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हरियाली तीज पर पाएं मिनिमल और सुहागिन लुक, चुनें ये 4 शॉर्ट मंगलसूत्र डिजाइन

Hariyali Teej Short Mangalsutra Designs: हरियाली तीज पर हैवी मंगलसूत्र के बजाय ट्राई करें ये 4 खूबसूरत शॉर्ट मंगलसूत्र डिजाइन। कुंदन, फ्लोरल और डबल लेयर पैटर्न से पाएं स्टाइलिश सुहागिन लुक।

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Right to Privacy पर बड़ा खतरा! जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की Facial Recognition पर SC में अहम सुनवाई

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लोगों की निगरानी को लेकर अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने माकपा के राज्यसभा सांसद एए रहीम की याचिका पर सुनवाई करने पर गुरुवार को सहमति जताई। याचिका में पुलिस की ओर से चेहरे की पहचान और दूसरी बॉयोमेट्रिक पहचान तकनीकों के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत ने इस याचिका को प्रदर्शन से जुड़े पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया है।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने अदालत के सामने दलील रखी कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में दो निजी कंपनियों की सेवाएं भी ली गईं और लोगों से जुड़ी जानकारी को उनकी अनुमति के बिना जुटाकर रखा गया।

मौजूद जानकारी के अनुसार, याचिका में आदित्य इंफोटेक लिमिटेड और डायमेंशन एनएक्सजी प्राइवेट लिमिटेड का नाम लिया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन कंपनियों के जरिए जुटाई गई जानकारी के रखरखाव और इस्तेमाल को लेकर डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून, 2023 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। हालांकि, ये सभी आरोप अभी याचिका में लगाए गए दावे हैं और इन पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।

याचिका का मुख्य सवाल यह है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों की जैविक पहचान जुटाने और उनकी निगरानी के लिए पुलिस के पास स्पष्ट कानूनी अधिकार है या नहीं। याचिकाकर्ता का दावा है कि दिल्ली पुलिस के प्रदर्शन संबंधी स्थायी आदेश और आपराधिक प्रक्रिया पहचान कानून, 2022 ऐसी सभा में लोगों की बिना भेदभाव जैविक पहचान करने की अनुमति नहीं देते हैं।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर निगरानी के दौरान सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन, मोबाइल नियंत्रण वाहन और दूसरे उपकरणों से प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वहां मौजूद अन्य लोगों की तस्वीरें और वीडियो जुटाए गए। इसके अलावा चेहरे की पहचान करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है।

गौरतलब है कि यह मामला केवल तकनीक के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि निजता और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार से भी जुड़ा है। याचिका में कहा गया है कि अगर किसी प्रदर्शन में शामिल व्यक्ति को यह डर रहे कि उसकी पहचान दर्ज की जा रही है या उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, तो इससे लोग अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से पीछे हट सकते हैं।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि निगरानी के लिए इस्तेमाल की गई व्यवस्था के संबंध में पर्याप्त कानूनी सुरक्षा और डेटा रखने की स्पष्ट अवधि तय नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पुलिस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जुटाए गए आंकड़े कहां रखे गए, उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और उन्हें कितने समय तक सुरक्षित रखा जाएगा।

बता दें कि यह याचिका हाल में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े विवादों की पृष्ठभूमि में दाखिल की गई है। सुप्रीम कोर्ट में इन प्रदर्शनों से जुड़े दूसरे मामले भी लंबित हैं। इसी वजह से पीठ ने रहीम की याचिका को उन मामलों के साथ जोड़ने का फैसला किया है।

अब इस मामले में अदालत के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल होगा कि सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिस की निगरानी की जरूरत के बीच नागरिकों की निजता और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का संतुलन कैसे बनाया जाए। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने की सहमति दी है और आगे की सुनवाई में इन कानूनी सवालों पर विस्तार से दलीलें सामने आने की उम्मीद हैं।

