CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर उठे सवाल, ड्राई रन में मिलीं 36 खामियां, जल्दबाजी में लागू करने के आरोप
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. सामने आए दस्तावेजों और अधिकारियों के बयानों से पता चला है कि बोर्ड ने हैदराबाद स्थित कंपनी Compt Edu Tech को 5 दिसंबर 2025 को ही OSM का ठेका दे दिया था, जबकि इस प्रणाली के पूर्ण क्रियान्वयन की घोषणा 9 फरवरी 2026 को की गई. इससे पूरे प्रोजेक्ट के तेजी से लागू किए जाने और मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं.
अधिकारियों के अनुसार, गुणवत्ता और लागत आधारित चयन (QCBS) प्रक्रिया के तहत Compt Edu Tech सबसे कम वित्तीय बोलीदाता रही. कंपनी ने प्रति उत्तर पुस्तिका लगभग ₹25.75 की दर का प्रस्ताव दिया, जबकि दूसरी पात्र कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने कुछ श्रेणियों में करीब ₹65 प्रति कॉपी की बोली लगाई थी. दोनों कंपनियों के पास उस समय CMMI Level-5 प्रमाणन मौजूद था, जिसे सॉफ्टवेयर गुणवत्ता का सर्वोच्च मानक माना जाता है.
उत्तर पुस्तिकाओं के मिश्रण के मामले
CBSE अधिकारियों ने स्वीकार किया कि OSM लागू होने के बाद करीब 20 मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं के मिश्रण (mismatch) की शिकायतें सामने आईं. हालांकि उनका कहना है कि लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के पैमाने को देखते हुए ऐसी त्रुटियां सीमित संख्या में हुईं.
बोर्ड के अनुसार:
- गलत स्कैन या उत्तर पुस्तिका के बेमेल होने पर ₹4,000 प्रति कॉपी का जुर्माना.
- आंशिक रूप से स्कैन हुई कॉपी पर ₹8,000 का जुर्माना.
- पूरी तरह स्कैन न होने वाली कॉपी पर ₹15,000 का जुर्माना.
- जांच पूरी होने के बाद संविदात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
- ड्राई रन में सामने आईं 36 गंभीर चिंताएं
जनवरी 2026 में दिल्ली के पांच स्कूलों में OSM प्रणाली का ड्राई रन कराया गया था। 21 जनवरी को बोर्ड को सौंपी गई आंतरिक रिपोर्ट में कम से कम 36 तकनीकी, परिचालन और मूल्यांकन संबंधी समस्याएं चिन्हित की गई थीं.
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
- मूल्यांकनकर्ताओं के बीच चर्चा और सहमति बनाने की कोई व्यवस्था नहीं.
- "ब्लाइंड" या सतही जांच का जोखिम.
- अतिरिक्त हेड एग्जामिनर (AHE) द्वारा कॉपी वापस भेजकर पुनर्मूल्यांकन कराने की सुविधा नहीं.
- गुणवत्ता जांच के लिए उत्तर पुस्तिकाओं का स्वतंत्र चयन संभव नहीं.
- टिप्पणियां और संशोधन वरिष्ठ परीक्षकों को दिखाई नहीं देते.
- ऑटो-सेव सुविधा का अभाव.
- प्रश्नपत्र और मार्किंग स्कीम एक साथ देखने की सुविधा नहीं.
- कई जगह लिखित उत्तर डिजिटल अंकों के नीचे छिप जाते थे.
- सर्वर की धीमी गति और तकनीकी बाधाएं.
- लंबे उत्तरों के मूल्यांकन में थकान और असंगति की आशंका.
बाद में जोड़े गए सुरक्षा उपाय
मई 2026 में CBSE द्वारा जारी FAQ दस्तावेज़ में स्वीकार किया गया कि:
अंक हटाने और संशोधन की प्रक्रिया बदली गई.
लिखित सामग्री छिपने की समस्या ठीक की गई.
सर्वर क्षमता बढ़ाकर इंटरनेट गति संबंधी समस्याएं दूर की गईं.
दिलचस्प बात यह है कि ये सभी समस्याएं जनवरी की ड्राई रन रिपोर्ट में पहले ही दर्ज की जा चुकी थीं.
निगरानी प्रणाली भी बदली
दिल्ली के एक वरिष्ठ प्रधानाचार्य और मुख्य नोडल पर्यवेक्षक (CNS) ने बताया कि मैनुअल मूल्यांकन प्रणाली में हेड एग्जामिनर (HE) और अतिरिक्त हेड एग्जामिनर (AHE) किसी भी उत्तर पुस्तिका को स्वतंत्र रूप से जांच के लिए चुन सकते थे. लेकिन OSM में HE को प्रतिदिन केवल दो उत्तर पुस्तिकाएं समीक्षा के लिए मिलती हैं. AHE को तीन से पांच कॉपियां मिलती हैं. सभी कॉपियां पोर्टल द्वारा स्वतः आवंटित की जाती हैं. स्वतंत्र मॉडरेशन और गुणवत्ता जांच की क्षमता सीमित हो गई है.
