फेफड़ों के कैंसर के इलाज को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। हाल ही में जारी एक अध्ययन के अनुसार, एक नई प्रयोगात्मक दवा ने अंतिम चरण के परीक्षण में मौत के खतरे को 34 प्रतिशत तक कम करने में सफलता हासिल की है। चिकित्सा जगत में इस परिणाम को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि फेफड़ों का कैंसर दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण बना हुआ है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यह दवा चीन की जैव प्रौद्योगिकी कंपनी अकेसो और उसकी साझेदार कंपनी समिट थेराप्यूटिक्स द्वारा विकसित की गई है। दवा का नाम आइवोनेसिमैब है। इसे कीमोथेरेपी के साथ उन मरीजों पर आजमाया गया जो स्क्वैमस नॉन-स्मॉल सेल फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थे। यह फेफड़ों के कैंसर का एक जटिल और अपेक्षाकृत कठिन प्रकार माना जाता है।
अध्ययन के नतीजों के मुताबिक, इस दवा और कीमोथेरेपी के संयुक्त इस्तेमाल से मरीज औसतन 27.9 महीने तक जीवित रहे, जबकि पारंपरिक प्रतिरक्षा चिकित्सा और कीमोथेरेपी लेने वाले मरीजों की औसत जीवित रहने की अवधि 23.7 महीने रही। यानी नई दवा के प्रयोग से मरीजों की जीवन अवधि में करीब चार महीने की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बता दें कि आइवोनेसिमैब एक विशेष प्रकार की दवा है, जो शरीर में दो अलग-अलग जैविक लक्ष्यों पर एक साथ काम करती है। यही वजह है कि इसे लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों और निवेशकों के बीच काफी चर्चा हो रही है। कई विशेषज्ञ इसे कैंसर उपचार की मौजूदा प्रमुख दवाओं का संभावित विकल्प भी मान रहे हैं।
हालांकि विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। अमेरिका के एमोरी विश्वविद्यालय के विनशिप कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. सुरेश रामालिंगम ने कहा कि परिणाम उत्साहजनक हैं, लेकिन यह परीक्षण केवल चीन में किया गया है। ऐसे में यह जानना जरूरी होगा कि दूसरे देशों और विभिन्न आबादी वाले मरीजों पर यह दवा कितना प्रभावी साबित होती है।
गौरतलब है कि इस दवा का एक वैश्विक तीसरे चरण का परीक्षण भी जारी है, जिसके परिणाम आने वाले समय में सामने आएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसी तरह के नतीजे मिलते हैं, तो फेफड़ों के कैंसर के इलाज में यह दवा एक बड़ा बदलाव ला सकती है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दवा लेने वाले कुछ मरीजों में रक्तस्राव जैसी दुष्प्रभाव संबंधी समस्याएं देखी गईं, लेकिन गंभीर मामलों की संख्या काफी कम रही है। शोधकर्ताओं का कहना है कि दवा की सुरक्षा और प्रभावशीलता दोनों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बता दें कि पिछले एक दशक में कैंसर के इलाज में कई नई तकनीकों और दवाओं का विकास हुआ है। ऐसे में आइवोनेसिमैब के सकारात्मक परिणाम फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे लाखों मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष वैश्विक परीक्षणों के पूरे होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
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आईपीएल 2026 ने भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा दे दिया है। राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो अब तक आईपीएल इतिहास में कोई नहीं कर पाया था। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने ऑरेंज कैप जीतकर नया इतिहास रच दिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 मैचों में 776 रन बनाए और टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के ऑरेंज कैप विजेता बन गए हैं।
गौरतलब है कि अंतिम मुकाबले से पहले गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल 722 रन और उनके साथी बल्लेबाज साई सुदर्शन 710 रन के साथ ऑरेंज कैप की दौड़ में बने हुए थे। हालांकि दोनों बल्लेबाज निर्णायक मुकाबले में बड़ा स्कोर बनाने में असफल रहे। शुभमन गिल केवल 10 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि साई सुदर्शन 12 रन ही बना सके। इसके चलते वैभव सूर्यवंशी का शीर्ष स्थान बरकरार रहा।
बता दें कि वैभव ने पूरे सत्र में आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। उनके बल्ले से 63 चौके और 72 छक्के निकले, जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रमाण हैं। इस सत्र में उनका सर्वोच्च स्कोर 103 रन रहा।
विशेष रूप से नॉकआउट मुकाबलों में खेली गई उनकी दो पारियां ऑरेंज कैप जीतने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुईं। उन्होंने एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे, जबकि क्वालीफायर-2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 96 रन की शानदार पारी खेली थी। इन दोनों पारियों ने उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे पहुंचा दिया था।
गौरतलब है कि इससे पहले आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने का रिकॉर्ड साई सुदर्शन के नाम था। उन्होंने आईपीएल 2025 में 23 वर्ष और 231 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब वैभव सूर्यवंशी ने उस रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है।
आईपीएल 2026 के ऑरेंज कैप की अंतिम सूची में वैभव सूर्यवंशी 776 रन के साथ पहले स्थान पर रहे। शुभमन गिल 732 रन के साथ दूसरे और साई सुदर्शन 722 रन के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वहीं हेनरिक क्लासेन 624 रन और ईशान किशन 602 रन बनाकर शीर्ष पांच बल्लेबाजों में शामिल रहे।
बता दें कि आईपीएल इतिहास में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, केन विलियमसन, जोस बटलर और शुभमन गिल जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। अब इस प्रतिष्ठित सूची में वैभव सूर्यवंशी का नाम भी जुड़ गया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह की बल्लेबाजी वैभव ने इस सत्र में दिखाई है, वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। कम उम्र में इतना बड़ा रिकॉर्ड बनाना उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाता है। फिलहाल आईपीएल 2026 का यह सत्र वैभव सूर्यवंशी के नाम दर्ज हो चुका है और क्रिकेट जगत में उनकी उपलब्धि की जमकर चर्चा हो रही है।
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