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  Sports

Shubman Gill ने Sri Lanka के खिलाफ Prasidh Krishna और गुरनूर बरार को बताया बेहतरीन तेज गेंदबाज

भारत के कप्तान शुभमन गिल ने संकेत दिया है कि शनिवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रहे पहले टेस्ट में अनुभवी मोहम्मद सिराज के साथ प्रसिद्ध कृष्णा नई गेंद साझा कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने कर्नाटक के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध और युवा गुरनूर बरार में से किसी एक को चुनने को ‘मुश्किल फैसला’ बताया। भारत इस दौरे पर बाएं हाथ के तीन स्पिनरों रविंद्र जडेजा, मानव सुथार और कुलदीप यादव के साथ उतर रहा है।

वहीं चार तेज गेंदबाजों में सिराज की जगह लगभग तय है। आकिब नबी दौड़ में नहीं हैं जबकि छह फुट पांच इंच लंबे गुरनूर और उनसे एक इंच छोटे प्रसिद्ध के बीच चयन होना है। प्रसिद्ध सात टेस्ट खेल चुके हैं और उनके नाम 25 विकेट हैं।

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पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर गिल ने कहा, ‘‘गुरनूर बरार ने पुरानी गेंद से शानदार गेंदबाजी की है क्योंकि वह अच्छी रफ्तार से उछाल हासिल कर सकते हैं। लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने पिछले कुछ समय में अच्छी गेंदबाजी की है, जैसा कि हमने अभ्यास मैच में देखा। इसलिए यह मुश्किल फैसला है।’’ गिल ने कहा कि यह श्रृंखला जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में प्रसिद्ध और गुरनूर जैसे खिलाड़ियों के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का मौका है।

बुमराह घुटने की चोट के कारण टीम में नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जसप्रीत बुमराह यहां नहीं हैं, लेकिन यह किसी और के लिए आगे बढ़ने का मौका है। यह खेल की रफ्तार को समझने की बात है।’’ बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को एक अन्य बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में नंबर तीन पर उतारे जाने की उम्मीद है।

वहीं दबाव में चल रहे ध्रुव जुरेल के पिछले कुछ टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बावजूद मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने की संभावना है। इस संदर्भ में गिल ने कहा, ‘‘खिलाड़ी अपने आप आगे बढ़ेंगे। हमें उन्हें समय देना होगा।

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कुछ खिलाड़ियों को थोड़ा समय चाहिए।’’ उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और टीम प्रबंधन के बीच कथित तौर पर संवाद में कमी की अटकलों को भी खारिज किया। गिल ने कहा, ‘‘उनके साथ लगातार संवाद होता रहता है। दुर्भाग्य से साई सुदर्शन में उतना सुधार नहीं हुआ जितना हम चाहते थे, क्योंकि टेस्ट में हम जोखिम नहीं ले सकते।

लेकिन हमें अपने 15 खिलाड़ियों पर भरोसा है।’’ टेस्ट कप्तान के रूप में एक साल पूरा कर चुके गिल का मानना है कि वह हर मैच के साथ इस भूमिका में बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह श्रृंखला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के उस अभियान को फिर पटरी पर लाने के बारे में होगी जिसे पिछली कुछ श्रृंखलाओं में झटके लगे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब मैं कप्तान की भूमिका में सहज हूं।

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हमारा लक्ष्य विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह की दौड़ में बने रहना है। इसके लिए हमें छह या सात टेस्ट जीतने होंगे। इसलिए हम यहां से शुरुआत करना चाहते हैं।’’ शनिवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाला पहला टेस्ट भारत का पारंपरिक प्रारूप में 600वां मैच होगा।

भारत ने 1932 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। गिल ने कहा, ‘‘600वें टेस्ट में अपने देश की अगुआई करना सम्मान की बात है और स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा करना इससे भी बड़ा सम्मान है।

Fri, 14 Aug 2026 16:27:00 +0530

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