पेड्डी:पहचान की लड़ाई को दमदार अंदाज में दिखाती है फिल्म, राम चरण के करियर की बेस्ट परफॉर्मेंस, फर्स्ट हाफ स्लो, लेकिन कहानी असरदार

स्टार- 3.5/5 रनटाइम- 3 घंटे 8 मिनट कास्ट- राम चरण, जान्हवी कपूर, जगपति बाबू कई बार कुछ फिल्में कहानी से ज्यादा अपने जज्बातों के लिए याद रखी जाती हैं। पेड्डी भी ऐसी ही फिल्म है। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की आवाज है जिनकी मौजूदगी तक सरकारी कागजों में दर्ज नहीं है। राम चरण और निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने एक बड़े व्यावसायिक कैनवास पर पहचान, सम्मान और हक की लड़ाई को पेश करने की कोशिश की है। फिल्म हर मोड़ पर परफेक्ट नहीं है, लेकिन जब यह दिल पर वार करती है तो असर छोड़ जाती है। कैसी है फिल्म की कहानी? विजयनगरम जिले की पहाड़ियों के नीचे बसा एक गांव ऐसा है जिसका कोई सरकारी अस्तित्व नहीं है। वहां रहने वाले लोगों के पास पहचान नहीं, वोट देने का अधिकार नहीं और बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। पेड्डी इसी गांव का रहने वाला युवक है। वह गुड़ की फैक्ट्री में काम करता है और स्थानीय क्रिकेट मैचों में पैसे लेकर खेलने जाता है। गांव के बुजुर्ग अप्पलासूरी सालों से अपने गांव के लिए रेलवे स्टेशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज कोई नहीं सुनता। एक दर्दनाक घटना के बाद पेड्डी इस लड़ाई को अपना मिशन बना लेता है। क्रिकेट से शुरू हुआ उसका सफर कुश्ती और फिर एथलेटिक्स तक पहुंचता है। सवाल सिर्फ एक रेलवे स्टेशन का नहीं रह जाता, बल्कि पूरे गांव को पहचान दिलाने का बन जाता है। पेड्डी इस लड़ाई को कैसे अंजाम देता है, यही फिल्म की मुख्य कहानी है। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? राम चरण ने अपने करियर की सबसे परिपक्व और समर्पित परफॉर्मेंस दी है। उनका शारीरिक बदलाव, अलग बोली पर पकड़ और भावनात्मक दृश्यों में दिखाई गई ईमानदारी प्रभावित करती है। खासकर दूसरे हिस्से में उनका अभिनय कई जगह आंखें नम कर देता है। शिव राजकुमार सीमित लेकिन प्रभावी भूमिका में नजर आते हैं। उनके और राम चरण के बीच गुरु शिष्य वाला रिश्ता फिल्म की बड़ी ताकत बनकर उभरता है। जगपति बाबू ने अपने किरदार में भावनात्मक गहराई लाने की कोशिश की है। हालांकि कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा नाटकीय लगते हैं। जाह्नवी कपूर के हिस्से में ज्यादा कुछ करने को नहीं है। उनका किरदार कहानी के मुख्य मुद्दे से लगभग कटा हुआ महसूस होता है। एक मजबूत भूमिका बनने की संभावना थी, लेकिन लेखन ने उन्हें सिर्फ प्रेम कहानी तक सीमित कर दिया। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन? बुच्ची बाबू सना की सबसे बड़ी ताकत भावनाओं को पर्दे पर जीवंत करना है। फिल्म का मूल विचार बेहद दमदार है और दूसरे हिस्से में निर्देशक इस विचार को मजबूती से पकड़कर रखते हैं। कुश्ती वाले दृश्य और अंतिम आधा घंटा फिल्म का सबसे प्रभावशाली हिस्सा है। हालांकि पहले हिस्से में कहानी कई बार भटकती है। रोमांस और कुछ व्यावसायिक मसाला दृश्य फिल्म की रफ्तार को धीमा करते हैं। तीन घंटे से ज्यादा की अवधि भी कुछ जगह महसूस होती है। तकनीकी पक्ष मजबूत है। रत्नवेलु की सिनेमैटोग्राफी गांव, खेल के मैदान और भावनात्मक दृश्यों को खूबसूरती से कैद करती है। प्रोडक्शन डिजाइन भी फिल्म को वास्तविकता के करीब रखता है। हालांकि कुछ दृश्य प्रभाव अपेक्षित स्तर के नहीं लगते। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? ए आर रहमान का संगीत फिल्म की आत्मा है। गाने कहानी का हिस्सा बनकर आते हैं और पृष्ठभूमि संगीत कई दृश्यों के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है। खासकर भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्यों में उनका काम फिल्म को ऊंचाई देता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? पेड्डी एक ऐसी फिल्म है जो तर्क से ज्यादा भावनाओं के सहारे चलती है। इसमें कई कमियां हैं, कुछ सवाल भी अनुत्तरित रह जाते हैं, लेकिन फिल्म का दिल सही जगह पर है। राम चरण का शानदार अभिनय, दमदार क्लाइमैक्स और पहचान की लड़ाई पर आधारित भावनात्मक कहानी इसे देखने लायक बनाती है। अगर आपको खेल, संघर्ष और इंसानी जज्बातों से जुड़ी कहानियां पसंद हैं तो पेड्डी आपको निराश नहीं करेगी।

Continue reading on the app

ट्रंप की नेतन्याहू को वो 'क्रेज़ी' फ़ोन कॉल जिसने ईरान के साथ बातचीत को मुश्किल बना दिया

इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ तनाव की ख़बरों को हंस कर टाल दिया लेकिन यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के धैर्य की परीक्षा ली हो.

Continue reading on the app

  Sports

लॉर्ड्स में तेज गेंदबाजों का भौकाल, पहले ही दिन गिरे 16 विकेट, इंग्लैंड को ढेर करने के बाद कीवियों का भी हाल-बेहाल

England vs New Zealand lord's test Day 1: लॉर्ड्स में खेले जा रहे इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच पहले टेस्ट का पहला दिन गेंदबाजों के नाम रहा. टॉस जीतकर फील्डिंग का फैसला करने के बाद न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड को सिर्फ 140 रन पर ही समेट दिया. काइल जैमिसन ने पंजा खोलकर इंग्लैंड की धज्जियां उड़ाईं. जब बारी कीवी टीम के बैटिंग करने की आई तो ओली रॉबिन्सन अकेले ही भारी पड़ते नजर आए. Fri, 5 Jun 2026 00:53:48 +0530

  Videos
See all

Khan Sir Coaching Attacked: खान सर की गिरफ्तारी पर बहुत बड़ी खबर! | Coaching Firing #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-04T19:00:35+00:00

Iran America War Update: ईरान जंग पर अमेरिका में ही घिर गए ट्रंप! | News | Trump | Breaking | Trump #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-04T19:30:20+00:00

Will AI crown the World Cup winners? | BBC News #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-04T19:30:16+00:00

Smart tech could make exam cheating "harder to detect". #Cheating #Exams #BBCNews #tmktech #vivo #v29pro
2026-06-04T18:58:45+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers