राजस्थान की पारंपरिक रसोई अपने अनोखे स्वाद और सादगी के लिए जानी जाती है. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में एक ऐसी सब्जी भी शामिल है, जो बिना गरम मसाले और बिना भारी ग्रेवी के तैयार होती है, लेकिन स्वाद में किसी शाही डिश से कम नहीं होती. हम बात कर रहे हैं मारवाड़ की मशहूर देसी मोठ की सब्जी की, जो आज भी गांवों से लेकर शहरों तक लोगों की पसंद बनी हुई है. खास बात यह है कि इस सब्जी को बनाने के लिए बहुत कम सामग्री की जरूरत होती है, फिर भी इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है.पुराने समय में शादी-ब्याह और पारिवारिक आयोजनों में लापसी, कढ़ी और मोठ की सब्जी से ही पूरी थाली सज जाती थी. आज भी कई परिवार इस पारंपरिक स्वाद को संजोए हुए हैं. दादी कमल देवी के अनुसार, धीमी आंच पर साधारण मसालों के साथ पकाई गई मोठ का असली स्वाद ही इसकी पहचान है. आखिर क्यों पीढ़ियों से लोगों की पसंद बनी हुई है यह देसी रेसिपी और क्या है इसके स्वाद का असली रहस्य? जानिए इस खास रिपोर्ट में.
राजस्थान रॉयल्स के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने कहा कि इस आईपीएल सत्र में अभियान चुनौतीपूर्ण रहने के बावजूद उनकी टीम ने लगातार ‘सकारात्मक क्रिकेट’ खेलने पर जोर दिया।
इस सत्र में रॉयल्स के लिये लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले जुरेल ने कहा कि विकेट के पीछे उनका काम रणनीति से बढकर था खासकर युवा गेंदबाजों और पहली बार खेल रहे क्रिकेटरों के साथ काम करने को लेकर जो अक्सर घबराहट और आत्मविश्वास की कमी से जूझते हैं।
जुरेल ने जियोस्टार से कहा ,‘‘ एक विकेटकीपर के तौर पर जब मैं गेंदबाजों से बात करता हूं तो मैं उनसे कभी नहीं कहता कि कैसी गेंदबाजी करनी है। मैं इतना ही कहता हूं कि अपना समय लो, आप अच्छा करोगे और इसलिये ही यहां हो।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मैं उन्हें आत्मविश्वास देने पर फोकस करता हूं। मैं उनसे कहता हूं कि खुद पर भरोसा रखो। जो भी गेंद डालनी हो, उस पर अडिग रहो। जरूरत से ज्यादा मत सोचो। हमें अच्छी क्रिकेट खेलनी होगी। हमें सकारात्मक खेल दिखाना होगा।’’
जुरेल ने यह भी कहा कि ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक बातचीत का काफी अच्छा असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि साथी खिलाड़ियों से साझा की हुई बातें बल्लेबाजी के लिये मैदान पर उतरते समय उनके जेहन में रहती है और इससे टीम में स्वस्थ माहौल बनाने में मदद मिलती है।
मध्यक्रम में शांतचित्त होकर खेलने वाले जुरेल ने कहा कि उनका फोकस स्ट्राइक बदलते रहने और यशस्वी जायसवाल तथा वैभव सूर्यवंशी जैसे आक्रामक बल्लेबाजों की मदद करने पर रहता है जिससे अच्छी साझेदारियां बनती है।