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रक्षाबंधन के दिन लगेगा चंद्र ग्रहण, क्या भारत में मान्य होगा सूतक? जानें राखी पर कितना पड़ेगा असर

Chandra Grahan on Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। जानें ग्रहण का समय, भारत में सूतक मान्य होगा या नहीं और राखी के त्योहार पर इसका कितना असर पड़ेगा। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है?

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'आजादी' का जश्न मना रहे बलूचों पर पाकिस्तान ने की Air Strike, जवाब में Baloch Liberation Army ने Pakistan Army के छक्के छुड़ाए

अपनी आजादी का जश्न मना रहे बलूचिस्तानियों पर पाकिस्तान ने एयर स्ट्राइक कर दी। इसके जवाब में बलूच लड़ाकों ने बंदूकें उठा लीं और पाकिस्तानी सेना पर कई जगह ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। देखते ही देखते सोराब और ग्वादर से लेकर चागाई, खुजदार, वाध, मंगुचर और झाओ तक हिंसा फैल गई और दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त संघर्ष छिड़ गया। पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 21 नागरिकों के मारे जाने की खबर है, जबकि जवाबी हमलों में बलूच विद्रोहियों ने पुलिस और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस तरह बलूचिस्तान एक बार फिर पाकिस्तान की सैन्य ताकत और बलूचों की आजादी की लड़ाई के बीच सीधे टकराव का मैदान बन गया है।

स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तानी विमानों ने अलग-थलग आतंकी ठिकानों की बजाय आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया। हमलों के बाद सोराब और ग्वादर में विरोध प्रदर्शन हुए और लोगों ने सैन्य कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाते हुए जवाबदेही की मांग की। हम आपको बता दें कि बलूचों को जबरन गायब कर देना, सुरक्षा अभियानों के नाम पर बलूचों से बदसलूकी, बलूच महिलाओं के शोषण, उनकी राजनीतिक अभिव्यक्ति पर पाबंदियों और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों ने पाकिस्तान के खिलाफ स्थानीय असंतोष को दशकों से लगातार गहरा किया है।

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देखा जाये तो बलूचिस्तान का संकट अचानक पैदा हुआ कोई सुरक्षा संकट नहीं है। पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत प्राकृतिक संसाधनों जैसे गैस, खनिज, ऊर्जा और रणनीतिक समुद्री क्षेत्र से बेहद समृद्ध है, लेकिन स्थानीय आबादी लंबे समय से खुद को विकास और संसाधनों के लाभ से वंचित मानती रही है। बलूच राष्ट्रवादियों का आरोप है कि इस प्राकृतिक संपदा का फायदा स्थानीय लोगों की बजाय पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान को मिलता है। साथ ही वह पंजाबी प्रभुत्व वाले संघीय ढांचे पर राजनीतिक और जातीय भेदभाव का आरोप लगाते हैं।

इसी असंतोष ने आत्मनिर्णय की उस लंबी लड़ाई को जन्म दिया, जिसने बलूचिस्तान को पाकिस्तान के सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में बदल दिया है। साथ ही बलूच राष्ट्रवादियों का कहना है कि 1947 में ब्रिटिश सत्ता समाप्त होने के समय कलात खानत ने अपनी संप्रभुता का दावा किया था। 11 अगस्त इसी ऐतिहासिक घटना की याद में बलूच राष्ट्रवादियों के लिए प्रतीकात्मक स्वतंत्रता दिवस है। उनका दावा है कि मार्च 1948 में पाकिस्तान में विलय का फैसला स्वतंत्र इच्छा से नहीं, बल्कि दबाव में कराया गया। हालांकि पाकिस्तान इस दावे को स्वीकार नहीं करता और 14 अगस्त को ही बलूचिस्तान समेत पूरे देश का स्वतंत्रता दिवस मानता है। दूसरी ओर, इस बार 11 अगस्त का संदेश केवल प्रतीकात्मक नहीं रहा। बलूच राष्ट्रवादियों ने इसे अपनी राजनीतिक पहचान और स्वतंत्र अस्तित्व की घोषणा के रूप में पेश किया। सोशल मीडिया पर कुछ बलूच समर्थकों ने दावा किया कि भविष्य में अलग ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ के लिए पासपोर्ट, मुद्रा और दूतावास जैसी संस्थाओं की तैयारी की जा रही है। 

उधर, पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक के बाद हालात और विस्फोटक हो गए। बलूच लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने इसके समानांतर कई जिलों में समन्वित हमले किए। चागाई में आधी रात को पुलिस स्टेशन पर बम हमला कर उसे नष्ट किए जाने और तीन सुरक्षा कर्मियों के मारे जाने की खबर है। यखमाच में वाणिज्यिक वाहनों पर घात लगाकर हमला और एक ट्रक हाईजैक किए जाने की सूचना सामने आई। खुजदार RCD हाईवे पर सुरक्षा काफिले और बख्तरबंद वाहन को निशाना बनाए जाने, वाध में सैन्य वाहनों पर घात लगाकर हमला करने, मंगुचर बाजार में सुरक्षा चौकी पर विस्फोट और भारी गोलीबारी तथा झाओ में पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर रात में हमले की रिपोर्ट है।

