पहाड़ों से टकराकर 15 किलोमीटर ऊपर गए बादल और भद्रवाह में फट पड़ा आसमान, सैलाब देखकर सहम गए लोग
जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह में गुरुवार शाम अचानक भयानक फ्लैश फ्लड आ गया. इसका कारण 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचे क्युमुलोनिम्बस बादल थे. पहाड़ों से टकराकर इन बादलों ने भयानक रूप ले लिया. इसके बाद चंद मिनटों में ही भारी बारिश शुरू हो गई. बादलों में पानी का भार इतना ज्यादा था कि आसमान से आफत बरस पड़ी. इस तबाही ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है.आर्टिकलजम्मू-कश्मीर के भद्रवाह में गुरुवार शाम भयानक बारिश ने तबाही मचा दी. यहां 15 किलोमीटर की ऊंचाई वाले क्युमुलोनिम्बस बादलों ने फ्लैश फ्लड ला दिया. चंद मिनटों में ही पूरे इलाके में सैलाब आ गया. मौसम विज्ञानियों के अनुसार यह एक बेहद गहरा और इंटेंस स्टॉर्म था.पहाड़ों के बीच स्थित भद्रवाह का मौसम अचानक से बदल गया. इस खौफनाक बारिश से लोग सहम गए और हर तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा.15 किलोमीटर ऊंचे बादलों का विज्ञान क्या है?क्युमुलोनिम्बस बादल वायुमंडल के वर्टिकल जायंट्स होते हैं. ये बादल ट्रोपोस्फीयर की पूरी गहराई तक फैल सकते हैं. गंभीर तूफान के दौरान गर्म और नम हवा तेजी से ऊपर उठती है. इससे बादल 15 किलोमीटर या उससे भी ऊपर पहुंच जाते हैं. जब ये बादल ट्रोपोपॉज से टकराते हैं तो इनका आकार बदल जाता है. इसके बाद ये ऊपर जाने के बजाय बाहर की तरफ फैलने लगते हैं.भद्रवाह के पहाड़ों ने इस तूफान को कैसे भड़काया?डोडा जिले के पहाड़ी इलाके में स्थित भद्रवाह इस तरह के एक्सट्रीम वेदर का शिकार आसानी से बन जाता है. पहाड़ यहां औरोग्राफिक लिफ्टिंग के जरिए उत्प्रेरक का काम करते हैं. जब तेज हवाएं नम हवा को पहाड़ों की तरफ धकेलती हैं, तो हवा ऊपर की ओर उठने को मजबूर हो जाती है.यह बादलों की वर्टिकल ग्रोथ को बहुत तेजी से बढ़ा देता है. 15 किलोमीटर ऊंचे इस बादल में पानी और बर्फ का विशाल भंडार था. पानी का भार सह न पाने के कारण बादल फट पड़े और भद्रवाह में अचानक फ्लैश फ्लड आ गया.जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह में गुरुवार शाम अचानक भयानक फ्लैश फ्लड आ गया. इसका कारण 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचे क्युमुलोनिम्बस बादल थे. पहाड़ों से टकराकर इन बादलों ने भयानक रूप ले लिया. इसके बाद चंद मिनटों में ही भारी बारिश शुरू हो गई. बादलों में पानी का भार इतना ज्यादा था कि आसमान से आफत बरस पड़ी. इस तबाही ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है.आर्टिकलजम्मू-कश्मीर के भद्रवाह में गुरुवार शाम भयानक बारिश ने तबाही मचा दी. यहां 15 किलोमीटर की ऊंचाई वाले क्युमुलोनिम्बस बादलों ने फ्लैश फ्लड ला दिया. चंद मिनटों में ही पूरे इलाके में सैलाब आ गया. मौसम विज्ञानियों के अनुसार यह एक बेहद गहरा और इंटेंस स्टॉर्म था.पहाड़ों के बीच स्थित भद्रवाह का मौसम अचानक से बदल गया. इस खौफनाक बारिश से लोग सहम गए और हर तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा.15 किलोमीटर ऊंचे बादलों का विज्ञान क्या है?क्युमुलोनिम्बस बादल वायुमंडल के वर्टिकल जायंट्स होते हैं. ये बादल ट्रोपोस्फीयर की पूरी गहराई तक फैल सकते हैं. गंभीर तूफान के दौरान गर्म और नम हवा तेजी से ऊपर उठती है. इससे बादल 15 किलोमीटर या उससे भी ऊपर पहुंच जाते हैं. जब ये बादल ट्रोपोपॉज से टकराते हैं तो इनका आकार बदल जाता है. इसके बाद ये ऊपर जाने के बजाय बाहर की तरफ फैलने लगते हैं.भद्रवाह के पहाड़ों ने इस तूफान को कैसे भड़काया?डोडा जिले के पहाड़ी इलाके में स्थित भद्रवाह इस तरह के एक्सट्रीम वेदर का शिकार आसानी से बन जाता है. पहाड़ यहां औरोग्राफिक लिफ्टिंग के जरिए उत्प्रेरक का काम करते हैं. जब तेज हवाएं नम हवा को पहाड़ों की तरफ धकेलती हैं, तो हवा ऊपर की ओर उठने को मजबूर हो जाती है.यह बादलों की वर्टिकल ग्रोथ को बहुत तेजी से बढ़ा देता है. 15 किलोमीटर ऊंचे इस बादल में पानी और बर्फ का विशाल भंडार था. पानी का भार सह न पाने के कारण बादल फट पड़े और भद्रवाह में अचानक फ्लैश फ्लड आ गया.
MahaRajyog 2026: 11 अगस्त को ग्रहों का महासंयोग...इन 6 राशियों के चमकेंगे भाग्य, व्यापारियों को होगा लाभ; समाज में मिलेगा मान-सम्मान
वैदिक ज्योतिष के अनुसार 11 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक व ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने जा रहा है। इस दिन चंद्रमा के कर्क राशि में गोचर करते ही सूर्य, बुध, देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा का एक साथ अद्भुत मिलन होगा। एक ही राशि में चार प्रमुख ग्रहों के आने से 'चतुर्ग्रही योग' और गुरु-चंद्र की युति से 'गजकेसरी महाराजयोग' का निर्माण हो रहा है। आइए जानते हैं।
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