Anik Dutta Death: मशहूर डायरेक्टर की छत से गिरने से मौत! बंगाली सिनेमा को बड़ा झटका
Anik Dutta Death: बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से शॉकिंग खबर सामने आई है। बंगाली फिल्म निर्देशक अनिक दत्ता (Anik Dutta) का बुधवार को 65 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, वह साउथ कोलकाता स्थित अपने बहुमंजिला घर की छत से गिर गए थे। इस दुखद घटना के बाद उन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बता दें, अनिक दत्ता को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका था। उनके अचानक निधन की खबर से बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। कई कलाकार, निर्देशक और फिल्म जगत से जुड़े लोग अस्पताल पहुंचे और श्रद्धांजलि दी।
A devastating day for us. We lost Anik Dutta today.
— Pratim D Gupta (@peedeegee) May 27, 2026
He was one of the sharpest, most uncompromising filmmakers we had. In a business constantly driven by safe choices and market machinations, he genuinely didn’t care about playing the game. He spoke his mind, consequences be… pic.twitter.com/ncAxh8003Q
पुलिस जांच में जुटी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि निर्देशक पिछले कुछ महीनों से अपने कोलकाता स्थित घर में अकेले रह रहे थे, जबकि उनकी बेटी मुंबई में रहती हैं।
बंगाली सिनेमा का बड़ा नाम थे अनिक दत्ता
अनिक दत्ता को समकालीन बंगाली सिनेमा की सबसे प्रभावशाली आवाजों में गिना जाता था। उन्होंने अपने करियर में कई चर्चित और सराही गई फिल्में दीं, जिनमें 'भूतेर भभिषेक', 'बोरुनबाबुर बोंधू', 'अपराजितो' और 'जोतो कांदो कोलत्तोई' शामिल हैं।
उनकी फिल्म भूतेर भभिषेक ने उन्हें खास पहचान दिलाई थी। यह एक व्यंग्यात्मक कॉमेडी फिल्म थी, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने खूब पसंद किया। फिल्म में शहरी संस्कृति और बदलते समाज पर तीखा लेकिन मनोरंजक कटाक्ष देखने को मिला था।
पिछले साल रिलीज हुई थी आखिरी फिल्म
अनिक दत्ता की आखिरी निर्देशित फिल्म 'जोतो कांदो कोलत्तोई' थी, जो पिछले साल सितंबर में रिलीज हुई थी। फिल्म में अभिनेता अबीर चटर्जी मुख्य भूमिका में नजर आए थे।
निर्देशक के निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस और फिल्मी हस्तियों ने दुख जताना शुरू कर दिया। कई लोगों ने उन्हें भारतीय सिनेमा का बेहतरीन कहानीकार और अलग सोच वाला निर्देशक बताया।
Honey Singh: 'मैं पूरी तरह गंजा, विग पहनता हूं' हनी सिंह का शॉकिंग खुलासा! ड्रग्स की लत से 7 साल तक घर में रहे कैद
Honey Singh: अपने रैप सॉन्ग्स और पार्टी एंथम्स से लोगों के दिलों पर राज करने वाले यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) ने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सिंगर ने बताया कि मानसिक बीमारी के इलाज के दौरान कई सालों तक चली भारी दवाइयों ने उनके शरीर पर गहरा असर डाला, जिसकी वजह से उनके सारे बाल झड़ गए और अब उन्हें विग पहननी पड़ती है।
“यह असली बाल नहीं, मैं पूरी तरह गंजा हूं”
हाल ही में ABtalks पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान हनी सिंह ने खुलकर अपनी हेल्थ और मानसिक संघर्ष पर बात की। उन्होंने बताया कि बाइपोलर डिसऑर्डर और ड्रग्स की लत से बाहर आने के लिए उन्हें लंबे समय तक स्ट्रॉन्ग मेडिकेशन पर रहना पड़ा। सिंगर ने कहा,
“मैं सात साल तक भारी दवाइयों पर था। मेरा वजन 105 किलो तक पहुंच गया था और मेरे सारे बाल चले गए। ये असली बाल नहीं हैं, मैं पूरी तरह गंजा हूं। यह एक विग है।”
मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे हनी सिंह
हनी सिंह ने बताया कि सफलता के पीछे उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया, जब वह अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे। उन्होंने स्वीकार किया कि ड्रग्स छोड़ने के बाद भी उनकी रिकवरी आसान नहीं थी। रैपर के मुताबिक, “2014 में ड्रग्स छोड़ने के बाद भी मुझे पूरी तरह ठीक होने में सात से आठ साल लग गए।” उन्होंने कहा कि हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्होंने खुद को दुनिया से अलग कर लिया था।
सात साल तक घर में बंद रहे सिंगर
हनी सिंह ने बताया कि एक समय ऐसा था जब वह किसी से मिलना तक नहीं चाहते थे। उन्होंने खुद को घर के अंदर कैद कर लिया था। सिंगर ने कहा,
“मैंने सात साल तक खुद को घर में बंद रखा। मैं नहीं चाहता था कि मेरे फैंस मुझे उस हालत में देखें। मैंने अपने बचपन के दोस्तों तक से बात करना बंद कर दिया था। न फोन, न टीवी, न इंटरनेट… कुछ भी नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को लगने लगा था कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं।
डॉक्टर बदलने के बाद शुरू हुई रिकवरी
हनी सिंह ने बताया कि लंबे समय तक एक ही इलाज चलने के बावजूद उन्हें फायदा नहीं हो रहा था। बाद में डॉक्टर और दवाइयां बदलने के बाद उनकी हालत में सुधार आना शुरू हुआ। उन्होंने कहा,
“जब मैंने डॉक्टर बदला, तब दवाइयों की डोज और ट्रीटमेंट में बदलाव किया गया। सिर्फ चार हफ्तों में मुझे फर्क महसूस होने लगा। मैं फिर से लोगों से मिलने और जिंदगी का सामना करने लगा।”
हनी सिंह के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फैंस उनकी ईमानदारी और हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं। कई लोग इसे मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने वाला अहम कदम मान रहे हैं।
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