एनपीसीआई इंटरनेशनल ने केएचक्यूआर के माध्यम से कंबोडिया में शुरू की यूपीआई भुगतान सुविधा
नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) ने मंगलवार को एसीएलईडीए बैंक पीएलसी के साथ साझेदारी में कंबोडिया में वहां की राष्ट्रीय क्यूआर कोड प्रणाली केएचक्यूआर के माध्यम से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) भुगतान सुविधा शुरू की।
इस सेवा की शुरुआत कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान की गई। इस कार्यक्रम में कंबोडिया के नेशनल बैंक (एनबीसी) की गवर्नर डॉ. चिया सेरेई और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
यह पहल भारत और कंबोडिया के बीच सीमा-पार क्यूआर भुगतान प्रणाली को जोड़ने की पहली चरण की परियोजना है। इसके तहत भारतीय यात्री अब यूपीआई-आधारित मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए कंबोडिया के 45 लाख से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर आसानी से भुगतान कर सकेंगे।
इनमें पर्यटन स्थल, रेस्तरां, होटल और रिटेल स्टोर सहित कई स्थान शामिल हैं।
परियोजना के अगले चरण में कंबोडिया के नागरिक भी अपने घरेलू बैंकिंग या भुगतान एप्लिकेशन का उपयोग करके भारत में लाखों यूपीआई क्यूआर कोड वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भुगतान कर सकेंगे।
इससे दोनों देशों के बीच दो-तरफा और आपस में जुड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित होगी।
एनपीसीआई इंटरनेशनल ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य रियल-टाइम, सुरक्षित और इंटरऑपरेबल डिजिटल लेनदेन उपलब्ध कराना है।
इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक आसान होगी, यात्रियों को सुविधा मिलेगी और भारत तथा कंबोडिया के बीच पर्यटन एवं व्यापारिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
पहले चरण में कंबोडिया के व्यापारियों को भारत के करोड़ों डिजिटल भुगतान उपयोगकर्ताओं तक पहुंच मिलेगी।
इसके अलावा, उन्हें नकदी प्रबंधन में आसानी, नकद लेनदेन पर कम निर्भरता और बेहतर परिचालन दक्षता जैसे लाभ भी प्राप्त होंगे।
एनपीसीआई इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितेश शुक्ला ने कहा कि यह पहल भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, कंबोडिया में यूपीआई भुगतान सुविधा शुरू होना इस यात्रा का एक बड़ा कदम है। इससे भारतीय यात्रियों को विदेश में भी परिचित और सहज भुगतान अनुभव मिलेगा, जबकि कंबोडिया के व्यापारियों को लाखों डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों तक पहुंच प्राप्त होगी।
एसीएलईडीए बैंक पीएलसी के अध्यक्ष और समूह प्रबंध निदेशक डॉ. इन चैनी ने कहा कि यह साझेदारी कंबोडिया के डिजिटल परिवर्तन और सीमा-पार भुगतान प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इस एकीकरण से यात्रियों के लिए भुगतान संबंधी जटिलताएं और विदेशी मुद्रा विनिमय की चुनौतियां कम होंगी, जबकि स्थानीय व्यापारियों को व्यापक डिजिटल बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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EXCLUSIVE Super Kid Prisha: जयपुर में 2 साल की प्रिशा शर्मा ने बनाया रिकॉर्ड, कंठस्थ कर चुकी हैं 30 से ज्यादा धार्मिक मंत्र
EXCLUSIVE Super Kid Prisha: राजस्थान रॉयल्स की टीम से 15 वर्षीय वैभव सूर्यावंशी, इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चित है. लोग इतनी कम उम्र में उनकी पर्फोर्मेंस को देख हैरत में है. वहीं, इस बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक और हैरतअंगेज खबर सामने आई है. यहां दो साल की प्रिशा शर्मा ने अपनी असाधारण स्मरण शक्ति और धार्मिक रुचि के बल से अनोखी उपलब्धि हासिल की है. जिस उम्र में अधिकांश बच्चे खेलकूद और मम्मी-पापा बोलना सीखते हैं, उस उम्र में प्रिशा 30 से ज्यादा धार्मिक मंत्रों को कंठस्थ कर चुकी हैं. बच्ची की इसी प्रतिभा को देखते हुए उनका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है. प्रिशा की इस उपलब्धि से उनका परिवार और पूरा जयपुर शहर खुशियांम मना रहा है.
कैसे हुआ प्रिशा का सिलेक्शन?
इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की मूल्यांकन प्रक्रिया में प्रिशा ने छह धार्मिक मंत्रों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण किया था. उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन काबिल-ए-तारीफ था. उनकी स्मरण शक्ति और उच्चारण क्षमता से प्रभावित होकर संस्था ने उन्हें रिकॉर्ड धारक के रूप में मान्यता प्रदान की और प्रमाण-पत्र जारी किया.
घर का सात्विक माहौल बना प्रिशा की उपलब्धि का कारण
प्रिशा की मां आरवी शर्मा ने न्यूज नेशन से खास बातचीत में बताया कि उनके घर में हमेशा धार्मिक और सकारात्मक वातावरण रहता है. परिवार के सदस्य नियमित रूप से पूजा-पाठ और मंत्रों का जाप करते हैं. इसी माहौल का प्रभाव प्रिशा पर भी पड़ा है. उन्होंने बताया कि करीब 20 महीने की आयु में ही प्रीशा ने पहली बार गायत्री मंत्र बोलने की कोशिश की थी. इसके बाद परिवार ने प्रिशा की रुचि को समझते हुए, उसे विभिन्न धार्मिक मंत्र सुनाने शुरू किए. धीरे-धीरे प्रिशा को मंत्र याद होने लगे और कुछ ही समय में उसे 30 से अधिक मंत्र उसे कंठस्थ हो गए.
2 साल की प्रिशा शर्मा ने बनाया रिकॉर्ड। 30 से अधिक मंत्र याद, अपनी असाधारण स्मरण शक्ति और धार्मिक रुचि के बल पर एक अनोखी उपलब्धि हासिल की है।
— News Nation (@NewsNationTV) June 2, 2026
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सिर्फ मंत्र नहीं 80 बॉडी पार्ट्स का भी नाम याद
प्रिशा को सिर्फ धार्मिक मंत्रों याद नहीं है बल्कि उससे भी ज्यादा बातों का ज्ञान अर्जित कर चुकी है. उनके परिवार के अनुसार, उसे 80 से ज्यादा बॉडी पार्ट्स के नाम याद हैं. इसके अलावा, वह अल्फाबेट पहचानती है. प्रिशा 1 से 30 तक की गिनती सुना सकती है, रंगों की पहचान कर सकती हैं और सामान्य ज्ञान से जुड़ी कई जानकारियां भी याद रखती है. प्रिशा की सीखने की क्षमता और याद रखने की शक्ति को देखते हुए उसके परिवार के सदस्य और उसे जानने वाले आश्चर्यचकित हो जाते हैं.
एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जाने की तैयारी
बताया जा रहा है कि प्रिशा की इस उपलब्धि के बाद उसका परिवार अब एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी आवेदन करने की तैयारी कर रहा है. परिवार को पूरी उम्मीद है कि वह अपनी प्रतिभा के दम पर वहां भी नया मुकाम हासिल कर सकेगी.
अच्छे संस्कार ही बच्चे की नींव मजबूत करता है
प्रिशा शर्मा की सफलता यह संदेश देती है कि बच्चों को यदि सकारात्मक माहौल, अच्छे संस्कार और सीखने के अवसर मिलें तो वे बहुत कम उम्र में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं. यह उपलब्धि न केवल परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण है.
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