Video: हर घर बना ग्रीन स्टोर! महिलाओं ने खाली जमीन से बदली गांव की तस्वीर, बैकयार्ड किचन न्यूट्रिशन गार्डन हिट
Backyard Kitchen Nutrition Garden: झारखंड के हालुदबानी गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं. महज 35 घरों वाले इस गांव में अब हर घर के पीछे छोटा-सा पोषण बगीचा तैयार हो चुका है. जिसने परिवारों की रसोई और सेहत दोनों को मजबूत बनाया है. पहले घरों के पीछे की खाली जमीन बेकार पड़ी रहती थी, लेकिन अब वहां भिंडी, टमाटर, बैंगन, मिर्च, फूलगोभी और बरबटी जैसी जैविक सब्जियां लहलहा रही हैं. TMILL संस्था की पहल और प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने “बैकयार्ड किचन न्यूट्रिशन गार्डन” को अपनाया और बाजार पर निर्भरता कम कर दी. गांव की महिलाओं का कहना है कि अब रोजाना ताजी सब्जियां घर में ही मिल जाती हैं, जिससे खर्च में कमी आई है और परिवार को पौष्टिक भोजन मिल रहा है. यह पहल सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त भी बना रही है. हालुदबानी आज ग्रामीण विकास का एक मॉडल बनकर उभरा है, जहां हरियाली के साथ आत्मनिर्भरता भी फल-फूल रही है.
स्वतंत्रता आंदोलन की आग और विरह का आदिम राग
कजरी और पूरबी गीतों के जरिए 1857 के दमन, गिरमिटिया विस्थापन और आज के पलायन का दर्द आज भी वैसा ही है. बनारस घराना और रेखा भारद्वाज जैसे कलाकारों ने इस दर्द को वैश्विक स्वर देने का काम किया है.
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