फिजिकल हेल्थ- हंतावायरस को लेकर बढ़ रही चिंता:डॉक्टर से जानें कैसे फैलती ये बीमारी, किन्हें ज्यादा खतरा, आप क्या सावधानियां बरतें
अप्रैल 2026 में पश्चिम अफ्रीका के पास ‘एमवी होंडियस क्रूज’ शिप पर ‘हंतावायरस’ के संक्रमण के बाद दुनियाभर में इस बीमारी को लेकर चिंता बढ़ गई है। जहाज पर कई लोग बीमार पड़े। इनमें कुछ की मौत भी हुई। अब स्पेन में हंतावायरस का दूसरा मामला भी उन स्पेनिश यात्रियों में मिला है, जिन्हें अप्रैल में उस क्रूज जहाज पर बीमारी फैलने के बाद बाहर निकाला गया था। अमेरिका के ‘नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ ‘के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल हंतावायरस के करीब 1-2 लाख मामले सामने आते हैं। इनमें से ज्यादातर यूरोप और एशिया के होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हंतावायरस के कारण अमेरिका में 50% मामलों में मौत हो जाती है। जबकि एशिया में डेथ रेट 15% तक है। ज्यादातर केस में मौत 6 हफ्तों के अंदर हो जाती है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज हंतावायरस की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- हंतावायरस क्या है? जवाब- हंतावायरस एक वायरस ग्रुप है, जो मुख्य तौर पर संक्रमित चूहों और अन्य रोडेंट्स के यूरिन, मल या लार के संपर्क से मनुष्यों में फैल सकता है। अलग-अलग देशों में इसके अलग स्ट्रेन पाए जाते हैं। इसके संक्रमण से व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो सकता है। सवाल- किन देशों में हंतावायरस का रिस्क ज्यादा है? जवाब- इसका रिस्क पूरी दुनिया में एक जैसा नहीं है। सबसे ज्यादा रिस्क उन देशों और क्षेत्रों में होता है, जहां रोडेंट्स (चूहे, गलहरी आदि) ज्यादा पाए जाते हैं और इनका इंसानों से ज्यादा संपर्क होता है। ग्राफिक में देखिए, किन देशों में ज्यादा रिस्क है- सवाल- विदेश यात्रा कर रहे लोगों को इसका खतरा क्यों ज्यादा होता है? जवाब- ऐसा इसलिए, क्योंकि अमेरिका और यूरोप के कई देशों में हंतावायरस का रिस्क है। जो लोग इन देशों में घूमने जा रहे हैं, उन्हें ज्यादा रिस्क हो सकता है। घूमने गए लोग कैंपिंग, ट्रैंकिंग करते हैं तो रिस्क ज्यादा होता है। इन एक्टिविटीज से बढ़ता हंतावायरस का रिस्क- सवाल- हंतावायरस कैसे फैलता है? जवाब- हंतावायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य रोडेंट्स के यूरिन, मल और लार के संपर्क से फैलता है। ग्राफिक में देखिए, यह कैसे फैल सकता है- सवाल- क्या यह इंसान से इंसान में फैल सकता है? जवाब- यह वायरस आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। हालांकि, साउथ अमेरिका के कुछ स्ट्रेन्स में इंसान से इंसान में संक्रमण देखा गया है। सवाल- हंतावायरस के शुरुआती लक्षण क्या हैं? कैसे जानें कि ये गंभीर हैं? जवाब- हंतावायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य संक्रमण जैसे दिख सकते हैं। इसलिए शुरुआत से ही निगरानी जरूरी है। ग्राफिक में सभी लक्षण देखिए- सवाल- अगर हंतावायरस के लक्षण दिखें तो क्या करें? जवाब- हंतावायरस के लक्षण दिखने पर करें ये काम- सवाल- हंतावायरस का इलाज क्या है? जवाब- हंतावायरस के लिए कोई एंटीवायरल दवा नहीं है। इसलिए हंतावायरस का संक्रमण होने पर लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है। सवाल- क्या हंतावायरस के लिए कोई वैक्सीन बनाई गई है? जवाब- फिलहाल अधिकांश देशों में आम लोगों के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में कुछ खास प्रकार के हंतावायरस के लिए सीमित उपयोग वाली वैक्सीन मौजूद हैं। सवाल- क्या हंतावायरस जानलेवा हो सकता है? जवाब- हां, हंतावायरस गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसके