IPS Transfer: इन 5 आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला, सरकार ने सौंपा नया पदभार, यहाँ देखें लिस्ट
मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा तीनों राज्यों के पुलिस विभाग (IPS Transfer) में बदलाव हुआ है। राजस्थान में दो जिलों में नए पुलिस अधीक्षक (SP) बदले गए हैं। वहीं ओडिशा में डीआईजी बदले गए हैं। वहीं मध्यप्रदेश में डॉ मोहन यादव की सरकार ने मनीष भारद्वाज का स्थानांतरण किया है। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश शनिवार को जारी किया गया है।
बैच 2023 के आईएएस अधिकारी मनीष भारद्वाज को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह एमपी नगर, नगरीय भोपाल में सहायक पुलिस उपायुक्त पद पर नियुक्त किया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से नया पदभार संभालने का निर्देश दिया गया है। इसे संबंधित आदेश गृह विभाग ने जारी किया गया है।
Screenshot 2026-05-31 192808राजस्थान आईपीएस तबादला
राजस्थान सरकार ने आईपीएस अधिकारी ज्ञान चंद्र यादव को पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय सिविल राइट्स जयपुर पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह डीडवाना-कुचामन एसपी पद पर कार्यरत थे। डॉ प्यारेलाल शिव रान को डीडवाना कुचामन का नया एसपी बनाया गया है। राज्यपाल की आज्ञा से संयुक्त शासन सचिव डॉ धीरज कुमार सिंह द्वारा संबंधित आदेश जारी किया गया है।
202605300841157722924IPSorderdated30-05-2026ओडिशा आईपीएस तबादला
ओडिशा सरकार ने बैच 2009 के आईपीएस अधिकारी अखिलेश्वर सिंह, डीआईजी, एसआईडब्ल्यू भुवनेश्वर को डीआईजी पुलिस, SWR, कोरापुट पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। डॉ कंवर विशाल सिंह, डीआईजी पुलिस, SWR कोरापुट को तत्काल प्रभाव से डीआईजी पुलिस,एसटीएफ भुवनेश्वर पद पर तैनात किया गया है। सभी को तत्काल प्रभाव से नया कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है। इससे संबंधित आदेश पुलिस के AIG (हेडक्वाटर), ओडिशा कटक ने जारी किया है।
1780163305_Document31अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर शशि थरूर का बड़ा बयान, बोले – ‘पत्थर फेंककर नहीं, बैलेट बॉक्स से बताओ’
“पत्थर फेंककर नहीं, अपनी राय बैलेट बॉक्स से बताओ।” यह सख्त संदेश कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिया है। दरअसल पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद देश भर की राजनीति गरमाई हुई है। वहीं इस हमले पर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर ने भी इस घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ी। रविवार (31 मई, 2026) को उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की राजनीति के लिए ठीक नहीं हैं। हमारी ऐसी परंपरा कभी नहीं रही है। राजनीति में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।
ऐसी चीजें राजनीति के लिए सही नहीं: शशि थरूर
दरअसल कांग्रेस सांसद शशि थरूर से जब इस मामले पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने साफ शब्दों में अपनी बात रखी। थरूर ने कहा, “मैं इस पर क्या कह सकता हूं? मैं कोलकाता में मौजूद नहीं हूं।” लेकिन थरूर ने साथ ही यह भी जोड़ा कि “ऐसी चीजें हमारी राजनीति के लिए सही नहीं हैं।” उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि “हमारी परंपरा रही है कि हम अपनी राय बैलेट बॉक्स में बताते हैं।” “पत्थर फेंककर या लोगों के साथ मारपीट करके अपनी बात नहीं रखनी चाहिए।” थरूर ने राजनीतिक हिंसा की कड़ी निंदा की और लोकतंत्र में संवाद का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि मतभेद होने पर भी लोकतांत्रिक तरीकों से ही अपनी बात रखनी चाहिए, न कि हिंसा का सहारा लेना चाहिए।
जानिए क्या है पूरा मामला?
वहीं पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर राजनीतिक बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तृणमूल कांग्रेस के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार (30 मई, 2026) को सोनारपुर में हमला हुआ था। इस हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने खुद पर हुए इस हमले के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार पर भी हमला करने का गंभीर आरोप लगाया। बनर्जी ने शनिवार को हुए इस हमले को भाजपा के लोकतंत्र का सबसे बड़ा नमूना बताया। बनर्जी ने साफ कहा कि यह हमला भाजपा द्वारा प्रायोजित था।
अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?
दरअसल अभिषेक बनर्जी ने हमले की गंभीरता बताते हुए कहा कि हमलावर उन्हें जान से मारने की नीयत से आए थे। उन्होंने बताया, “अगर मैंने हेलमेट नहीं पहना होता, तो वे मेरे सिर को दो हिस्सों में बांट देते।” बनर्जी ने इस घटना को अपनी जान पर खतरा बताया। इस हमले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखने को मिल रहा है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस घटना ने राज्य में राजनीतिक माहौल को और भी गर्म कर दिया है।
वहीं इस पूरे मामले को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। पुलिस ने अब तक कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस गिरफ्तारी के साथ ही एक बड़ा ट्विस्ट भी सामने आया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन लोगों का संबंध सोनारपुर से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व विधायक रह चुकी लवली मैत्रा के साथ पाया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावरों का पूर्व विधायक से क्या संबंध है और हमले के पीछे का असली मकसद क्या था।




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