सरकार बेच रही कोल इंडिया में हिस्सेदारी, 11% डिस्काउंट पर शेयर खरीदने का मौका; लेकिन एक्सपर्ट ने दी ये सलाह
सरकार ने महारत्न PSU कंपनी कोल इण्डिया (Coal India) में करीब 2% हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS लॉन्च किया है, जिसमें रिटेल निवेशकों को ₹412 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर खरीदारी का मौका मिलेगा। यह कीमत मौजूदा बाजार भाव से करीब 11% कम है।
मिडिल ईस्ट में फिर भड़का युद्ध: कुवैत पर संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन हमला, अमेरिका-ईरान तनाव से युद्धविराम टूटने की कगार पर
US-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव के बीच एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। कुवैत ने गुरुवार को दावा किया है कि वह एक संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन हमले की चपेट में आया है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान युद्ध के दौरान हुआ बेहद नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) पहले से ही भारी दबाव में चल रहा है। इस घटना से पहले अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर नए हवाई हमले किए थे, जिसके बाद तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया था।
कुवैत की सेना ने की हमले की पुष्टि
कुवैत के सैन्य अधिकारियों ने इस हवाई हमले की पुष्टि कर दी है। हालांकि, सेना ने सुरक्षा कारणों से अभी तक यह साफ नहीं किया है कि इस हमले में किस जगह को नुकसान पहुंचा है और इसके पीछे किस देश या संगठन का हाथ है।
इस ताजा हमले ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं गहरी कर दी हैं। युद्ध के दौरान कुवैत को पहले भी ईरान और इराक के हथियारबंद शिया गुटों द्वारा निशाना बनाया जा चुका है।
अस्थायी युद्धविराम पर मंडराया बड़ा खतरा
गुरुवार को हुए इस अचानक हमले के बाद अब यह डर सताने लगा है कि दोनों पक्षों के बीच लड़ाई में जो कुछ समय का ठहराव आया था, वह पूरी तरह खत्म हो सकता है।
फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, जिससे असमंजस और ज्यादा बढ़ गया है। दूसरी ओर, वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही सीजफायर वार्ता पहले ही काफी तनावपूर्ण दौर से गुजर रही है।
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट
इस बीच पूरे मिडिल ईस्ट में व्यापारिक मार्ग ठप होने से हालात बिगड़ रहे हैं। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) लगातार बंद चल रहा है।
आपको बता दें कि यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का लगभग एक-चौथाई (करीब 20%) तेल और गैस का व्यापार होता था। इसके लंबे समय से बंद रहने के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि राजनयिक बातचीत विफल रही, तो स्थिति और भी भयानक हो सकती है।
अमेरिकी सेना ने हवा में उड़ाए ईरान के आत्मघाती ड्रोन
इस तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेना ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास उड़ान भर रहे ईरान के 4 आत्मघाती (One-Way Attack) ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
इसके साथ ही अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास में स्थित एक ग्राउंड कंट्रोल हब को भी पूरी तरह तबाह कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस ठिकाने से पांचवां ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी की जा रही थी।
ईरान ने माना अमेरिकी हमला, कहा- हमने भी किया पलटवार
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी 'इर्ना' (IRNA) के जरिए वहां के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने बंदर अब्बास इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हुए अमेरिकी हमले की बात स्वीकार की है। इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल सैन्य और नागरिक दोनों तरह के ऑपरेशन्स के लिए होता है।
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उस अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है, जहां से अमेरिका ने हमला शुरू किया था। हालांकि, ईरान ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि उनके इस जवाबी हमले में कितना नुकसान हुआ है और क्या इसका कुवैत में हुए हमले से कोई संबंध है।
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