साथ ही BLA ने इस महीने अलग-अलग हमलों में कम से कम 32 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा भी किया है। दूसरी ओर पाकिस्तान का कहना है कि सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान में मुठभेड़ों के दौरान 10 उग्रवादियों को मार गिराया। एक कार बम के समय से पहले फटने की घटना में आठ आतंकियों और पास के घर में मौजूद तीन लोगों समेत 11 लोगों के मारे जाने की बात भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने कही है।

देखा जाये तो इन घटनाओं को अलग-अलग हमलों के रूप में देखना बड़ी तस्वीर को नजरअंदाज करना होगा। बलूचिस्तान में अब एक खतरनाक चक्र बनता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई, नागरिकों में आक्रोश, बलूच विद्रोहियों की जवाबी हिंसा और फिर और कठोर सैन्य अभियान। यही चक्र इस संघर्ष को लगातार गहरा कर रहा है।

बलूचिस्तानियों की आजादी की लड़ाई की ‘सफलता’ को फिलहाल पाकिस्तान से वास्तविक राजनीतिक स्वतंत्रता के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना स्पष्ट है कि दशकों के दमन, सैन्य अभियानों और राजनीतिक असंतोष के बावजूद स्वतंत्रता की मांग खत्म नहीं हुई। बल्कि 11 अगस्त जैसे प्रतीक, सड़कों पर विरोध और BLA जैसे सशस्त्र संगठनों की बढ़ती गतिविधियां बताते हैं कि बलूच सवाल अब भी पाकिस्तान के सामने एक गंभीर और जटिल चुनौती है।

बहरहाल, पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह बलूचिस्तान को केवल बंदूक और एयर स्ट्राइक से नियंत्रित कर पाएगा। क्योंकि जिस संघर्ष को दशकों तक सुरक्षा समस्या बताकर दबाने की कोशिश की गई, वह अब राजनीतिक पहचान, संसाधनों पर अधिकार और आत्मनिर्णय की मांग से जुड़ा व्यापक संकट बन चुका है। और जब किसी जमीन पर लोग अपनी आजादी का दिन मनाने के लिए भी डर और गोलियों के साये में खड़े हों, तो यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं रहता, यह उस राज्य की वैधता पर उठता एक बेहद गंभीर सवाल बन जाता है।

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  Sports

Mitchell Starc ने तोड़ा Rangana Herath का रिकॉर्ड, बने सबसे सफल बाएं हाथ के Test गेंदबाज

ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ मिशेल स्टार्क ने डार्विन टेस्ट के पहले दिन श्रीलंकाई स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़कर टेस्ट क्रिकेट में सबसे सफल बाएं हाथ के गेंदबाज़ बनने का इतिहास रच दिया। स्टार्क ने शादमान इस्लाम का विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की; यह उनका 434वां टेस्ट विकेट था, जो बाएं हाथ के गेंदबाज़ के तौर पर हेराथ के 433 विकेट के रिकॉर्ड से एक ज़्यादा है। मैच की पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया 198 रन पर ऑलआउट हो गई, जो बांग्लादेश के खिलाफ उनका सबसे कम टेस्ट स्कोर है। 
 

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बैटिंग करने का फ़ैसला करने के बाद, ट्रैविस हेड (22) और जेक वेदरल्ड (23) की ओपनिंग जोड़ी ने 45 रन जोड़े, लेकिन टीम लय नहीं बना पाई। स्टीव स्मिथ ने 109 गेंदों पर 71 रन बनाए, जिसमें सात चौके और एक छक्का शामिल था। बांग्लादेश के गेंदबाज़ों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। हसन महमूद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ बांग्लादेशी गेंदबाज़ के तौर पर अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया; उन्होंने 2006 में फतुल्लाह में मशरफे मुर्तज़ा के 5/62 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 

हसन ने अब तक 15 टेस्ट मैचों में तीन बार एक पारी में पांच विकेट लिए हैं। उनसे आगे सिर्फ़ शहादत हुसैन हैं, जिन्होंने 38 टेस्ट मैचों में चार बार ऐसा किया है। हसन ने भारत, पाकिस्तान और अब ऑस्ट्रेलिया में भी एक पारी में पांच विकेट लिए हैं, जिससे वे विदेशी मैदानों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी के तौर पर स्थापित हुए हैं। ओपनिंग पार्टनरशिप के बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी लड़खड़ा गई और टीम का स्कोर 4 विकेट पर 74 रन हो गया। स्टीव स्मिथ ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन हसन की गेंदबाज़ी ने दबाव बनाए रखा। 
 

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तस्कीन अहमद ने भी अपने करियर में एक अहम मुकाम हासिल किया; 2/55 के आंकड़े के साथ वे 300 इंटरनेशनल विकेट लेने वाले छठे बांग्लादेशी गेंदबाज़ बन गए। उन्होंने 204 मैच खेले हैं और 28 से ज़्यादा के औसत से 300 विकेट लिए हैं, जिसमें 13 बार चार विकेट और तीन बार पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल है। बांग्लादेश के अब तक के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में शाकिब अल हसन 712 विकेट के साथ सबसे आगे हैं। उनके बाद मशरफे मुर्तज़ा (389), मुस्तफ़िज़ुर रहमान (384), मेहदी हसन मिराज़ (369) और तैजुल इस्लाम (302) का नंबर आता है; ये सभी तास्किन अहमद से आगे हैं।
 
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Thu, 13 Aug 2026 14:42:02 +0530

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