हो गई भविष्यवाणी! कौन जीतेगा आईपीएल 2026 फाइनल, जानें मनोज तिवारी ने आरसीबी या गुजरात किसे बताया चैंपियन?
RCB vs GT IPL 2026 Final : अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच आईपीएल 2026 का फाइनल खेला जाने वाला है. ये मैच आज शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा. उससे पहले ही भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवार ने चैंपियन टीम का नाम बता दिया है. उन्होंने RCB या GT किसे चैंपियन बताया है. आइए जानते हैं.
मनोज तिवारी ने किसे बनाया आईपीएल 2026 का चैंपियन
मनोज तिवारी ने कहा कि, 'गुजरात टाइसंट के गेंदबाज कर सकते हैं क्योंकि जिस तरह से उनकी बॉलिंग चल रही है. वो बेहतरीन है. हमने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उनकी बैटिंग भी देखी. क्वालिफायर 2 से पहले स्टैट्स से पता चलता था कि उन्होंने अपने पिछले सात मैचों में टारगेट का सफलतापूर्वक पीछा नहीं किया था. लेकिन उस दिन उन्होंने वह रिकॉर्ड तोड़ दिया. अगर वो इसी तरह खेलते हैं, तो वो फेवरेट हैं क्योंकि उन्हें होम क्राउड से सपोर्ट मिलेगा, जिससे उन्हें एक्स्ट्रा बूस्ट मिलेगा. मुझे लगता है कि यह एक अच्छा मैच होने वाला है, लेकिन गुजरात टाइटंस जीतने वाली है'.
Q: Since the final is being played in Ahmedabad, does Gujarat have a advantage?
— Abhishek Kumar (@Abhishek060722) May 31, 2026
Manoj Tiwary: "They do. Because of the way their bowling is clicking, and we saw their batting against RR as well. Before Qualifier 2, the stats showed that they hadn't successfully chased a target… pic.twitter.com/jcXPdGkvh7
गुजरात के खिलाफ आरसीबी 2-1 से आगे
इस सीजन आरसीबी और गुजरात की टक्कर 3 बार हुई है. इस सीजन के पहले मैच में आरसीबी ने गुजरात को हराया था. इसके बाद दूसरे मुकाबले में गुजरात ने आरसीबी को हराया. इसके बाद ये दोनों टीमें क्वालीफायर 1 में टकराईं, जहां पर गुजरात को आरसीबी ने फिर से हरा दिया.
And then there were 2️⃣...
— Royal Challengers Bengaluru (@RCBTweets) May 29, 2026
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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात टाइटंस की संभावित प्लेइंग-11
RCB - वेंकटेश अय्यर, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेट कीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेज़लवुड, रसिख सलाम डार, जैकब डफी, रोमारियो शेफर्ड.
GT - साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेट कीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, राहुल तेवतिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, अरशद खान/आर साई किशोर.
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दुनिया में घट रहा तंबाकू सेवन, लेकिन किशोरों में वेपिंग बनी नई चुनौती
नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। इस दौर में स्मोकिंग से ज्यादा वेपिंग एक चुनौती के तौर पर उभर रही है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर डब्ल्यूएचओ ने ऐसी तस्वीर पेश की जो भयावह है। बताया है कि कैसे युवा तंबाकू से दूरी बना रहे हैं, लेकिन वहीं किशोर इसके मकड़जाल में फंसते जा रहे हैं। 2000–2024 के बीच तंबाकू उपयोग की व्यापकता के रुझानों और 2025–2030 के अनुमानों पर वैश्विक रिपोर्ट पिछले दो वर्षों पहले प्रकाशित संस्करण का एक अपडेट है। ये हाल ही में जारी डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट ऑन द ग्लोबल टोबैको एपिडेमिक, 2025/ का एक महत्वपूर्ण पूरक भी है।
ये दोनों रिपोर्ट्स मिलकर यह दर्शाती हैं कि लगभग सभी देश प्रभावी तंबाकू नियंत्रण उपायों को अपनाने और लागू करने में आगे बढ़ रहे हैं। कई देश पहले से ही इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें तंबाकू उपयोग में उल्लेखनीय कमी शामिल है, और इसके परिणामस्वरूप सीधे स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ भी देखे जा रहे हैं।
