मोदी के मन की बात का 134वां एपिसोड:पेट्रोल-डीजल के रेट और महंगाई पर बोल सकते हैं; पिछली बार जनगणना पर चर्चा की थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मन की बात कार्यक्रम से देश को संबोधित करेंगे। ये रेडियो कार्यक्रम का 134वां एपिसोड होगा। इस दौरान पीएम मोदी विश्व तंबाकू निषेध दिवस, ईरान-इजराइल जंग, पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोत्तरी और बढ़ती महंगाई पर बता कर सकते हैं। मन की बात के 133वें एपिसोड में पीएम मोदी ने जनगणना का जिक्र किया था। पीएम ने कहा- जनगणना का अभियान दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। पीएम ने कहा- जिन राज्यों में स्व-गणना का काम पूरा हो गया है, वहां घरों की लिस्टिंग का काम जारी है। अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों के मकान की लिस्टिंग का काम पूरा भी हो चुका है। 'मन की बात' के पिछले 5 एपिसोड... 133वां एपिसोड: पीएम ने कहा कि हमारे देश में इस समय जनगणना का अभियान चल रहा है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। पूरी खबर पढ़ें… 132वां एपिसोड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 131वां एपिसोड: पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ग्लोबल AI इम्पेक्ट समिट के दौरान, कई देश के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर, टेक कंपनी के दिग्गज जुटे। AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों को, पांडुलिपि को संरक्षित कर रहे हैं। AI समिट में भारत की ताकत दुनिया के सामने आई। युवाओं में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 130वां एपिसोड: आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 129वां एपिसोड: पीएम ने कहा- ICMR ने हाल ही में रिपोर्ट में बताया कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में दवाई कमजोर साबित हो रही हैं। इसकी वजह बिना सोचे दवा का सेवन हैं। आज कल लोग एंटी बायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग सोचते हैं कि एक गोली ले लो बीमारी दूर हो जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
आपके ई-मेल, यूट्यूब का वारिस कौन:दुनिया के करीब 70% लोग डिजिटल संपत्ति को लेकर चिंतित, 10-15% ही नॉमिनी तय करते हैं
डिजिटल क्रांति के दौर में हम अपने मकान, जमीन, दुकान और बैंक खातों के लिए तो वारिस/नॉमिनी चुन लेते हैं, लेकिन अपनी ‘डिजिटल संपत्ति’ को भूल जाते हैं। मृत्यु के बाद ई-मेल, यूट्यूब चैनल, इंस्टा-फेसबुक अकाउंट, वॉट्सऐप व पेटीएम जैसे वॉलेट का वारिस कौन होगा, ये तय ही नहीं करते। मैकएफी का 'डिजिटल आफ्टरलाइफ' सर्वे के मुताबिक, दुनियाभर में 70% से ज्यादा लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनके मरने के बाद उनके ऑनलाइन डेटा का क्या होगा? लेकिन 10-15% लोग ही ‘डिजिटल वसीयत’ बनाते हैं। डिजिटल वसीयत ऐसा कानूनी दस्तावेज है, जिसमें आप तय करते हैं कि आपके मरने के बाद आपकी डिजिटल संपत्तियों का क्या होगा। निवेशकों के 1,800 करोड़ रु. डूबने और लंबी कानूनी लड़ाई के उदाहरण मौजूद हैं क्वाड्रिगासीएक्स (कनाडा): 2018 में क्रिप्टो एक्सचेंज प्रमुख जेराल्ड कॉटन की मौत के बाद पासवर्ड बैकअप या डिजिटल वसीयत न होने से निवेशकों के 19 करोड़ डॉलर (करीब 1,804 करोड़ रु.) हमेशा के लिए लॉक हो गए, जिससे बाद में यह कंपनी दिवालिया भी हो गई। एप्पल बनाम राशेल (यूके): पति की मौत के बाद लेगेसी कॉन्टैक्ट न होने से एप्पल ने प्राइवेसी का हवाला देकर डेटा ब्लॉक कर दिया। पत्नी को पारिवारिक तस्वीरें पाने के लिए कई महीनों तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। -------------------------- पूरी खबर पढ़ें… बेंगलुरु में बुजुर्ग महिला से ₹24 करोड़ की ठगी:5 महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा; मुंबई समेत 3 जगहों से 5 आरोपी गिरफ्तार कर्नाटक के बेंगलुरु में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट और मनी लॉन्ड्रिंग केस का डर दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से करीब 24 करोड़ रुपए ठग लिए। पुलिस ने मुंबई, प्रयागराज और दिल्ली से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक बैंक खाते से 60 लाख रुपए भी फ्रीज किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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