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₹99 से खुलेगा रिटायरमेंट सेविंग का रास्ता, Zomato-Swiggy से जुड़े वर्कर्स ऐसे उठाएं फायदा

प्लेटफॉर्म वर्कर्स अब अपनी सुविधा से NPS में रिटायरमेंट सेविंग कर सकते हैं. जानें ₹99 योगदान, खाता खोलने, PRAN और पोर्टेबिलिटी के नियम.

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पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबल को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, FSSAI से मांगा अंतिम फैसला

पैकेट में मिलने वाले खाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. मामला उन खाद्य पदार्थों से जुड़ा है, जिनमें चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है. कोर्ट चाहता है कि ऐसे उत्पादों के पैकेट पर साफ चेतावनी दी जाए, ताकि सामान खरीदने से पहले लोगों को यह पता रहे कि वे क्या खा रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने सुनवाई के दौरान FSSAI के रुख पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में सबसे बड़ी चिंता लोगों की सेहत है और खास तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

दरअसल, कोर्ट ने पहले भी FSSAI को पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लगाने के सुझाव पर विचार करने को कहा था. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को FSSAI की एक बैठक के मिनट्स के बारे में बताया गया. इसके बाद कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि उसके पहले के निर्देशों पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं.

पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थ भी उसके दायरे में

सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने अपनी कुछ चिंताएं कोर्ट के सामने रखीं. उनका कहना था कि अगर इस तरह की चेतावनी व्यवस्था लागू की गई तो कई पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थ भी उसके दायरे में आ सकते हैं. इससे छोटे कारोबारियों और पारंपरिक खाद्य उत्पाद बनाने वाले लोगों पर भी असर पड़ने की बात कही गई. लेकिन कोर्ट ने कहा कि उसका मकसद किसी खास खाने या किसी कंपनी को निशाना बनाना नहीं है. असली बात यह है कि जब कोई व्यक्ति बाजार से कोई पैकेट खरीदता है तो उसे यह जानकारी साफ तौर पर मिलनी चाहिए कि उसमें कितनी चीनी, नमक या फैट है.

कोर्ट ने बच्चों को लेकर भी चिंता जताई. आज बाजार में ऐसे कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं, जिन्हें बच्चे पसंद करते हैं. कोर्ट का मानना है कि अगर पैकेट पर साफ चेतावनी होगी तो माता-पिता और ग्राहक खरीदारी करते समय ज्यादा सोच-समझकर फैसला ले सकेंगे.

ग्राहक को सही जानकारी देना जरूरी 

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि खाने पर चेतावनी लिखे जाने का मतलब यह नहीं है कि लोगों को उसे खरीदने से रोक दिया जाएगा. अंतिम फैसला ग्राहक का ही होगा. लेकिन ग्राहक को सही जानकारी देना जरूरी है. अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि क्या भारत को दूसरे देशों में अपनाए जा रहे बेहतर स्वास्थ्य मानकों से पीछे रहना चाहिए. कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि लोगों की सेहत से जुड़े इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की जरूरत है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दो सप्ताह का समय दिया है. इस दौरान FSSAI और केंद्र को इस मुद्दे पर अपना अंतिम फैसला अदालत के सामने रखना होगा. कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि अगर अगली बार उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह आगे का आदेश खुद जारी कर सकता है.

इस पूरे मामले का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी पर पड़ सकता है. अगर चेतावनी लेबल की व्यवस्था लागू होती है तो दुकान पर पैकेट उठाते समय ग्राहक को सिर्फ ब्रांड और कीमत ही नहीं, बल्कि उसमें मौजूद चीनी, नमक और फैट की मात्रा पर भी आसानी से नजर पड़ेगी. यही जानकारी आगे चलकर लोगों को अपनी सेहत के हिसाब से बेहतर चुनाव करने में मदद कर सकती है.