कारण 50% तक लोगों की मौत हो सकती है। सवाल- किन लोगों को हंतावायरस का ज्यादा रिस्क होता है? जवाब- इन्हें हंतावायरस का रिस्क ज्यादा है- सवाल- विदेश में यात्रा के दौरान किन जगहों पर ज्यादा सावधानी जरूरी है? जवाब- विदेश यात्रा के दौरान इन जगहों पर ज्यादा सावधानी जरूरी- सवाल- विदेश यात्रा से पहले क्या पता करना जरूरी है? जवाब- यात्रा से पहले पता करें ये बातें- सवाल- क्या एयरपोर्ट या फ्लाइट में भी हंतावायरस का खतरा होता है? जवाब- सामान्यतौर पर एयरपोर्ट या फ्लाइट में रिस्क बहुत कम होता है। क्योंकि यहां आमतौर पर रोडेंट्स नहीं होते और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। सवाल- होटल या Airbnb लेते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- इन बातों का ध्यान रखें- सवाल- अगर कमरे में रोडेंट्स या चूहे दिखें तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में ये कदम उठाएं- सवाल- अगर किसी जगह रोडेंट ड्रॉपिंग्स दिखें तो क्या करें? जवाब- अगर रोडेंट्स के ड्रॉपिंग्स दिखें तो ये करें- सवाल- कैंपिंग के दौरान हंतावायरस के संक्रमण से कैसे बचें? जवाब- इसके लिए करें ये काम- सवाल- क्या मास्क पहनने से हंतावायरस से बचा जा सकता है? जवाब- हां, मास्क पहनने से हंतावायरस के रिस्क कम किया जा सकता है। बंद कमरे, गोदाम, केबिन या सफाई के दौरान N95 मास्क बेहतर सुरक्षा देता है। हालांकि केवल मास्क पर्याप्त नहीं है, अन्य सावधानियां भी जरूरी हैं। सवाल- क्या खाने के जरिए भी संक्रमण फैल सकता है? जवाब- हां, अगर भोजन या पानी चूहों के मल-मूत्र या लार से दूषित हो गया हो तो संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए खाने-पीने की चीजों को हमेशा ढककर रखें। खुले भोजन से बचें और साफ पानी का इस्तेमाल करें। ……………… ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- इबोला वायरस बना ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी: भारत भी अलर्ट पर, क्या आपको भी खतरा है, डॉक्टर से जानें हर सवाल का जवाब ‘वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन’ (WHO) ने इबोला वायरस को ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ घोषित किया है। इसके बाद भारत सरकार ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। कांगो, युगांडा और सूडान की यात्रा करने वालों को खासतौर पर सावधानी बरतने को कहा गया है। आगे पढ़िए...
जरूरत की खबर- गर्मियों में लें नेचुरल कूलिंग हर्ब्स:बॉडी टेंपरेचर करे कंट्रोल, डिटॉक्स में मददगार, जानें किन्हें नहीं लेना चाहिए
गर्मियों में पसीना, थकान और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण बताते हैं कि शरीर लगातार हीट हो रहा है। इससे बचने लिए अक्सर लोग ऐसे डाइट ऑप्शन तलाशते हैं, जो शरीर की गर्मी को बैलेंस कर सकें। इंडियन किचन में कुछ नेचुरल कूलिंग हर्ब्स हमेशा मौजूद रहते हैं। इनमें पुदीना, सौंफ, धनिया शरीर का तापमान बैलेंस करने के साथ पाचन सुधारने और हाइड्रेशन बनाए रखने में भी मदद करते हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली सवाल- नेचुरल कूलिंग हर्ब्स क्या होते हैं? जवाब- नेचुरल कूलिंग हर्ब्स वो प्लांट या हर्ब्स होते हैं, जो बॉडी के टेम्परेचर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। सवाल- ये हर्ब्स शरीर को ठंडा कैसे करते हैं? जवाब- ये हर्ब्स बॉडी की हीट लॉस बढ़ाते हैं। इससे बॉडी नेचुरली कूल होती है। ग्राफिक में देखिए ये क्या करती हैं- सवाल- क्या ये हर्ब्स शरीर को सिर्फ 'ठंडक का एहसास' देते हैं या सच में बॉडी टेम्परेचर कम करते हैं? जवाब- कुछ हर्ब्स (जैसे पुदीना) सिर्फ ठंडक महसूस कराते हैं, जबकि कुछ हर्ब्स (जैसे