Kolkata News: NRS हॉस्पिटल के टॉयलेट में मिला नर्स का शव, पुलिस ने दरवाजा तोड़कर निकाली लाश
Kolkata News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरअसल कुछ समय पहले आरजीकर कॉलेज में डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या मामले के बाद अब NRS हॉस्पिटल से दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां के टॉयलेट में एक नर्स का शव बरामद हुआ है. जी हां पुलिस को जैसे ही जानकारी मिली उन्होंने दरवाजा तोड़कर टॉयलेट खोला तो हर कोई सन्न रह गया. जानकारी के मुताबिक टॉयले में एक नर्स का डेडबॉडी बरामद की गई. नर्स का नाम रूपाली बर्मन बताया जा रहा है.
क्या है मामला?
नर्स के साथियों यानी सहकर्मियों की मानें तो नर्स रात की ड्यूटी कर रही थी. इसके लिए वह हॉस्पिटल पहुंची लेकिन कुछ देर बाद ही वह टॉयलेट का कहकर गई तो काफी देर तक वापस ही नहीं आई. जब जरूरत से काफी ज्यादा वक्त हो गया तो सहकर्मियों को शंका हुई. हालांकि उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि टॉयलेट में रूपाली का शव पड़ा मिलेगा.
इसके बाद सहकर्मियों ने टॉयलेट में जाकर उसे आवाज देकर बुलाने की कोशिश की, लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाब न मिलने पर साथियों ने इसको लेकर पुलिस को सूचना दे दी. पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ने का फैसला लिया. इसके बाद तुरंत दरवाजा तोड़ा गया है तो हर कोई हक्का-बक्का रह गया. अंदर रूपाली का शव पड़ा था.
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9 से 10 के बीच गई थी टॉयलेट
अस्पताल स्टाफ की मानें तो रूपाली अपनी नाइट ड्यूटी के लिए रात 8 बजे अस्पताल पहुंची थी. इसके एक घंटे बाद यानी 9 से 10 से बीच रूपाली टॉयलेट का कहकर चली गई थी. लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी जिसके बाद सहकर्मियों ने पुलिस को बुलाने का फैसला किया.
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
वहीं पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम जांच के लिए भेज दिया है. लेकिन इस घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों के बीच चर्चा और बेचैनी का माहौल बन गया. अधिकारियों की मानें तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही रूपाली की मौत की असली वजह सामने आएगी. फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता कि नर्स की मौत कैसे हुई है.
जांच में जुटी पुलिस
वहीं दूसरी तरफ पुलिस रूपाली की मौत की जांच में भी जुट गई . फॉरेंसिक की टीम इस मामले में सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है कि ये आत्महत्या या फिर हत्या. पुलिस हॉस्पिटल के परिसर में मौजूद लोगों के बयान और पूछताछ कर रही है. हो सकता है इससे रूपाली मौत से जुड़ा कोई अहम सुराग मिल जाए. फिलहाल एंटाली थाना पुलिस मामले की सघन जांच में जुट गई है.
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वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात अप्रैल-जुलाई में 9.17 अरब डॉलर के पार पहुंचा
नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में मजबूती दिखाई है। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान भारत का कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 9.17 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिसमें विशेष रूप से वैल्यू-एडेड उत्पादों जैसे जड़े हुए सोने और चांदी के आभूषणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
भारतीय मुद्रा रुपए के संदर्भ में देखें तो, इस अवधि के दौरान निर्यात 13.58 प्रतिशत बढ़कर 87,078.01 करोड़ रुपए हो गया, जो यह दर्शाती है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय आभूषण उद्योग निर्यात बाजारों में अपनी पकड़ बनाए हुए है।
सबसे बेहतर प्रदर्शन जड़े हुए सोने और चांदी के आभूषणों ने किया। अप्रैल-जुलाई अवधि में जड़े हुए सोने के आभूषणों का निर्यात 21.09 प्रतिशत बढ़कर 2.24 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं चांदी के आभूषणों का निर्यात शानदार 72.19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 508.18 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
अन्य श्रेणियों में भी सकारात्मक प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें प्लैटिनम ज्वेलरी का निर्यात 17.20 प्रतिशत बढ़कर 77.82 मिलियन डॉलर हो गया, जबकि पॉलिश्ड लैब-ग्रोन डायमंड्स का निर्यात 7.47 प्रतिशत बढ़कर 408.50 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया। इसके अलावा, साधारण और जड़ाऊ दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल सोने के आभूषणों का निर्यात 5.87 प्रतिशत बढ़कर 4.03 अरब डॉलर हो गया।
जीजेईपीसी के अनुसार, इस वृद्धि को अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग और ब्रिटेन जैसे प्रमुख बाजारों से मजबूत मांग का समर्थन मिला, जहां भारतीय आभूषणों और वैल्यू-एडेड उत्पादों की मांग बढ़ने से निर्यातकों को अच्छा-खासा लाभ मिला।
हालांकि सभी श्रेणियों में समान प्रदर्शन नहीं रहा। कट एंड पॉलिश्ड डायमंड्स का निर्यात 8 प्रतिशत घटकर 3.60 अरब डॉलर रह गया। इसी तरह, साधारण सोने के आभूषणों का निर्यात भी 8.46 प्रतिशत घटकर 1.80 अरब डॉलर पर आ गया। यह गिरावट वैश्विक उपभोक्ता मांग में बदलाव और कुछ प्रमुख बाजारों में आर्थिक दबावों के कारण देखी गई।
जीजेईपीसी के चेयरमैन किरित भंसाली ने कहा कि चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय माहौल के बावजूद भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। उनके अनुसार, वैल्यू-एडेड उत्पादों की बढ़ती मांग ने निर्यात वृद्धि को सहारा दिया है और भविष्य में भी यही श्रेणियां उद्योग के विकास की प्रमुख चालक बन सकती हैं।
भंसाली ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हालिया नरमी प्रमुख उपभोक्ता बाजारों में मांग को और बढ़ा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आईआईजेएस भारत प्रीमियर 2026 प्रदर्शनी के दौरान हुए कारोबारी समझौते आने वाले महीनों में वास्तविक निर्यात ऑर्डरों में बदलेंगे और इससे निर्यात को और गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में 61,000 से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया, जिनमें 80 देशों से आए 5,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार और प्रतिनिधि शामिल रहे, जिससे भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग की वैश्विक पहुंच और मजबूत हुई है।
किरित भंसाली ने हाल ही में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 का भी स्वागत किया। उनके अनुसार, विशेष अधिसूचित क्षेत्रों के माध्यम से रफ डायमंड कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों को 15 वर्ष की आयकर छूट मिलने से भारत केवल हीरा प्रसंस्करण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि एक वैश्विक हीरा व्यापार केंद्र के रूप में भी उभर सकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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