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Bihar News: धार्मिक जमीनों को बचाने के लिए सम्राट सरकार का त्रिशूल प्लान, बनने जा रही स्पेशल सेल
Bihar News: बिहार की सरकार ने राज्यभर के धार्मिक न्यासों, मठों, मंदिरों और देवालयों की कीमती संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और कड़ा कानूनी कदम उठाने का फैसला किया है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक संस्थानों की जमीन पर भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार अब व्यापक स्तर पर बड़े एक्शन की तैयारी में है. इसके तहत अतिक्रमण को पूरी तरह से मुक्त कराने के लिए एक 'विशेष सेल' का गठन किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया की सीधे निगरानी करेगा. सरकार का मानना है कि इन संपत्तियों पर सालों से कुछ रसूखदार लोगों का कब्जा है, जिसे हटाना बेहद जरूरी हो गया है. इस कदम से राज्य की अमूल्य धार्मिक धरोहरों को सुरक्षित किया जा सकेगा.
3 बड़े विभागों की बैठक में बनी बड़ी रणनीति
यह महत्वपूर्ण निर्णय शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष बैठक में लिया गया. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में सूबे के विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन मुख्य रूप से मौजूद रहे. बैठक के दौरान राज्य के सभी धार्मिक न्यासों, मठों और देवालयों की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज करने और इससे जुड़े कानूनी दांवपेंचों को सुलझाने के लिए एक तंत्र विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई. सरकार के इस कदम से अब सालों से लटके मामलों को तेजी से निपटाया जा सकेगा.
इस तरह काम करेगा नया स्पेशल सेल
बैठक से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस विशेष सेल का गठन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, विधि विभाग और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद को आपस में मिलाकर किया जाएगा. यह सेल धार्मिक न्यास परिषद की भूमि से जुड़े तमाम विवादित मामलों की सघन निगरानी करेगा, अदालती और कानूनी कार्रवाई को संभालेगा और अतिक्रमण हटाने की जमीनी प्रक्रिया को सही रूप से आगे बढ़ाएगा. इसके साथ ही, भविष्य में होने वाले कब्जों को रोकने के लिए इन सभी धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों का एक फुलप्रूफ 'डिजिटल रिकॉर्ड' तैयार करने की योजना पर भी मुहर लगाई गई है. डिजिटल रिकॉर्ड बन जाने से कोई भी व्यक्ति हेरफेर नहीं कर पाएगा.
भू माफियाओं के खिलाफ मंत्री की सख्त चेतावनी
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सख्त लहजे में कहा कि राज्यभर में फैली धार्मिक न्यास, मठ, मंदिर और देवालय की लाखों एकड़ बेशकीमती जमीन की सुरक्षा करना राज्य सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है. लंबे समय से विभिन्न धार्मिक न्यासों की जमीनों पर अवैध कब्जे और हेरफेर की शिकायतें लगातार सरकार को मिल रही थीं, जिसे अब बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है. मंत्री डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के ट्रिब्यूनल के आदेशों का सख्ती से पालन किया जाए और विशेष अभियान चलाकर चिन्हित की गई जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कराया जाए. सरकार के इस कड़े रुख से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है.
कानूनी कार्रवाई और मॉनिटरिंग होगी तेज
इस नए सिस्टम के लागू होने से अब अदालती मामलों में सरकार का पक्ष बेहद मजबूती से रखा जाएगा. अक्सर देखा जाता है कि सही पैरवी न होने के कारण धार्मिक जमीनों के मामले कोर्ट में लंबे समय तक लटके रहते हैं. नया स्पेशल सेल हर एक केस की बारीकी से जांच करेगा और समय पर रिपोर्ट पेश करेगा. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन को भी इस काम में पूरी मदद करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जमीन खाली कराते समय किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो. सरकार की इस पहल से आम जनता और संतों के बीच भी एक अच्छा संदेश गया है.
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