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Electronics और Clean Energy को बूस्ट: Rare Earth Magnets के स्थानीय उत्पादन के लिए Indian Government का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार रेयर अर्थ से बनने वाले स्थायी चुंबकों के उत्पादन को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इन चुंबकों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर पवन टर्बाइन, महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, विमानन और रक्षा प्रणालियों तक में होता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, सरकार की योजना के तहत देश में हर साल 6,000 मीट्रिक टन एकीकृत रेयर अर्थ स्थायी चुंबक बनाने की क्षमता तैयार की जाएगी। इसके लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए पांच लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 1,200 मीट्रिक टन सालाना उत्पादन क्षमता स्थापित करने की अनुमति होगी।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 नवंबर 2025 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके लिए कुल 7,280 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। भारी उद्योग मंत्रालय ने 15 दिसंबर 2025 को योजना की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद 20 मार्च 2026 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल के जरिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए।

यह योजना कुल सात साल तक चलेगी। इसमें शुरुआती दो साल उत्पादन इकाइयों को तैयार करने में लगाए जाएंगे। इसके बाद पांच साल तक बिक्री के आधार पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। यानी कंपनियों को केवल कारखाना लगाने के लिए ही मदद नहीं मिलेगी, बल्कि तैयार चुंबकों की बिक्री के आधार पर भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

बता दें कि रेयर अर्थ स्थायी चुंबक आधुनिक उद्योगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की मोटर, पवन ऊर्जा संयंत्रों की मशीनरी, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और रक्षा क्षेत्र में इनकी जरूरत होती है। आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इन चुंबकों की मांग भी बढ़ने की उम्मीद है।

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस क्षेत्र में चीन की मजबूत पकड़ है। वैश्विक दुर्लभ मृदा और उससे जुड़े चुंबक आपूर्ति तंत्र में चीन का दबदबा है। वर्ष 2025 में चीन की ओर से लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों के कारण दुनिया के कई उद्योगों को आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ा था। इससे यह साफ हुआ कि दूसरे देशों से आने वाले इन जरूरी सामानों पर ज्यादा निर्भरता उद्योगों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

सरकार अब देश में रेयर अर्थ के कच्चे पदार्थ से लेकर तैयार चुंबक तक पूरी उत्पादन श्रृंखला विकसित करना चाहती है। इसका उद्देश्य सिर्फ आयात घटाना नहीं, बल्कि भविष्य में देश को इस क्षेत्र में मजबूत उत्पादन केंद्र बनाना भी है।

अगर योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो इससे इलेक्ट्रिक वाहन, अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग को देश में ही जरूरी सामग्री मिलने में मदद मिल सकती है। साथ ही आपूर्ति में होने वाली बाहरी रुकावटों का असर कम करने और भारत की औद्योगिक सुरक्षा मजबूत करने में भी यह योजना अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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लेंसकार्ट का शेयर 7% उछला, जानिए कितना चढ़ सकता है

Lenskart Solutions Share Price: जून 2026 तिमाही में ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.3 प्रतिशत बढ़ गया। लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने तिमाही के दौरान 132 नए स्टोर खोले। कुल खर्च 2483.52 करोड़ रुपये के दर्ज किए गए

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भारत कल से 600वां टेस्ट खेलेगा:जीता तो वेस्टइंडीज की बराबरी करेगा; श्रीलंका में स्पिन खेलना चुनौती

भारत 15 अगस्त से अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा। यह मैच श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। अगर इंडिया इस मुकाबले को जीत लेता है, तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी कर लेगा। इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ 48% मैच जीते क्या चैलेंज होंगे? किन प्लेयर्स पर नजरें गॉल 68% विकेट स्पिनर्स ने झटके गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच ट्रेडिशनली स्पिन गेंदबाजों की मददगार पिच मानी जाती है। इस मैदान पर 49 मैच खेले गए हैं। इनमें 68% विकेट स्पिनर्स के नाम रहे हैं। 26 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 16 मैच पहले बॉलिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। मैच के पांचों दिन बारिश के आसार गॉल टेस्ट बारिश की भेंट चढ़ सकता है। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर के अनुसार इसके पांचों दिन बारिश के आसार हैं। मैच के पहले दिन 82% बारिश का पूर्वानुमान है। पॉसिबल प्लेइंग-11 यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, सरांश जैन/मानव सुथार, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। कहां देख सकते हैं? मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स पर होगा। इसे सोनी LIV पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, दैनिक भास्कर ऐप पर मैच का कवरेज होगा। इसे आप फॉलो कर सकते हैं। --------------------------------------------- गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है, मोर्केल ने कहा- कुलदीप, जडेजा और सुथार की स्कील्स अलग भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। पढ़ें पूरी खबर Thu, 13 Aug 2026 23:20:00

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