झूला झूलीं और हाथों में लगवाई मेहंदी... कुछ इस तरह Kangana Ranaut ने Rekha Gupta के घर मनाई पहली तीज
एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत गुरुवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के घर तीज का त्योहार मनाने पहुंची। इस दौरान उन्होंने दूसरी महिलाओं के साथ मिलकर तीज का जश्न मनाया और कई पारंपरिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस खास मौके की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए।
झूला झूलीं, नाचीं और लगवाई मेहंदी
तीज के जश्न के दौरान कंगना काफी खुश नजर आईं। उन्होंने महिलाओं के साथ नाच-गाने में हिस्सा लिया और रेखा गुप्ता के साथ झूले पर भी बैठीं। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों पर मेहंदी लगवाई और रेखा गुप्ता के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
कंगना ने रेखा गुप्ता को बताया बड़ी बहन
कंगना ने समारोह की तस्वीरें शेयर करते हुए रेखा गुप्ता के लिए खास बात लिखी। उन्होंने कहा, "मेरी पहली तीज का त्योहार, रेखा दीदी के घर पर; सच में एक बड़ी बहन का प्यार और दुलार, बिल्कुल घर जैसा अपनापन। सभी को तीज की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।" कंगना की इस पोस्ट से साफ है कि उन्हें रेखा गुप्ता के घर पर काफी अपनापन महसूस हुआ। उन्होंने रेखा गुप्ता को अपनी बड़ी बहन जैसा बताया और उनके साथ तीज मनाने को खास बताया।
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हरे रंग की साड़ी में दिखीं कंगना
तीज के मौके पर कंगना ने हरे रंग की सिल्क साड़ी पहनी थी। साड़ी पर फूलों की डिजाइन थी और इसका पल्लू नारंगी-पीच रंग का था। गुलाबी बॉर्डर वाली इस साड़ी में कंगना का लुक काफी पारंपरिक नजर आया। उन्होंने अपने लुक के साथ चोकर, इयररिंग्स और चूड़ियां पहनी थीं। लाल बिंदी और हाथों की मेहंदी ने उनके लुक को और खूबसूरत बना दिया। उनके बाल पीछे की ओर बंधे हुए थे। इसे भी पढ़ें: भारतीय फैंस की याद आती है... Atif Aslam ने किया खुलासा, भारत में लगे बैन पर भी की बात
राजनीतिक बयानों को लेकर भी चर्चा में कंगना
कंगना रनौत पिछले कुछ समय से अपने राजनीतिक बयानों और फिल्मों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में जेन जी प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। वहीं, फिल्मों की बात करें तो उनकी हालिया फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' ओटीटी पर रिलीज होने की तैयारी में है।
Lok Sabha History: संसद के इतिहास में पहली बार 'वंदे मातरम' के गान के साथ शुरू हुई लोकसभा की कार्यवाही, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
Lok Sabha History: संसदीय इतिहास में पहली बार एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला है, जब लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के गान के साथ हुई। मानसून सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को यह विशेष पल आया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सदन के तमाम सदस्य उपस्थित थे।
राष्ट्रीय गीत के कुल छह छंद बजाए जाने के ठीक बाद, निचले सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (sine die) कर दिया गया, जिससे सत्र का समापन हो गया। यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 'वंदे मातरम' को वैधानिक संरक्षण प्रदान करने वाले कानून को मंजूरी दिए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है।
इस नए कानून के तहत राष्ट्रीय गीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या इसे रोकने को एक दंडनीय अपराध बना दिया गया है, जिससे इसे राष्ट्रगान के समान ही कानूनी दर्जा मिल गया है।
गृह मंत्रालय के निर्देश और प्रोटोकॉल
इससे पहले सरकार द्वारा आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रीय गीत के गायन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल जारी किए जा चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 28 जनवरी को जारी एक आदेश के मुताबिक, राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने और राज्यपालों के अभिभाषण जैसे अवसरों पर इस गीत के छह छंदों को गाया जाना निर्धारित किया गया है।
हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई लोकसभा
सत्र के आखिरी दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और बार-बार होने वाले हंगामे के कारण लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।
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— SansadTV (@sansad_tv) August 13, 2026
भारी हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।#LokSabha #ParliamentSession2026 @LokSabhaSectt @ombirlakota @loksabhaspeaker pic.twitter.com/7O0V71pyOf
सदन में लगातार हंगामे के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वह पारंपरिक विदाई भाषण नहीं पढ़ा, जिसमें आमतौर पर सत्र के दौरान सदन के प्रदर्शन और उत्पादकता का लेखा-जोखा रखा जाता है।
बीती 20 जुलाई को शुरू हुए इस सत्र के दौरान नीट (NEET) पेपर लीक आंदोलन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा चोरी मामले जैसे मुद्दों को लेकर कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही।
विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं और उन्होंने स्पीकर से विपक्ष से चर्चा कर छात्रों के मुद्दे पर वक्त तय करने का आग्रह भी किया था।
सत्र के आखिरी दिन भी जारी रहा विरोध प्रदर्शन
सत्र के अंतिम दिन भी विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपने विरोध प्रदर्शन को जारी रखा। संसद परिसर में मकर द्वार पर बीजेपी और विपक्षी दलों द्वारा एक-दूसरे के आमने-सामने प्रदर्शन किए गए, जिससे पूरे सत्र के दौरान नजर आए गहरे राजनीतिक मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए।
इस दौरान भाजपा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया और कांग्रेस पर झारखंड में जारी विरोध प्रदर्शनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जबकि दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने भी अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाए रखा।
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