भारतीय नौसेना को मिला नया नेतृत्व, एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन बने 27वें नौसेना प्रमुख, संभाला कार्यभार
भारतीय नौसेना के शीर्ष नेतृत्व में रविवार, 31 मई को एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा गया। इसी दिन, एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने देश के 27वें नौसेना प्रमुख के रूप में अपना गौरवपूर्ण कार्यभार संभाला, जो उनकी लंबी और विशिष्ट सेवा का एक नया अध्याय है। इस अवसर पर, साउथ ब्लॉक परिसर में एक भव्य और औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का आयोजन किया गया, जहाँ नव नियुक्त नौसेना प्रमुख को सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी गई, जिसने इस पदग्रहण समारोह को और भी गरिमामय बना दिया। इस महत्वपूर्ण पदभार ग्रहण के साथ ही, निवर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने अपनी सेवाओं से सेवानिवृत्ति ले ली। सेवानिवृत्ति से पूर्व, एडमिरल त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जो उनकी निष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक था।
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का भारतीय नौसेना में एक अत्यंत लंबा और प्रतिष्ठित करियर रहा है, जो उनकी विशेषज्ञता और नेतृत्व क्षमता का परिचायक है। उन्हें 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था, जिसके बाद से उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। वे संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों के क्षेत्र में एक अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने अपनी गहन विशेषज्ञता से नौसेना की तकनीकी और सामरिक क्षमता में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी अत्यंत प्रभावशाली रही है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और आधारभूत शिक्षा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला से पूर्ण की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूपोर्ट स्थित नेवल वॉर कॉलेज जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों से भी उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त किया है। यह उनकी बहुआयामी ज्ञान और नेतृत्व कौशल को दर्शाता है।
नौसेना प्रमुख बनना बताया जीवन का सबसे बड़ा सम्मान: कृष्णा स्वामीनाथन
पदभार ग्रहण करने के उपरांत, एडमिरल स्वामीनाथन ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस नए और महत्वपूर्ण दायित्व को अत्यंत गर्व और गहन जिम्मेदारी की भावना के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुने जाने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य बताया, जिससे उनके प्रति राष्ट्र का गहरा विश्वास और अपेक्षाएं स्पष्ट होती हैं। उन्होंने राष्ट्र को यह दृढ़ भरोसा दिलाया कि भारतीय नौसेना सदैव राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः सतर्क और हर चुनौती का सामना करने के लिए तत्पर रहेगी। उनका यह कथन नौसेना के अटूट संकल्प और देश की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है।
नए नौसेना प्रमुख ने वर्तमान क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्रीय सुरक्षा का माहौल काफी चुनौतीपूर्ण, जटिल और अनिश्चित बना हुआ है, जिससे भारतीय नौसेना के समक्ष सामरिक और रणनीतिक स्तर पर नई चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे समय में, उन्होंने अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारी और युद्ध करने की क्षमता को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखना बताया। उनका मानना है कि यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है ताकि देश की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा प्रभावी ढंग से की जा सके। इससे भारत की समुद्री सीमाओं, व्यापारिक मार्गों और रणनीतिक संपत्तियों की अखंडता सुनिश्चित होगी, जो राष्ट्रीय समृद्धि और स्थिरता के लिए अपरिहार्य है।
Admiral Krishna Swaminathan assumed charge as the 27th Chief of the Naval Staff of the Indian Navy on 31 May 2026*.
He succeeds Admiral Dinesh Kumar Tripathi, PVSM, AVSM, NM, who superannuated after 41 years of distinguished service.
(Source: Indian Navy) pic.twitter.com/ZHa4DDWbfj
— ANI (@ANI) May 31, 2026
असम में 5 जून को होगा मंत्रिमंडल का विस्तार, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर दी जानकारी
असम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिलेगा। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद अब मंत्रिपरिषद का विस्तार होने जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को इस संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि असम सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 5 जून को किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि असम सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार 5 जून को होगा।’ यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में एनडीए ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 4 मई को हुई मतगणना में एनडीए ने 126 सदस्यीय विधानसभा में कुल 102 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की थी। इस शानदार जीत के बाद, 12 मई को गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरिनरी कॉलेज मैदान में हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
नए मंत्रियों के नामों को लेकर सस्पेंस बरकरार
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा चार अन्य मंत्रियों ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। इनमें रामेश्वर तेली, अजंता नेओग, अतुल बोरा और चरण बोरो शामिल हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मंत्रिमंडल में किन नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, किन विभागों में बदलाव होगा, इस पर भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन, असम के राजनीतिक हलकों में पिछले कई सप्ताह से मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर गहन चर्चा चल रही थी। माना जा रहा है कि इस विस्तार के जरिए मंत्रिपरिषद में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा। इसके साथ ही, कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा फेरबदल किया जा सकता है। वर्तमान में, मुख्यमंत्री के अलावा मंत्रिमंडल में केवल चार मंत्री ही शामिल हैं। इन मंत्रियों के पास कई-कई विभागों की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, रामेश्वर तेली को परिवर्तन एवं विकास, श्रम कल्याण तथा चाय जनजाति एवं आदिवासी कल्याण विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। चाय जनजाति एवं आदिवासी कल्याण विभाग को उनके कार्यभार में शामिल किया जाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका कारण यह है कि राज्य सरकार चाय बागान समुदायों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी तरह, असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष अतुल बोरा को भी कई महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, असम समझौता क्रियान्वयन, सीमा संरक्षण एवं विकास तथा आबकारी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असम समझौते के प्रावधानों को लागू करने और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर अतुल बोरा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। यह विस्तार राज्य के शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा और गतिशीलता लाने की उम्मीद है।
I am pleased to inform that the Council of Ministers of the Government of Assam will be expanded on 5 June 2026.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) May 31, 2026
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