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Kiren Rijiju और असम-अरुणाचल सांसदों ने सीमा पर शांति की अपील की, बातचीत से सुलझेंगे विवाद

असम और अरुणाचल प्रदेश के सांसदों ने बृहस्पतिवार को दोनों राज्यों की सीमा पर रहने वाले लोगों से शांति बनाए रखने, सौहार्दपूर्ण ढंग से रहने और बातचीत के जरिए अपने मतभेदों को सुलझाने की अपील की। यह अपील असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थिति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई एक बैठक के बाद सांसदों द्वारा की गई। बुधवार को गोलीबारी की एक घटना के बाद वहां तनाव फैल गया था, जिसमें 11 लोग घायल हो गए थे।

असम के सांसदों के साथ केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ‘‘असम और अरुणाचल प्रदेश के सांसद सीमा पर शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। हमें भाइयों और बहनों की तरह मिलजुलकर सौहार्दपूर्ण ढंग से रहना चाहिए और किसी भी भूमि विवाद को केवल शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से सुलझाना चाहिए। अरुणाचल प्रदेश से सांसद रीजीजू ने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच का रिश्ता कई पीढ़ियों से बना गहरा बंधन है, जो भाईचारे, स्नेह और आपसी सम्मान पर आधारित है।

उन्होंने कहा, ‘‘बातचीत के माध्यम से हम अपने मतभेदों को सुलझा रहे हैं, और भले ही हर मुद्दे का समाधान न निकले, हम इस रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे। शायद हमारी सीमाएं अलग हैं, लेकिन हमारे दिल एक हैं। मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को असम से अलग कर बनाया गया था और दोनों राज्यों के लोग भाई-बहनों की तरह रहते हैं।

उन्होंने कहा कि कभी-कभी स्थानीय स्तर पर कुछ विवाद पैदा हो जाते हैं, जो परिवार के विवाद की तरह होते हैं, और इसके लिए दोनों राज्यों के बीच कोई लड़ाई नहीं हो सकती।उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दोनों मुख्यमंत्रियों से बात की है। वे संपर्क में हैं। वरिष्ठ मंत्री घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर बातचीत चल रही है।

रीजीजू ने कहा, हम सभी सांसदों ने एक साथ बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा की। हम हमेशा एक साथ हैं। पूर्वोत्तर एक परिवार है।

सीमा पर बुधवार को हुई गोलीबारी की एक घटना के बाद असम और अरुणाचल प्रदेश में तनाव फैल गया था, जिसमें असम के कई लोग घायल हो गए थे।

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Rajasthan local body और जिला परिषदों में प्रमुख पदों के लिए आरक्षण लॉटरी पूरी

राजस्थान में लंबे समय से लंबित शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों की दिशा में बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 309 शहरी स्थानीय निकायों और 41 जिला परिषदों के प्रमुख पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली गई। यह लॉटरी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग द्वारा राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने के एक सप्ताह बाद निकाली गई। शहरी स्थानीय निकायों के महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण लॉटरी स्थानीय स्वशासन विभाग में आयोजित की गई, जबकि जिला प्रमुख पदों के लिए लॉटरी शाम को पंचायती राज भवन में निकाली गई।

प्रमुख नगर निगमों में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर के महापौर पद अनारक्षित रखे गए हैं। अलवर, अजमेर, भीलवाड़ा, भरतपुर और पाली के महापौर पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि कोटा नगर निगम का महापौर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। शहरी स्थानीय निकायों में 16 पद अनुसूचित जाति (एससी) की महिलाओं, तीन अनुसूचित जनजाति (एसटी) की महिलाओं, 20 ओबीसी महिलाओं और 62 पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।

जयपुर संभाग में सबसे अधिक 91 शहरी स्थानीय निकाय हैं। इसके बाद अजमेर में 52, जोधपुर में 41, बीकानेर में 37, भरतपुर में 32 तथा कोटा और उदयपुर में 28-28 शहरी स्थानीय निकाय हैं। इसी तरह 41 जिला परिषदों में जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण लॉटरी इंदिरा गांधी पंचायती राज भवन में निकाली गई।

इनमें आठ पद एससी, सात एसटी और पांच पद ओबीसी के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 11 पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए हैं। ओबीसी आरक्षण के लिए लॉटरी में सबसे पहले जालोर जिले का चयन हुआ। बूंदी, ब्यावर, खैरथल-तिजारा और सीकर को भी ओबीसी श्रेणी में रखा गया।

