उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर में शीघ्र दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू, जानें टिकट की कीमत और दर्शन व्यवस्था
उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर परिसर के शीर्ष पर विराजमान भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए इस बार प्रशासन ने अभूतपूर्व और विशेष तैयारियां की हैं। आगामी 17 अगस्त को रात 12 बजे मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का बड़ा सैलाब उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेष बात यह है कि इसी दिन श्रावण मास का तीसरा सोमवार भी है और इसी दिन भगवान महाकाल की भव्य सवारी भी निकाली जाएगी। इस अद्भुत और दुर्लभ संयोग को देखते हुए देश के कोने-कोने से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन नगरी पहुंचने की पूरी संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने नागचंद्रेश्वर मंदिर में शीघ्र दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया को समय रहते शुरू कर दिया है। इसके तहत श्रद्धालुओं को शीघ्र दर्शन का विशेष लाभ लेने के लिए 300 रुपए का निर्धारित शुल्क ऑनलाइन चुकाना होगा।
इस विशेष दर्शन व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए श्रद्धालुओं को महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करना होगा। श्रद्धालुओं को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। मोबाइल नंबर डालने के बाद एक सुरक्षित पासवर्ड जनरेट होगा, जिसके माध्यम से वेबसाइट पर लॉगिन प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। लॉगिन करने के बाद श्रद्धालुओं के सामने रात 12 बजे से अगले 24 घंटे की पूरी अवधि के लिए कुल 11 अलग-अलग समय के स्लॉट दिखाई देंगे। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार और यात्रा के समय के अनुसार किसी भी एक उपयुक्त स्लॉट का चयन कर सकते हैं और शीघ्र दर्शन के लिए अपनी ऑनलाइन बुकिंग सुनिश्चित कर सकते हैं। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि यह पूरी बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह से पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ही संचालित की जा रही है, इसलिए श्रद्धालुओं को समय रहते अपनी बुकिंग करा लेनी चाहिए ताकि बाद में कोई असुविधा न हो।
दर्शन व्यवस्था के नए नियम
जानकारी अनुसार, शीघ्र दर्शन का लाभ लेने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए कुछ बेहद कड़े और अनिवार्य नियम तय किए गए हैं। ऑनलाइन बुकिंग करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को अपने शीघ्र दर्शन टिकट का भौतिक प्रिंट आउट अपने साथ लाना अनिवार्य होगा। बिना प्रिंट आउट के किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं के सुगम प्रवेश के लिए मार्ग भी पहले से ही निर्धारित कर दिया गया है। सभी पास धारक श्रद्धालुओं को हरसिद्धि पाल से होते हुए बड़ा गणेश गली के रास्ते से गेट नंबर 5 से मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।
मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। सभी श्रद्धालुओं से विनम्र अपील की गई है कि वे अपने आवंटित समय स्लॉट और निर्धारित प्रवेश द्वार के नियमों का पूरी तरह से पालन करें ताकि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ की स्थिति निर्मित न हो। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को विशेष रूप से सचेत किया गया है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही अपने टिकट सुरक्षित रूप से बुक करें और किसी भी अनधिकृत या बिचौलिए व्यक्ति के संपर्क में न आएं। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुगम दर्शन का लाभ प्रदान करना है।
भोपाल में अवैध निर्माण पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, इंडस मुस्कान कॉलोनी में निर्माण तोड़ा
राजधानी भोपाल में अवैध निर्माण और बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को नगर निगम की टीम ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया। पहली कार्रवाई ग्राम खेजड़ा बरामद में की गई, जहां बिना किसी सक्षम अनुमति के अवैध रूप से विकसित की जा रही एक कॉलोनी पर नगर निगम का बुलडोजर चला। वहीं दूसरी कार्रवाई अयोध्या बायपास स्थित इंडस मुस्कान कॉलोनी में की गई, जहां एक मकान के सामने किए गए अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। नगर निगम की अचानक हुई इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों और बिना अनुमति प्लॉट बेचने वालों में हड़कंप मच गया।
नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा ने जोन-16 क्षेत्र के इन इलाकों में बिना अनुमति किए जा रहे अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अवैध रूप से काटी जा रही कॉलोनी के खिलाफ यह कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान किसी तरह के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने पूरी कार्रवाई बिना किसी परेशानी के पूरी की।
2.3 एकड़ में काटी जा रही थी अवैध कॉलोनी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ग्राम खेजड़ा बरामद में करीब 2.3 एकड़ जमीन पर सवाई सिंह राजपूत और संतोष मीणा बिना किसी वैध अनुमति के नई कॉलोनी विकसित कर रहे थे। इस कॉलोनी के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से किसी तरह की मंजूरी या अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद यहां तेजी से गेट, सड़क और अन्य जरूरी निर्माण किए जा रहे थे। मामला नगर निगम के संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने तुरंत टीम भेजी। इसके बाद जेसीबी की मदद से इन सभी अवैध निर्माणों, गेट और सड़कों को पूरी तरह तोड़ दिया गया।
अयोध्या बायपास पर भी अवैध निर्माण हटाया
इसके अलावा अयोध्या बायपास क्षेत्र की इंडस मुस्कान कॉलोनी में भी नगर निगम की टीम ने कार्रवाई की। यहां एक मकान के सामने अवैध तरीके से अतिरिक्त निर्माण किया गया था। नगर निगम के अमले ने मौके पर पहुंचकर इस निर्माण को पूरी तरह हटा दिया और जगह को अतिक्रमण मुक्त कराया।
अवैध निर्माण पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने कार्रवाई के बाद साफ किया है कि बिना सक्षम अनुमति के विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों, अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार, ऐसी कार्रवाई मिशन मोड में रोजाना जारी रखी जाएगी। इसका उद्देश्य शहर में बिना अनुमति होने वाले निर्माण और अवैध विकास गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।
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