 

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  Sports

Galle Test: टीम इंडिया के सामने Playing 11 की पहेली, 3 स्पिनर या पेसर्स पर कोच Morne Morkel का बड़ा बयान

गॉल में भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले पहले टेस्ट से दो दिन पहले सबसे ज्यादा चर्चा पिच को लेकर हो रही है। आमतौर पर गॉल की पिच को स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। पिच पर जमकर पानी डाला गया है और फिलहाल यह सूखी या पहले ही दिन से गेंद को तेजी से घुमाने वाली सतह नहीं दिख रही है।

भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने भी पिच को अच्छी बताया है। उनका मानना है कि मैच आगे बढ़ने के साथ इसमें बदलाव आएगा और गेंदबाजों को बाद के दिनों में अधिक मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों के लिए तैयारी की है और अब सबसे जरूरी चीज मानसिक मजबूती, लंबे समय तक बल्लेबाजी करना और सही जगह पर गेंद डालना है।

मोर्केल के मुताबिक, अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा। वहीं पहले गेंदबाजी करने की स्थिति में गेंदबाजों को लगातार सही क्षेत्र में गेंद डालकर दबाव बनाना होगा। उनका मानना है कि गॉल में परंपरागत तौर पर पहले दो दिन बल्लेबाजों के लिए बेहतर होते हैं, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम के लिए फैसला काफी अहम रहेगा।

यही स्थिति भारतीय टीम के सामने अंतिम ग्यारह को लेकर भी बड़ी पहेली खड़ी कर रही है। तीन स्पिन गेंदबाजों के साथ उतरना फिलहाल ज्यादा मजबूत विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इससे टीम को बल्लेबाजी में भी गहराई मिलती है। हेड कोच गौतम गंभीर आमतौर पर गेंदबाजी संयोजन के लिए बल्लेबाजी की मजबूती से समझौता करना पसंद नहीं करते हैं।

मौजूदा समीकरण में रवींद्र जडेजा प्रमुख हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर लगभग तय माने जा रहे हैं, जबकि मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाजी की अगुआई कर सकते हैं। कुलदीप यादव का खेलना भी लगभग तय माना जा रहा है। दूसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ के बीच मुकाबला है, जिसमें प्रसिद्ध कृष्णा फिलहाल थोड़ा आगे दिखाई दे रहे हैं।

मोर्ने मोर्केल ने कहा कि कुलदीप यादव आक्रामक गेंदबाज हैं, जबकि रवींद्र जडेजा अपने अनुभव और सटीक गेंदबाजी के कारण बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक तीनों की गेंदबाजी शैली अलग है और जरूरत के हिसाब से कप्तान शुभमन गिल उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

गौरतलब है कि गॉल में पिछला टेस्ट जून 2025 में श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला गया था। उस मुकाबले में दोनों टीमों ने 450 से ज्यादा रन के स्कोर बनाए थे। चार शतक और चार अर्धशतक भी लगे थे। श्रीलंका के प्रमुख स्पिनर प्रभात जयसूर्या पहली पारी में 48 ओवर गेंदबाजी करने के बावजूद एक भी विकेट नहीं ले सके थे और दूसरी पारी में भी उन्हें केवल एक विकेट मिला था।

भारत ए की पिछले महीने इसी मैदान पर हुई दो मुकाबलों की श्रृंखला से भी बल्लेबाजों के लिए अच्छी परिस्थितियों के संकेत मिले थे। तेज गेंदबाजों को भी यहां गेंदबाजी में मदद मिली थी। गुरनूर बराड़ ने दूसरे मुकाबले में 10 विकेट लेकर खासा प्रभावित किया था। उन्होंने अगस्त के पहले सप्ताह में टीम से जुड़ने के बाद अभ्यास में लगातार तेज गेंदबाजी की है और टेस्ट पदार्पण के करीब पहुंच गए हैं।

हालांकि, फिलहाल उनका इंतजार थोड़ा और बढ़ सकता है। गॉल में मुकाबला शुरू होने से पहले सभी की नजर टॉस पर रहेगी। इस मैदान पर हाल के वर्षों में पहली और चौथी पारी के स्कोर में बड़ा अंतर देखने को मिला है। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करके बड़ा स्कोर बनाना भारत और श्रीलंका दोनों के लिए सफलता का सबसे अहम मंत्र हो सकता है, क्योंकि जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ेगा, स्पिनरों के लिए पिच पर गेंद पकड़ने और ज्यादा घूमने की संभावना बढ़ सकती है।
Fri, 14 Aug 2026 20:32:26 +0530

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