ISI-अंडरवर्ल्ड गठजोड़ की अहम कड़ी हुजैफा की तलाश तेज, दिल्ली पुलिस जारी करेगी LOC
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के मुताबिक फिलहाल वह हुजैफा को पकड़ना चाहती है। वह आईएसआई-अंडरवर्ल्ड के जरिये इस मॉड्यूल को खड़ा करने वाला मुख्य सरगना है। उसकी गिरफ्तारी से अन्य संदिग्धों का खुलासा हो सकता है।
दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन:'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' जैसे गानों के लिए जानी गईं; मराठी, असमी, बंगाली और उड़िया में भी गाने गाए
मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम को मुंबई में 89 की उम्र में अपने आवास पर निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके मौत की वजह उम्र से जुड़ी दिक्कतें हैं। उनकी करीबी दोस्त मंगला खाडिलकर ने बताया कि सुमन जी ने रात करीब 8 बजे अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ दिनों से अपने ही गाए हुए गाने सुन रही थीं और उन्होंने बहुत शांति से दुनिया को अलविदा कहा। सोमवार सुबह करीब 11:30 से 12 बजे के बीच पवन हंस श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके परिवार में उनकी बेटी चारू हैं। उन्हें 2023 में ‘पद्म भूषण’ मिला था। 1960 और 1970 के दशक में खास पहचान बनाई सुमन कल्याणपुर ने 1960 और 1970 के दशक में अपनी सुरीली आवाज से संगीत जगत में एक खास पहचान बनाई थी। उस दौर में लता मंगेशकर जैसी महान गायिका के रहते हुए भी उन्होंने अपनी अलग जगह बनाई। उनके गाए ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’ और ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसे गाने आज भी लोकप्रिय हैं। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, असमी, कन्नड़, बंगाली और उड़िया सहित कई भाषाओं में गाने गाए। हालांकि लोग अक्सर उनकी आवाज की तुलना लता मंगेशकर से करते थे, लेकिन सुमन जी हमेशा इस तुलना को खारिज करती थीं। साल 2022 के एक इंटरव्यू में उन्होंने लता जी को अपनी बेहद करीबी दोस्त बताते हुए कहा था कि उनसे मिलना हमेशा एक सहेली से मिलने जैसा अहसास कराता था। लता मंगेशकर से मिलती आवाज सुमन कल्याणपुर की आवाज लता मंगेशकर से मिलती थी। दोनों के गाने का अंदाज, सुरों की शुद्धता और आवाज की बनावट एक जैसी मानी जाती थी। कई बार लता मंगेशकर जी के सहायक और उनके करीबी मिलने वाले भी उनकी और सुमन जी की आवाज़ के बीच धोखा खा जाते थे। इसी खूबी की वजह से जब 1960 के दशक में लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच विवाद हुआ, तो सुमन कल्याणपुर फिल्म इंडस्ट्री की पहली पसंद बनीं और उन्होंने रफी साहब के साथ एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर गाने गाए। अमीन सयानी को 45 साल इंतजार कराया जाने-माने रेडियो अनाउंसर अमीन सयानी 45 सालों तक सुमन जी से एक इंटरव्यू के लिए समय मांगते रहे। लेकिन सुमन हर बार टाल जाती थीं। आखिर 45 सालों के बाद अमीन सयानी का इंतजार 2005 में खत्म हुआ, जब सुमन जी एक घंटे के इंटरव्यू के लिए राजी हुईं । हालांकि उन्होंने इंटरव्यू की मंजूरी सिर्फ इस शर्त पर दी कि कोई उनकी फोटो नहीं खींचेगा और अगर कोई सवाल उन्हें असहज लगा तो वो उसका जवाब नहीं देंगी। पड़ोसी ने पिता से संगीत सिखाने को कहा सुमन का रुझान बचपन से ही पेंटिंग और म्यूजिक की तरफ था। जिसके चलते स्कूल के बाद ग्रेजुएशन भी आर्ट्स में की। वो पेंटर बनना चाहती थीं लेकिन सुमन की आवाज की परख उनके पड़ोसी और पिता के दोस्त पंडित केशव राव भोले को हो गयी थी। उन्होंने सुमन के पिता से सुमन को संगीत सिखाने की बात कही। पहले तो सुमन शौकिया ही संगीत सीख रहीं थीं लेकिन समय के साथ-साथ इसमें उनकी रुचि बढ़ने लगी। संगीत को वो और गंभीरता से सीखने लगीं। आने वाले सालों में सुमन ने उस्ताद खान, अब्दुल रहमान खान और गुरुजी मास्टर नवरंग जैसे दिग्गजों से भी संगीत की बारिकियां सीखीं। --------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को चेन्नई में निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही थीं। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Hindustan




















