चंडीगढ़ में इनड्राइव का लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड:एसडीए की बड़ी कार्रवाई, आज से आर्डर लागू, पहले ओला पर हुआ एक्शन
चंडीगढ़ में राइड-शेयरिंग ऐप इनड्राइव का इस्तेमाल करने वाले लोग अलर्ट हो जाए। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने एम/एस इंडसिस्टम्स आईटी प्राइवेट लिमिटेड (इनड्राइव) पर बड़ा एक्शन किया है। कंपनी का एग्रीगेटर लाइसेंस 6 महीने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब 4 प्वाइंट में जानिए क्या कहां आदेश में 1. सेवाओं पर पूरी तरह रोक - राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने इनड्राइव कंपनी को चंडीगढ़ की सीमा में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। 2. ड्राइवरों और वाहन मालिकों के लिए चेतावनी - इनड्राइव से जुड़े सभी कैब और बाइक टैक्सी चालकों को ऐप के जरिए राइड बुकिंग स्वीकार न करने और सेवाएं तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। 3. नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई - यदि कोई ड्राइवर नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो वाहन का चालान किया जाएगा और उसे जब्त कर लिया जाएगा। 4. यात्रियों के लिए सलाह - राज्य परिवहन प्राधिकरण ने आम लोगों को असुविधा से बचने के लिए इनड्राइव ऐप से राइड बुक न करने की सलाह दी है। यात्रियों से एसटीए में पंजीकृत अन्य वैकल्पिक ऐप आधारित कैब सेवाओं का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। क्या होता है एग्रीगेटर लाइसेंस एग्रीगेटर लाइसेंस सरकार की ओर से कंपनी को दी गई अनुमति है, जिसके तहत वह ऐप के जरिए यात्रियों को कैब या बाइक टैक्सी जैसी सेवाएं उपलब्ध करा सकती है। ओला, उबर और इनड्राइव जैसी कंपनियां खुद सभी गाड़ियां नहीं चलातीं, बल्कि ऐप के जरिए यात्रियों और ड्राइवरों को जोड़ती हैं। इस तरह की सेवा चलाने के लिए सरकार से एग्रीगेटर लाइसेंस लेना जरूरी होता है। अगर यह लाइसेंस सस्पेंड हो जाए तो कंपनी उस क्षेत्र में अपने ऐप के जरिए राइड बुकिंग और परिवहन सेवा नहीं चला सकती।
यूपी में IAS, IPS, IFS ऑफिसर देंगे करियर टिप्स:स्कूल में जाकर 10वीं के बच्चों से खुद बात करेंगे; योगी सरकार की पहल
उत्तर प्रदेश के इंटरमीडिएट छात्रों को अब पढ़ाई के साथ-साथ अफसरों के अनुभवों का भी फायदा मिलेगा। योगी सरकार एक नई पहल करने जा रही है। इसके तहत हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से सीधे बात करेंगे। वे प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर आगे की पढ़ाई और करियर का सही रास्ता समझाएंगे। सरकार की इस खास कोशिश का मकसद Gen-Z यानी आज की युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाना है। छात्र दूर कर सकेंगे मन की उलझन सरकार की कोशिश है कि छात्रों को सही उम्र में सही गाइडेंस मिल सके। अक्सर सही जानकारी न होने से बच्चे बड़े मौकों का फायदा उठाने से चूक जाते हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि अफसरों से बातचीत करके वे अपने सारे सवाल पूछ सकें और मन की उलझन दूर कर पाएं। ऑफिसर्स से होगा प्रश्न - उत्तर सेशन शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों के ये दौरे किसी लंबे भाषण के बजाय इंटरैक्टिव और प्रश्न-उत्तर सेशन के जरिये किए जाएंगे। इस तरह छात्रों को सिविल ऑफिसर्स से अपने मन की बात कहने और पूछने की पूरी छूट मिलेगी। छात्र अधिकारियों से पूछ सकेंगे कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी कैसे ही, फेल होने के डर को कैसे दूर किया, असफलताओं का सामना कैसे किया और टाइम मैनजमेंट के लिए क्या नियम फॉलो करें। ये खबर भी पढ़ें SBI में 1538 पदों पर निकली भर्ती:जूनियर क्लर्क की वैकेंसी, 64 हजार से ज्यादा सैलरी, अभी करें अप्लाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने क्लर्क (जूनियर एसोसिएट) पदों पर विशेष भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 








.jpg)