विपक्ष के आरोपों पर CBSE का जवाब
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi समेत विपक्षी नेताओं ने Compt Edu Tech के चयन पर सवाल उठाए हैं. CBSE अधिकारियों का कहना है कि तेलंगाना में कंपनी के पूर्व कार्यों से जुड़े मामलों की न्यायालयों द्वारा जांच की जा चुकी है और उसमें "कुछ भी असामान्य" नहीं पाया गया.
छात्रों को मिलेगा नया लाभ
CBSE ने यह भी घोषणा की है कि अगले वर्ष से छात्रों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां
DigiLocker के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया जा रहा है.
हालांकि CBSE का दावा है कि OSM से मूल्यांकन प्रक्रिया तेज, डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनेगी, लेकिन ड्राई रन में सामने आई 36 खामियां, उत्तर पुस्तिकाओं के बेमेल मामले और निगरानी तंत्र में कमी जैसे मुद्दे यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि क्या प्रणाली को पर्याप्त परीक्षण और सुधार के बिना जल्दबाजी में लागू कर दिया गया. अब बोर्ड की जांच और आगामी परिणामों की विश्वसनीयता पर सभी की नजरें टिकी हैं.
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अहमदाबाद में कैसा है गुजरात टाइटंस का रिकॉर्ड, जानिए नरेंद्र मोदी स्टेडिमय में कितने मैचो में मिली हार और जीत
RCB vs GT Final : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाने वाला है. नरेंद्र मोदी स्टेडियम गुजरात टाइटन्स का होम ग्राउंड है. ये जीटी का होम ग्राउंड 2022 में बना था. इस मैदान में 1,10,000 लोगों के बैठने की कैपेसिटी है. ये दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. तो आइए इस फाइनल से पहले जानते हैं कि यहां गुजरात टाइटंस का रिकॉर्ड कैसा है. उनके किन खिलाड़ियों ने इस मैदान पर धमाल ममचाया है.
गुजरात टाइटंस का नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रिकॉर्ड
अहमदाहबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में साल 2022 से लेकर अब तक गुजरात टाइटंस ने कुल 28 आईपीएल मुकाबले खेले हैं. इस दौरान गुजरात टाइटंस ने 14 मैचों में जीत दर्ज की है. वहीं उन्हें 11 मुकाबलों में इस मैदान पर हार का सामना करना पड़ा है.
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— IndianPremierLeague (@IPL) May 29, 2026
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अहमदाबाद में क्या है GT का हाईएस्ट और लोएस्ट टोटल
गुजरात के अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में गुजरात टाइटंस का हाईएस्ट स्कोर 233 रन है. उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल 2023 में ये रिकॉर्ड स्कोर बनाया था. वहीं गुजरात टाइसंट का इस मैदान पर लोएस्ट टोटल 89 रन है, जो आईपीएल 2024 में दिल्ली कैपिट्ल्स के खिलाफ आया था.
इस मैदान पर हाईएस्ट टीम चेज जो किया गया है वो 204 रन है, जो गुजरात टाइटंस के दिल्ली कैपिट्ल्स के खिलाफ आईपीएल 2025 में किया था. वहीं इस मैदान का हाईएस्ट टोटल 243 रन है, जो पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ आईपीएल 2025 में बनाया था.
क्या है नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बाउंड्री का साइज
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के साइज की बात करें तो यहां पर एक तरफ 62 मीटर स्क्वायर की बाउंड्री है. वहीं दूसरी ओर 70 मीटर की बाउंड्री है. वहीं सामने और पीछे की तरफ 72 मीटर की बाउंड्री है. ऐसे में इस मैदान पर बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को बाउंड्री साइज का फायदा मिलता है.
GT के इन खिलाड़ियों ने अहमदाबाद की पिच पर मचाया धमाल
इस मैदान पर गुजरात टाइटंस के लिए बल्ले के साथ सबसे बड़ा व्यक्तिगत पारी शुभमन गिल ने खेली है. उन्होंने आईपीएल 2023 में 129 रनों की पार खेली थी. वहीं गुजरात के लिए इस मैदान सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग फीगर्स मोहित शर्मा ने हासिल किए थे. उन्होंने 10 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे.
Qualifier 2. Shubman Gill. Big runs ????
— IndianPremierLeague (@IPL) May 29, 2026
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गुजरात टाइटंस का स्क्वाड
साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कैगिसो रबाडा, अरशद खान, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, अनुज रावत, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, कुलवंत खेजरोलिया, कुमार कुशाग्र, रविश्रीनिवासन साई किशोर, शाहरुख खान, ईशांत शर्मा, ल्यूक वुड, अशोक शर्मा। कॉनर एस्टरहुइज़न, गुरनूर बराड़, मानव सुथार, जयंत यादव
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