धनिया, खस) शरीर को ठंडा करने में मदद करते हैं। ये हीट लॉस बढ़ाते हैं। इससे बॉडी टेम्परेचर कम होता है। सवाल- गर्मियों के सबसे असरदार कूलिंग हर्ब्स कौन से हैं? जवाब- गर्मियों में असरदार कूलिंग हर्ब्स जैसे पुदीना, सौंफ, धनिया अलग-अलग तरीकों से शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं। नीचे ग्राफिक में लिस्ट देखिए- सवाल- इन हर्ब्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- कूलिंग हर्ब्स कई तरह से शरीर को सपोर्ट करते हैं। ग्राफिक में इनके सभी फायदे देखिए- सवाल- ये हर्ब्स शरीर के तापमान को कैसे रेगुलेट करते हैं? जवाब- कूलिंग हर्ब्स शरीर के थर्मोरेगुलेशन मैकेनिज्म (शरीर की अपना तापमान संतुलित रखने की प्रक्रिया) पर प्रभाव डालते हैं। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या इन हर्ब्स में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस की क्षमता होती है? जवाब- कूलिंग हर्ब्स इलेक्ट्रोलाइट्स का मुख्य सोर्स नहीं हैं, लेकिन शरीर में उनके बैलेंस और रिटेंशन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। सवाल- इन हर्ब्स को डाइट में कैसे शामिल करें? जवाब- इन हर्ब्स को पानी, चटनी, ड्रिंक्स और हर्बल टी के रूप में शामिल कर सकते हैं। जैसेकि- हर्बल वाटर पुदीना, सौंफ, धनिया को पानी में भिगोकर या उबालकर पिएं। ड्रिंक्स और शरबत ये हाइड्रेशन और कूलिंग दोनों देते हैं। चटनी और सलाद पुदीना, धनिया की चटनी या सलाद में डालें। हर्बल टी सीड्स का इस्तेमाल ध्यान रखें- सवाल- दिन में किस समय इनका सेवन सबसे फायदेमंद है? जवाब- अलग-अलग कूलिंग हर्ब्स अलग-अलग समय पर ले सकते हैं। पॉइंटर्स में देखिए- सुबह (खाली पेट या नाश्ते के बाद) पुदीना, सौंफ का पानी लेने से दिनभर के लिए बॉडी कूल और हाइड्रेटेड रहती है। दोपहर बेल का शरबत, सौंफ का पानी ले सकते हैं। शाम हर्बल ड्रिंक्स या हल्की चाय लेने से दिनभर की हीट और थकान कम होती है। सवाल- क्या खाली पेट ये हर्ब्स लेना सही है? जवाब- हां, हल्की हर्ब्स (जैसे- सौंफ का पानी, धनिया का पानी, पुदीना पानी) खाली पेट ले सकते हैं। लेकिन स्ट्रॉन्ग हर्ब्स (जैसे- गिलोय, मुलेठी) हमेशा खाने के बाद या सलाह लेकर ही लें। सवाल- रोजाना कितनी मात्रा में इनका सेवन करना चाहिए? जवाब- कूलिंग हर्ब्स के सही फायदे के लिए इन्हें सेवन संतुलित मात्रा में लेना चाहिए। पॉइंटर्स में देखिए- हर्बल पानी/ड्रिंक्स दिनभर में 1-2 गिलास (200-400 ml) काफी है। जैसे- सौंफ या धनिया का पानी। पत्तियां (पुदीना, धनिया) बीज (सौंफ, सब्जा, धनिया के बीज) स्ट्रॉन्ग हर्ब्स (एलोवेरा, गिलोय, मुलेठी) ध्यान रखें- सवाल- किन लोगों को इनका सेवन सावधानी से करना चाहिए? जवाब- कूलिंग हर्ब्स भले ही नेचुरल हों, लेकिन हर किसी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होतीं। ग्राफिक में देखिए किन्हें संभलकर लेना चाहिए- सवाल- क्या ज्यादा सेवन से नुकसान हो सकता है? जवाब- हां, कूलिंग हर्ब्स का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए सीमित मात्रा में ही लें। ……………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- गर्मियों में बढ़ती एसिडिटी की समस्या:लाइफस्टाइल में करें ये 12 बदलाव, डॉक्टर से जानें एसिडिटी के 9 घरेलू इलाज गर्मियों में डाइजेस्टिव सिस्टम स्लो होने से अपच और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। ज्यादातर लोग सीने में जलन, खट्टी डकार, पेट में भारीपन या गले में जलन सामान्य समझकर एसिडिटी के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर ये समस्या गंभीर रूप ले सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
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