एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट के 'सेंट्रलाइज़्ड फ़ॉल्ट डिस्प्ले सिस्टम' के पोस्ट-फ़्लाइट लॉग से कई चेतावनियों का पता चला है। यह फ़्लाइट अचानक ऊंचाई से 300 फ़ीट नीचे गिर गई थी, जिससे 24 लोग घायल हो गए थे। ये चेतावनियां विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम, फ़्लाइट कंट्रोल और ऑटोपायलट से जुड़ी थीं। इंडिया टुडे के मुताबिक जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट में टर्बुलेंस (हवा के झटकों) की घटना की जांच का दायरा बढ़ गया है। फ़्लाइट के बाद की मेंटेनेंस रिपोर्ट में दो-तीन मिनट के अंदर 11 सिस्टम अलर्ट दर्ज किए गए, जिनमें तीन हाइड्रोलिक लो-प्रेशर वॉर्निंग और उसके बाद ऑटोपायलट का डिस्कनेक्ट होना शामिल है।
यह मेंटेनेंस रिपोर्ट एयरबस A320 एयरक्राफ्ट VT-EXO से जुड़ी है, जिसने फुकेत से दिल्ली के लिए एयर इंडिया की फ़्लाइट AI2379 ऑपरेट की थी। रिपोर्ट से पता चलता है कि एयरक्राफ्ट में लगभग एक मिनट के भीतर तीन हाइड्रोलिक लो-प्रेशर अलर्ट दर्ज किए गए, जो इसके ग्रीन, येलो और ब्लू हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़े थे। इसके बाद रिकॉर्ड में यह बात सामने आई कि तीन हाइड्रोलिक अलर्ट मिलने के कुछ ही समय बाद ऑटोपायलट बंद हो गया था। सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या हाइड्रोलिक चेतावनियों का ऑटोपायलट के बंद होने और बाद में विमान में टर्बुलेंस की वजह से ऊंचाई में आए बदलाव से कोई संबंध था।
रिपोर्ट में उसी दौरान विमान के इमरजेंसी एग्जिट दरवाजों और दूसरे सिस्टम से जुड़ी चेतावनियों का भी ज़िक्र किया गया है। दिल्ली में विमान के उतरने से पहले, मेंटेनेंस रिकॉर्ड में 5:22 GMT पर 'ऑटोपायलट-ऑफ' की दूसरी एंट्री दिखाई देती है। सूत्रों के अनुसार, इस एंट्री से पता चलता है कि उड़ान के दौरान ऑटोपायलट के शुरुआती तौर पर बंद होने के बाद उसे किसी समय फिर से चालू या री-एंगेज किया गया था और बाद में लैंडिंग से पहले उसे फिर से बंद कर दिया गया था।
कई अलर्ट मिलने के बावजूद, शुरुआती हाइड्रोलिक वॉर्निंग के बाद भी विमान लगभग 1 घंटे 20 मिनट तक हवा में रहा और फिर सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा। सूत्रों ने बताया कि उड़ान के बाद की मेंटेनेंस रिपोर्ट डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरक्राफ़्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी गई है, जो इस घटना की जांच कर रहे हैं।
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गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई, जिससे मॉनसून सत्र समाप्त हो गया। यह सत्र विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के बीच संपन्न हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगीत के सभी छह पद बजाए गए, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। जब सदन की संक्षिप्त बैठक हुई, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वहां मौजूद थे।
स्पीकर ने सत्र के दौरान सदन के कामकाज और उत्पादकता पर पारंपरिक समापन भाषण नहीं दिया। बिरला ने विपक्ष के सदस्यों से सत्र के दौरान बहस में भाग लेने की बार-बार अपील की थी। हालांकि, विरोध और नारेबाजी जारी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। गुरुवार को भी, सदन स्थगित होने से पहले विपक्ष के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मॉनसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और इसमें NEET पेपर लीक मामले तथा अयोध्या में राम मंदिर के लिए चंदे से जुड़े आरोपों को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया।
बाद में विपक्ष ने 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। छात्र NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग कर रहे थे। बुधवार को शाह ने कहा कि वह छात्रों के मुद्दे पर बहस में हिस्सा लेने और विपक्ष के सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पीकर से विपक्ष के साथ बातचीत करके चर्चा के लिए समय तय करने का भी आग्रह किया था।
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