EPFO: FY26 में ईपीएफओ ने रिकॉर्ड 8.31 करोड़ क्लेम निपटाए, चेक की फोटो अपलोड करने की जरूरत खत्म
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 8.31 करोड़ से अधिक क्लेम का निपटारा किया। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 39 फीसदी अधिक है। सरकार का कहना है कि डिजिटल सिस्टम में बड़े बदलाव और ऑनलाइन प्रक्रिया को आसान बनाने की वजह से क्लेम निपटान की रफ्तार बढ़ी है।
साथ ही, अब ऑनलाइन क्लेम के लिए चेक की फोटो या बैंक पासबुक की सत्यापित कॉपी अपलोड करने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है, जिससे करोड़ों कर्मचारियों को राहत मिली है।
FY26 में 8.31 करोड़ क्लेम का निपटारा
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा के मानसून सत्र में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ईपीएफओ ने 83094388 क्लेम का निपटारा किया। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2024-25 में 6,01,59,608 क्लेम निपटाए गए थे। यानी एक साल में क्लेम निपटान में 38.12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह जानकारी सांसद मीनाक्षी जैन के सवाल के जवाब में संसद में दी गई।
ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया हुई आसान
सरकार ने अप्रैल 2025 से EPFO के ऑनलाइन क्लेम प्रोसेस में बड़ा बदलाव किया है। अब क्लेम दाखिल करते समय कर्मचारियों को चेक की फोटो या बैंक पासबुक की सत्यापित कॉपी अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी।
सरकार के अनुसार इस फैसले से अब तक करीब 7 करोड़ EPFO सदस्यों को फायदा मिला है। खराब या अस्पष्ट दस्तावेज अपलोड होने के कारण क्लेम रिजेक्ट होने की समस्या भी काफी हद तक कम हुई है।
नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर अब होगा ऑटोमैटिक
ईपीएफओ ने हाल ही में सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेस (CITES) प्रोजेक्ट के तहत अपने सदस्य डेटाबेस को केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट किया है। इसके बाद अब नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों का पीएफ बैलेंस और सर्विस हिस्ट्री अपने आप नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।
पहले कर्मचारियों को पुराने और नए नियोक्ता की मंजूरी के साथ अलग से PF ट्रांसफर आवेदन देना पड़ता था, जिससे प्रक्रिया में काफी समय लगता था।
7 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को मिलेगा फायदा
8 जुलाई को शुरू किए गए CITES प्रोजेक्ट का उद्देश्य ईपीएफओ की सभी सेवाओं को डिजिटल और तेज बनाना है। इससे 7 करोड़ से अधिक सक्रिय ईपीएफओ सदस्य और 80 लाख से ज्यादा पेंशनधारक लाभान्वित होंगे। सरकार का मानना है कि इससे क्लेम प्रक्रिया पारदर्शी होगी, समय बचेगा और कर्मचारियों को अपनी बचत तक जल्दी पहुंच मिल सकेगी।
(प्रियंका कुमारी)
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