IPL फाइनल में कैसा रहा है रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस का इतिहास, जानें किसे कितनी बार मिली हार
IPL 2026 Final : इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मैच आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाने है. रात ढलने से पहले हमें आज आईपीएल 2026 का विजेता मिल जाएगा. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले मुकाबले के बाद चैंपियन का नाम हमारे पास आ जाएगा. उससे पहले हम आपको बताने वाले हैं कि, आरसीबी और गुजरात टाइटंस ने कब-कब आईपीएल का फाइनल खेला है और कितनी बार उन्हे हार मिली है, जबकि कितनी बार दोनों ने फाइनल जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की है.
आरसीबी का IPL फाइनल में कैसा रहा इतिहास
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अब तक 4 आईपीएल फाइनल खेले हैं. इस बार रजत पाटीदार की कप्तानी में आरसीबी अपना पांचवां आईपीएल फाइनल खेलने वाली है. इस दौरान उनसे 3 बार फाइनल में हार मिली है, जबकि उसने सिर्फ एक बार फाइनल जीता है. आरसीबी 2025 आईपीएल फाइनल की विजेता है और इस बार अपना टाइटल डिफेंड करने उतरेगी.
#TheFinalLeap ???????? pic.twitter.com/HZvii0EZha
— Royal Challengers Bengaluru (@RCBTweets) May 31, 2026
आरसीबी ने पहली बार 2009 में आईपीएल फाइनल में जगह बनाई थी, जहां उसे डेक्कन चार्जर्स ने 6 रनों से हराया था. 2011 में भी आरसीबी ने फाइनल में प्रवेश किया लेकिन इस बार उसे चेन्नई सुपर किंग्स ने 58 रनों से हार दिया. आरसीबी ने 2016 में भी धमाकेदार एंट्री मारी लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद ने उसे 8 विकेट से हरा दिया.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2025 फाइनल में जगह बनाई. पंजाब किंग्स को हराकर चौथी बार फाइनल में पहुंचने वाली आरसीबी पहली बार चैंपियन बनी. अब आरसीबी पांचवीं बार गुजरात टाइटंस के साथ आज फाइनल खेलने वाली है. इस बार उसे हार मिलेगी या जीत ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
गुजरात टाइटंस का IPL फाइनल में इतिहास
गुजरात टाइसंट की टीम ने अब तक कुल 2 आईपीएल फाइनल खेले हैं. इसमें उसे अपने पहले फाइनल में जीत मिली थी और वो अपने पहले ही सीजन में हार्दिक पांड्या की कप्तानी में चैंपियन बनी थी. इसके बाद दूसरे सीजन में भी गुजरात की टीम फाइनल में पहुंची. हार्दिक ने लगातार दूसरी बार अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया. अब शुभमन गिल की कप्तानी में GT अपने अपने पांचवें सीजने में तीसरी बार फाइनल में पहुंची है.
Manzil sirf ek hai...Gujarat no Gadh mein phirse jeetna hai! ????️????#3in5 pic.twitter.com/ea0CRSz4i9
— Gujarat Titans (@gujarat_titans) May 31, 2026
गुजरात टाइटंस ने 2022 में पहली बार फाइनल में प्रवेश किया. उन्होंने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराया और ट्रॉफी अपने नाम की. इसके बा आईपीएल 2023 के फाइनल में गुजरात टाइटंस की टक्कर चेन्नई सुपर किंग्स से हुई, जहां उसे सीएसके के हाथों डकवर्थ लूईस नियम के तहल 5 विकेट से हारकर चैंपियन का ताज गंवना पड़ गया.
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जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने एआई बबल के बारे में लोगों को किया सतर्क, वैल्यूएशन 1999 से भी अधिक हुए
नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। जोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक और मुख्य वैज्ञानिक श्रीधर वेम्बू ने लोगों से एआई बबल को लेकर चेतावनी दी और कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनियों के वैल्यूएशन 1999 के डॉटकॉम बबल से भी अधिक हो गए है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, वेम्बू ने प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के मूल्य-बिक्री अनुपात पर प्रकाश डालते हुए तर्क दिया कि वर्तमान में वैल्यूएशन बिजनेस के फंडामेंटल से तेजी से अलग होते जा रहे हैं।
उन्होंने एनवीडिया, एप्पल, अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स और माइक्रोन टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इनमें से कई कंपनियां अपने वार्षिक राजस्व के ऊंचे मल्टीपल पर कारोबार कर रही हैं।
वेम्बू के अनुसार, एनवीडिया वर्तमान में बिक्री के लगभग 20 गुना पर कारोबार कर रही है, जबकि एप्पल, अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट का मूल्य-बिक्री अनुपात लगभग 10 से 11 गुना है। मेटा लगभग 7.5 गुना बिक्री पर है, जबकि माइक्रोन लगभग 19 गुना बिक्री पर कारोबार कर रही है।
लोगों को सतर्क करने के लिए, वेम्बू ने 2000 के दशक की शुरुआत में डॉट-कॉम बबल के फूटने के बाद स्कॉट मैकनीली द्वारा की गई टिप्पणियों का हवाला दिया। मैकनीली ने तर्क दिया था कि अगर कोई निवेश किसी कंपनी में 10 के मूल्य-बिक्री अनुपात पर निवेश करता है तो इस वैल्यूशन को उचित ठहराने के लिए कंपनी को कई वर्षों तक असाधारण प्रदर्शन करना होगा।
1990 के दशक के आखिरी में आए डॉटकॉम बबल से तुलना करते हुए, वेम्बू ने कहा कि वर्तमान माहौल एक बबल को दर्शाता है और सुझाव दिया कि यह 1999 में देखे गए डॉटकॉम बबल से भी बड़ा हो सकता है।
उन्होंने कहा किया कि यह एक बेतुका बबल है, जो 1999 से भी बड़ा है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एआई से जुड़े शेयरों, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर निर्माताओं और सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में लगातार तेजी देखी जा रही है, क्योंकि यह उम्मीद की जा रही है कि एआई विभिन्न उद्योगों में महत्वपूर्ण वृद्धि और उत्पादकता लाभ लाएगी। एआई के इस उछाल ने कई प्रौद्योगिकी कंपनियों को रिकॉर्ड बाजार पूंजीकरण तक पहुंचा दिया है और प्रमुख शेयर सूचकांकों को नए उच्च स्तर पर पहुंचाने में मदद की है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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