रिपोर्ट कहती है कि दुनिया भर में तंबाकू सेवन को कम करने के प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2000 में जहां 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 1.379 अरब लोग किसी न किसी तंबाकू उत्पाद का उपयोग करते थे, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 1.202 अरब रह गई। अनुमान है कि 2025 तक यह आंकड़ा और घटकर 1.196 अरब हो जाएगा। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
हालांकि, तंबाकू उपयोग में यह गिरावट एक नई चुनौती के साथ सामने आई है। दुनिया भर में लगभग 1.5 करोड़ किशोर, जिनकी आयु 13 से 15 वर्ष के बीच है, ई-सिगरेट या वेपिंग का उपयोग कर रहे हैं। जिन देशों में इस संबंध में आंकड़े उपलब्ध हैं, वहां किशोर, वयस्कों की तुलना में औसतन नौ गुना अधिक वेपिंग करते पाए गए हैं। इसके अलावा, करीब 4 करोड़ किशोर पारंपरिक तंबाकू उत्पादों का भी सेवन कर रहे हैं।
लिंग के आधार पर देखें तो 2024 में कुल तंबाकू उपयोगकर्ताओं में 83 प्रतिशत पुरुष हैं। इस वर्ष पुरुष उपयोगकर्ताओं की संख्या 99.7 करोड़ और महिला उपयोगकर्ताओं की संख्या 20.6 करोड़ दर्ज की गई। महिलाओं में तंबाकू सेवन में लगातार गिरावट देखी जा रही है। वर्ष 2000 में जहां 34.2 करोड़ महिलाएं तंबाकू का उपयोग करती थीं, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 20.6 करोड़ रह गई है। 2030 तक इसके 18.2 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
क्षेत्रीय स्तर पर दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे अधिक सुधार देखने को मिला है। 2010 से 2025 के बीच इस क्षेत्र में लगभग 6.9 करोड़ तंबाकू उपयोगकर्ताओं की कमी आने का अनुमान है। इसके विपरीत, अफ्रीका और पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में तंबाकू उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि तंबाकू उद्योग लगातार बदलती रणनीतियों के जरिए नई पीढ़ी को निकोटीन की लत की ओर धकेल रहा है। संस्था के स्वास्थ्य निर्धारक, संवर्धन और रोकथाम विभाग के निदेशक डॉ. एटियेन क्रुग के अनुसार, “तंबाकू से हर साल लाखों लोगों की मौत होने के बावजूद बड़ी तंबाकू कंपनियां अपने व्यापार मॉडल को नया रूप दे रही हैं। वे एक ओर घातक सिगरेट से मुनाफा कमाना जारी रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर फ्लेवरयुक्त ई-सिगरेट, निकोटीन पाउच और अन्य निकोटीन उत्पादों को आक्रामक रूप से बढ़ावा दे रही हैं, जिनका लक्ष्य अगली पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में लेना है।”
निकोटीन अत्यधिक नशे की लत पैदा करने वाला पदार्थ है और उच्च मात्रा में लेने पर यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। बच्चों, किशोरों और युवाओं के लिए इसका खतरा और अधिक है क्योंकि इस आयु वर्ग में मस्तिष्क का विकास अभी जारी रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम उम्र में निकोटीन के संपर्क में आने से लंबे समय तक लत लगने और मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है।
इसी चिंता के बीच, 19 मई को संस्था ने उन नेताओं और संगठनों को सम्मानित किया जिन्होंने युवाओं को आकर्षित करने के लिए अपनाई जा रही तंबाकू उद्योग की नई और जटिल रणनीतियों का मुकाबला करने के लिए साहसिक कदम उठाए हैं। इनमें भारत से भी दो थे। जयपुर के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव और दूसरा केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आईसीएमआर को।
तंबाकू का सेवन आज भी दुनिया में रोकी जा सकने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हर वर्ष 70 लाख से अधिक लोगों की मौत तंबाकू सेवन से होती है। यह हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों और 20 से अधिक प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ है।
--आईएएनएस
केआर/
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