IPL 2026 का सीजन बल्लेबाजों के नाम रहा। रन, स्ट्राइक रेट, शतक और छक्कों के मामले में यह 2025 से भी आगे निकल गया। अब तक कुल 25,430 रन बने और 156.32 के रिकॉर्ड स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी हुई। खास बात यह रही कि भारतीय बल्लेबाजों ने 17 हजार से ज्यादा रन बनाए, जबकि विदेशी बल्लेबाजों के रन में गिरावट देखने को मिली। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में जानिए, जो बताते हैं कि IPL 2026, 2025 की तुलना में कितना अलग सीजन रहा… 1. रन लगभग बराबर, लेकिन बल्लेबाजी और तेज हुई IPL 2025 में कुल 25,166 रन बने थे, जबकि 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 25,430 पहुंच गया। यानी रन सिर्फ 264 ज्यादा बने, लेकिन स्ट्राइक रेट में बढ़ोतरी हुई। पहली बार किसी सीजन का औसत स्ट्राइक रेट 155 के पार पहुंचा। बल्लेबाजों ने 156.32 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जो 2025 के 152.39 से ज्यादा रहा। औसत भी सबसे ज्यादा 29.70 हो गया। 2025 में यह 28.99 था। इस सीजन 1,396 छक्के लगे, जो 2025 से 102 ज्यादा हैं। शतकों की संख्या भी 9 से बढ़कर 14 पहुंच गई। वहीं पहली बार IPL में 150 फिफ्टी लगीं। 2025 में यह संख्या 143 थी। 2. भारतीयों ने 157 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए इस सीजन 112 भारतीय बल्लेबाजों ने बैटिंग की, जबकि 2025 में यह संख्या 97 थी। बल्लेबाजों ने कुल 17,314 रन बनाए, जो पिछले सीजन से 418 ज्यादा हैं। उनका स्ट्राइक रेट 157.01 पहुंच गया। 3. विदेशी बल्लेबाजों का असर थोड़ा कम हुआ 2025 में 59 विदेशी बल्लेबाजों ने खेला था, लेकिन 2026 में यह संख्या घटकर 55 रह गई। उनके कुल रन भी 8,270 से घटकर 8,116 हो गए। हालांकि स्ट्राइक रेट 153.26 से बढ़कर 155.37 पहुंचा। 4. बल्लेबाजों का दबदबा गेंदबाजों पर भारी पड़ा 2025 में जहां कुल 829 विकेट गिरे थे, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 813 रह गई। गेंदबाजों का औसत 31.42 से बढ़कर 32.45 पहुंच गया। यानी एक विकेट लेने में पहले से ज्यादा रन खर्च हुए। इकोनॉमी रेट भी IPL इतिहास में सबसे महंगा रहा। 2025 की तुलना में इकोनॉमी 9.50 से बढ़कर 9.76 हो गई। 5. भारतीय गेंदबाज ज्यादा दबाव में दिखे इस सीजन भारतीय गेंदबाजों ने 2025 के 533 विकेट के मुकाबले 506 विकेट लिए। उनकी इकोनॉमी 9.42 से बढ़कर 9.79 और औसत 30.80 से बढ़कर 32.52 पहुंच गया। 6. विदेशी ज्यादा असरदार रहे दूसरी तरफ विदेशी गेंदबाजों की संख्या 44 से घटकर 37 हो गई, लेकिन उन्होंने 307 विकेट लिए, जो 2025 से ज्यादा हैं। औसत 29.84 से घटकर 28.55 हो गया, यानी कम संख्या में होने के बावजूद उनका असर ज्यादा रहा। 7. मैन ऑफ द मैच में भारतीयों के नंबर घटे इस सीजन 53 खिलाड़ियों को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया। इनमें 31 भारतीय और 22 विदेशी खिलाड़ी शामिल रहे। वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और संजू सैमसन को भारतीयों में सबसे ज्यादा 3-3 बार यह अवॉर्ड मिला। पिछले सीजन भी 53 खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। इनमें 35 भारतीय और 18 विदेशी खिलाड़ियों को यह अवॉर्ड मिला था। भारतीयों में श्रेयस अय्यर और क्रुणाल पंड्या सबसे ज्यादा 3-3 बार प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। 8. वैल्यूएबल प्लेयर्स में भारतीय टॉप पर इस सीजन मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर की टॉप-5 लिस्ट में 3 भारतीय और 2 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। पिछले सीजन भी 3 भारतीय और 2 विदेशी खिलाड़ी इस लिस्ट में शामिल थे।
Thu, 28 May 2026 23:00:46