साउथ सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस अनुपमा परमेश्वरन इन दिनों अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर काफी चर्चा में हैं। पिछले महीने उन्होंने एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें लिखा था कि जिंदगी में शांति पाने के लिए कुछ पुराने और बंद रास्तों को छोड़ना जरूरी होता है। इस पोस्ट के बाद से ही फैंस कयास लगा रहे थे कि उनका अपने कथित बॉयफ्रेंड ध्रुव विक्रम से ब्रेकअप हो गया है। अब अनुपमा ने एक इंटरव्यू में अपनी उस पोस्ट के पीछे का असली कारण बताया है।
पोस्ट के पीछे था 2 साल का शारीरिक और मानसिक दर्द
एक इंटरव्यू में बात करते हुए अनुपमा ने बताया कि उन्होंने वह पोस्ट किसी जल्दबाजी में शेयर नहीं की थी। उसके पीछे लगभग दो साल का शारीरिक और मानसिक दर्द छिपा हुआ था। अनुपमा ने कहा कि कुछ लोगों ने उनकी पोस्ट पर सकारात्मक बातें लिखीं कि वे अब सुकून की ओर बढ़ रही हैं, वहीं कुछ लोगों ने बिना पूरी बात जाने अजीब बातें बनाना शुरू कर दिया। अनुपमा के मुताबिक, यह पोस्ट खुद को पूरी तरह संभालने और ठीक करने के बाद ही उन्होंने फैंस के साथ साझा की थी। इसे भी पढ़ें: Elvish Yadav ने Tejasswi Prakash को बताया अपनी भाभी, Karan Kundrra के साथ दोस्ती पर कही यह बात
2 साल तक झेला टॉक्सिक रिश्ता
किसी का नाम लिए बिना अनुपमा ने अपने रिश्ते का कड़वा सच उजागर किया। उन्होंने बताया कि वह लगभग दो साल तक एक बेहद ही नकारात्मक और टॉक्सिक रिश्ते में फंसी हुई थीं। इस वजह से उनके व्यवहार में भी काफी बदलाव आ गया था, जिसे उनके परिवार और दोस्तों ने भी महसूस किया था। अनुपमा ने उन लोगों को सतर्क किया जो ऐसे रिश्तों में रहकर भी परेशानी को नहीं समझ पाते और उसे सामान्य मानने लगते हैं। इसे भी पढ़ें: फिल्मों के लिए शादी कुर्बान... जब Trisha Krishnan ने सगाई तोड़कर चुना था अपना करियर
करियर पर भी पड़ा बुरा असर
अनुपमा ने बताया कि इस बुरे दौर का असर उनके काम और करियर पर भी बुरी तरह पड़ा। वह आगे बढ़ने की जगह खुद को पीछे खींचने लगी थीं और इस तनाव के चक्कर में उन्होंने फिल्मों के कई बेहतरीन ऑफर्स भी ठुकरा दिए थे। हालांकि, अब अनुपमा परमेश्वरन इस मुश्किल दौर से बाहर निकल चुकी हैं। अनुपमा और ध्रुव विक्रम के अलग होने की खबरें लंबे समय से आ रही थीं, लेकिन अनुपमा के इस खुलासे के बाद फैंस को यकीन हो गया है कि दोनों के रास्ते अब अलग हो चुके हैं।
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फैट लॉस के दौरान पीरियड्स के दिन आते ही अक्सर महिलाओं की पूरी जर्नी गड़बड़ा जाती है। यह वह वक्त होता है, जब क्रेविंग्स को रोक पाना काफी मुश्किल होता है। कभी मीठा खाने का मन करता है, तो कभी बहुत ज्यादा भूख लगती है और कभी पेट इतना फूला हुआ महसूस होता है कि लगता है जैसे पिछले कई दिनों की मेहनत बेकार हो गई। इतना ही नहीं, इन दिनों स्केल पर वजन भी काफी बढ़ा हुआ नजर आता है। ऐसे में पूरा मूड ही खराब हो जाता है।
अमूमन इस दौरान अक्सर महिलाएं अपनी पूरी डाइट से फोकस हटा देती हैं और बाद में गिल्ट की वजह से दोबारा अपनी जर्नी शुरू ही नहीं करतीं। हो सकता है कि आपके साथ भी ऐसा हुआ हो। तो चलिए जानते हैं कि वेट लॉस जर्नी में पीरियड्स के दौरान अपनी डाइट में किस तरह के बदलाव करें, जिससे क्रेविंग्स और वजन दोनों को मैनेज किया जा सके-
समझदारी से खाएं मीठा
पीरियड्स के दौरान अक्सर मीठा खाने की बहुत अधिक क्रेविंग्स हो सकती है। ऐसे में खुद को बहुत ज्यादा रोकने की कोशिश ना करें। दरअसल, ऐसे में आप अचानक बहुत ज्यादा खा सकती हैं। कोशिश करें कि आप मीठा स्मार्टली खाएं। मसलन, पहले प्रोटीन व फाइबर वाला भोजन लें और फिर छोटी मात्रा में अपनी पसंद की चीज खाएं। मीठे की इच्छा पर दही के साथ फल और थोड़ी मात्रा में डार्क चॉकलेट लिया जा सकता है।
इन दिनों सिर्फ सलाद खाकर काम न चलाएं
अगर आप फैट लॉस पर हैं तो पीरियड्स में वजन बढ़ने के डर से खाना कम करने की कोशिश ना करें। इस दौरान शरीर पहले ही से थका हुआ महसूस कर रहा होता है और ऐसे में सिर्फ सलाद या सूप पर टिके रहना अच्छा विचार नहीं है। बेहतर होगा कि आप अपनी थाली में दाल, चना, राजमा, लोबिया, पनीर या दही जैसे प्रोटीन स्रोत के साथ रोटी, चावल या कोई दूसरा संतुलित कार्बाेहाइड्रेट और सब्जियां रखें। पेट भी ज्यादा देर तक भरा रहेगा और बार-बार कुछ खाने का मन भी कम होगा।
हर भोजन में प्रोटीन
यह एक आसान रूल है, जो पीरियड्स के दौरान आपकी भूख व क्रेविंग्स को मैनेज करने में मददगार साबित हो सकता है। कोशिश करें कि आप अपने भोजन को सिर्फ कम कैलोरी वाला बनाने के बजाय भरपेट और संतोषजनक बनाएं। इसके लिए हर मील में प्रोटीन को जरूर शामिल करें। नाश्ते में दही या दूध, दोपहर के खाने में दाल या पनीर और शाम को भुना चना जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। इससे आपको हर थोड़ी देर में कुछ खाने की जरूरत कम महसूस होगी।
नमकीन चीजों पर रखें नजर
पीरियड्स के दिनों में अक्सर हम बहुत ज्यादा नमकीन चिप्स, पैकेट वाले नाश्ते, अचार और दूसरी अधिक नमक वाली चीजों का सेवन अनजाने में कर लेते हैं। जिससे ब्लोटिंग और भी ज्यादा बढ़ सकती है। कोशिश करें कि आप इनकी जगह घर का बना नाश्ता, फल, दही, भुना चना या मखाना जैसे विकल्प रखें। इससे आपकी खाने की इच्छा भी पूरी होगी और बेवजह ज्यादा नमक लेने से बचेंगी।
याद रखें कि पीरियड्स के आसपास आपका वजन अचानक 500 ग्राम या 1 किलो ऊपर चला गया, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ दिनों का वजन पानी, ब्लोटिंग और पाचन में बदलाव से प्रभावित हो सकता है।
- मिताली जैन
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