हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन जातक भगवान शंकर की विधिवत रुप से पूजा-अर्चना करते हैं। इसके साथ ही अन्न-धन आदि चीजों का दान किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महादेव की साधना करने से साधक के सभी भय से छुटकारा मिल जाता है और जीवन में सुख-शांति बनीं रहती है।
सोमवार दिन शिव चालीसा का पाठ करना अति फलदायी माना जाता है। इससे शिव जी प्रसन्न रहते हैं और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। किसी कारणवश जल्दी में आप भगवान शिव का चालीसा नहीं पढ़ पाए, तो आप इस लेख में बताई जाने वाली चालीसा की पक्तियों को पढ़ सकते हैं। ऐसा करने से आपको शुभ परिणाम मिलेगा।
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥
इस चौपाई में भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया गया है। इसमें उन्हें माता पार्वती के प्रिय पति और दीन-दुखियों पर कृपा बरसाने वाले करुणामय देव के रूप में संबोधित किया गया है। साथ ही उनकी वंदना करते हुए कहा गया है कि वे सदैव धर्मपरायण लोगों, संतों और अपने भक्तों की रक्षा कर उन्हें हर संकट से बचाते हैं।
कर त्रिशूल डमरू विरजाई। अघ निवारि सन्तन सुखदाई॥
इस पंक्ति में भगवान शिव के दिव्य स्वरूप का गुणगान किया गया है। इसमें बताया गया है कि उनके करकमलों में विराजमान त्रिशूल और डमरू उनकी अलौकिक छवि को और भी भव्य बनाते हैं। साथ ही शिव जी को ऐसे देवता के रूप में स्मरण किया गया है जो अपने भक्तों के पापों का अंत कर उन्हें सुख, शांति और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
देवन नीधि की पुकार जुहारी। आय गरल आप ही पचारी॥
इस पंक्ति में भगवान शिव के महान त्याग और करुणा का वर्णन किया गया है। इसका भावार्थ है कि समुद्र मंथन से उत्पन्न घातक हलाहल विष ने जब पूरे जगत को संकट में डाल दिया, तब देवताओं और समस्त प्राणियों की रक्षा के लिए भगवान शिव ने स्वयं उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। उनके इस बलिदान से सृष्टि विनाश से बच गई और सभी जीवों की रक्षा संभव हो सकी।
पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥
इस पंक्ति का भावार्थ है कि जब भगवान श्रीराम ने रामेश्वरम में भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक उपासना की, तब उन्हें शिवजी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। महादेव की कृपा से श्रीराम ने रावण पर विजय हासिल की और धर्म की स्थापना करते हुए विभीषण को लंका का राजसिंहासन सौंपा। यह प्रसंग भगवान शिव की कृपा और उनके भक्तों के प्रति अनुकंपा को दर्शाता है।
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥"
इस पंक्ति का अर्थ है कि भगवान शिव अपने भक्तों की अटूट श्रद्धा, समर्पण और कठोर तप से अत्यंत प्रसन्न होते हैं। जब कोई साधक सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, तो महादेव उस पर अपनी कृपा बरसाते हैं और उसकी योग्य इच्छाओं को पूर्ण करते हुए उसे मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
शिव चालीसा पाठ करने की सरल विधि
- सोमवार की सुबह जल्दी उठें।
- शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।
- इसके बाद दीपक जलाएं और महादेव की आरती करें और शिव चालीसा का पाठ करें।
- श्रद्धा के साथ ऊपर दी गई पक्तियों का पाठ करें।
- फल और सफेद मिठाई का भोग भगवान शिव को लगाएं।
- इसके बाद जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
Continue reading on the app
पिछले कारोबारी सत्र (शुक्रवार) की भारी गिरावट के बाद, हफ्ते के पहले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर हरे निशान के साथ वापसी की है। एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक वैश्विक संकेतों के दम पर घरेलू शेयर बाजार के दोनों मुख्य सूचकांक— बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुले। शुरुआती दौर में बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 206.16 अंक चढ़कर 74,981.90 अंक पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 42.65 अंक की बढ़त के साथ 23,604.80 अंक पर कारोबार करता देखा गया।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल टेक के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे।
वहीं सन फार्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर में गिरावट रही।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे जबकि चीन का एसएसई कम्पोजिट गिरावट में रहा।
अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 93.15 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 21,105.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
सेंसेक्स शुक्रवार को 1,092.06 अंक और निफ्टी 359.40 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
Continue reading on the app