चौथी तिमाही में मुनाफा घटने का असर, आईनॉक्स विंड का शेयर करीब 10 प्रतिशत फिसला
मुंबई, 1 जून (आईएएनएस)। आईनॉक्स विंड के शेयर सोमवार को वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में करीब 10 प्रतिशत तक फिसल गए। इसकी वजह कंपनी की ओर से वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में खराब नतीजे पेश करना था।
विंड एनर्जी सॉल्यूशंस कंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 105.68 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में दर्ज किए गए 190.34 करोड़ रुपए से लगभग 45 प्रतिशत कम है।
मुनाफे में यह गिरावट तिमाही के दौरान परिचालन व्यय में तेज वृद्धि के कारण हुई।
चौथी तिमाही में कंपनी की परिचालन से कुल आय 1,305.50 करोड़ रुपए रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 1,310.65 करोड़ रुपए से मामूली रूप से कम है।
कुल व्यय पिछले वर्ष की इसी अवधि के 1,103.01 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,161.59 करोड़ रुपए हो गया, जिससे आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
तिमाही प्रदर्शन में कमजोरी के बावजूद, इनॉक्स विंड ने कहा कि 31 मार्च, 2026 तक उसका ऑर्डर बुक 3.1 गीगावॉट पर मजबूत बनी हुई है, जिससे दो साल से अधिक समय के लिए आय की स्पष्टता सुनिश्चित होती है।
कंपनी ने अपने वित्तीय प्रदर्शन पर दबाव का कारण क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों, उपकरण और घटकों की आपूर्ति को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक व्यवधानों, रसद संबंधी बाधाओं और चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक वातावरण के बीच ग्राहकों द्वारा भुगतान में देरी को बताया।
कंपनी ने कहा कि इन कारकों के कारण तिमाही के दौरान कार्यशील पूंजी की आवश्यकता अधिक बनी रही।
परिणामों पर टिप्पणी करते हुए, नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि इनॉक्स विंड का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही का प्रदर्शन उम्मीदों से काफी कम रहा।
ब्रोकरेज के अनुसार, आय 2,150 करोड़ रुपए के अनुमान के मुकाबले 1,240 करोड़ रुपए रही।
इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) लागत में साल-दर-साल 95 प्रतिशत की वृद्धि के कारण परिचालन लाभ मार्जिन एक वर्ष पहले के 19.9 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत हो गया, जिसके कारण ईबीआईटीडीए अनुमानों से लगभग 45 प्रतिशत कम रहा।
जमीनी स्तर पर मौजूद कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए, नुवामा ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए अपने कार्यान्वयन पूर्वानुमानों को क्रमशः 1.6 गीगावाट और 2 गीगावाट के अनुमानों से घटाकर 1.4 गीगावाट और 1.75 गीगावाट कर दिया है।
खबर लिखे जाने तक आईनॉक्स विंड का शेयर 10.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.61 रुपए पर था।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
West Bengal Politics: चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में बड़ी कार्रवाई, ममता बनर्जी ने दो विधायकों को पार्टी से निकाला
TMC Expels MLAs: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में करारी शिकस्त झेलने और सत्ता से बेदखल होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची अंतर्कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। सोमवार को पार्टी ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए अपने दो विधायकों, संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। दोनों नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप लगा है, जिसके बाद अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के शीर्ष नेतृत्व ने यह कदम उठाया।
कालीघाट की बैठक में नहीं पहुंचे थे दोनों नेता
पार्टी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर रविवार को एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी शामिल नहीं हुए थे। बैठक से दूरी बनाने के साथ ही संगठन ने यह भी पाया कि दोनों नेता लगातार मीडिया या अन्य मंचों पर ऐसे बयान दे रहे थे, जो तृणमूल कांग्रेस के हितों और नीतियों के पूरी तरह खिलाफ थे।
प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से छुट्टी
टीएमसी के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि मामले पर गहन विचार-विमर्श करने के बाद दोनों विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तुरंत बाहर करने का निर्णय लिया गया है। इस निष्कासन के बाद संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी के पास पार्टी से जुड़ा कोई भी पद, जिम्मेदारी या विशेषाधिकार नहीं रहेगा। यह आदेश नोटिस जारी होने की तारीख से ही पूरी तरह प्रभावी मान लिया गया है।
बंगाल चुनाव में हार के बाद बढ़ा असंतोष
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा है। इस बड़ी राजनीतिक हार के बाद से ही पार्टी के कई नेताओं के भीतर गहरा असंतोष और नाराजगी की खबरें लगातार आ रही थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बड़ी कार्रवाई के जरिए तृणमूल नेतृत्व ने पार्टी के अन्य असंतुष्ट गुटों और नेताओं को भी एक सख्त संदेश देने की कोशिश की है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
Haribhoomi






