दौसा, धौलपुर, टोंक और भरतपुर के जिला प्रमुख पद एससी महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूम्बर, अलवर, बालोतरा और जैसलमेर को एसटी महिला आरक्षण के लिए तय किया गया। जिला प्रमुख पदों के आरक्षण की प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक संभाग में एक पद महिला के लिए आरक्षित किए जाने के प्रावधान को लेकर आपत्ति उठने के बाद करीब 25 मिनट तक प्रक्रिया रोक दी गई।

अधिकारियों ने संबंधित नियमों की समीक्षा कर उपस्थित लोगों को प्रावधान की जानकारी दी, जिसके बाद प्रक्रिया फिर शुरू की गई। नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी जिला स्तर पर निकाली जाएगी।

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  Sports

KL Rahul Injury: गॉल टेस्ट में क्रैम्प्स से हुए रिटायर हर्ट, टीम इंडिया की चिंता बढ़ी

गाले में श्रीलंका के खिलाफ भारत के पहले टेस्ट मैच के आखिरी सेशन के दौरान स्टार भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल को मैदान छोड़ना पड़ा। तीसरे सेशन की शुरुआत से पहले ही अनुभवी बल्लेबाज को ऐंठन (cramps) की शिकायत हुई और वे बिना एक भी गेंद खेले मैदान से बाहर चले गए। मैदान पर फिजियो ने उनकी जांच की, जिसके बाद 77 रन पर 'रिटायर हर्ट' होने का फैसला लिया गया। खास बात यह है कि उन्हें अपने दाहिने हाथ को लेकर परेशानी हो रही थी, साथ ही उनके बाएं हाथ में भी दिक्कत और चलने में भी परेशानी साफ दिख रही थी। आखिरकार शुभमन गिल उनकी जगह मैदान पर आए। इस बीच, उनके बाहर जाने से पडिक्कल के साथ उनकी 150 रन की साझेदारी भी टूट गई, जिन्होंने बाद में अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया।
 

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यशस्वी जायसवाल के जल्दी आउट होने के बाद पडिक्कल की पारी भारत के लिए एक बड़ी सकारात्मक बात रही। साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद तीसरे नंबर पर भेजे गए इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ ने श्रीलंका के स्पिनरों का डटकर सामना किया और 37वें ओवर में अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की। राहुल ने भी छह ओवर बाद अपनी फिफ्टी पूरी की; उन्होंने क्रीज़ पर टिककर खेला, जबकि श्रीलंकाई गेंदबाज़ पिच से ज़्यादा मूवमेंट या टर्न हासिल करने के लिए संघर्ष करते रहे।

जायसवाल के आउट होने के बाद संभलते हुए इस जोड़ी ने लंच तक भारत का स्कोर 1 विकेट पर 101 रन तक पहुँचा दिया था। 11वें ओवर में राहुल के साथ तालमेल की कमी के कारण जायसवाल 32 रन पर रन आउट हो गए। दोनों बल्लेबाज़ एक ही छोर पर पहुँच गए थे, और राहुल ने पहले अपना क्रीज़ हासिल कर लिया था। जयसवाल ने अपनी 37 गेंदों की पारी में पांच चौके लगाकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद वह आउट हो गए। टेस्ट क्रिकेट में यह तीसरा मौका था जब वह रन आउट हुए; इससे पहले वह 2024 में MCG में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और पिछले साल दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ भी रन आउट हुए थे।
 

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दूसरे सेशन में जब असिथा फर्नांडो ने पडिक्कल को एलबीडब्ल्यू (LBW) करने की कोशिश की, तो श्रीलंका को लगा कि उन्हें एक और सफलता मिल गई है। हालांकि, गेंद बैक पैड से लगकर अंदरूनी किनारे (इनसाइड एज) से टकराई और श्रीलंका ने रिव्यू न लेने का फैसला किया। बाद में बॉल-ट्रैकिंग से पता चला कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से निकल जाती। भारत ने दूसरे सेशन में 96 रन जोड़े; राहुल और पडिक्कल ने यह सुनिश्चित किया कि श्रीलंका लगातार दबाव न बना पाए। चाय के समय तक पडिक्कल 84 और राहुल 77 रन पर नाबाद थे, लेकिन इसके बाद राहुल को क्रैम्प (मांसपेशियों में खिंचाव) के कारण मैदान छोड़ना पड़ा।
Sat, 15 Aug 2026 18:22:08 +0530

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