पीएम मोदी और विजय के बीच 12 साल बाद हुई मुलाकात, जानें क्या हुई बात
तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय लिखने वाले मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने पद संभालने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की. यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि करीब 12 वर्षों बाद तमिलनाडु के किसी नए राजनीतिक चेहरे और प्रधानमंत्री के बीच इस स्तर की चर्चा हुई है. मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह पहला दिल्ली दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरियों से बेहद अहम माना जा रहा है.
दिल्ली पहुंचते ही तमिलनाडु हाउस गए विजय
दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री विजय सीधे सेंट्रल दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस पहुंचे. यहां उन्होंने राज्य से जुड़े अधिकारियों और सहयोगियों के साथ बैठक की. इसके बाद शाम 4:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी निर्धारित मुलाकात हुई. प्रधानमंत्री आवास ‘सेवा तीर्थ’ में दोनों नेताओं के बीच करीब 25 मिनट तक बातचीत चली.
हालांकि बैठक की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि तमिलनाडु से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, राज्य के विकास प्रोजेक्ट, वित्तीय सहायता, इंफ्रास्ट्रक्चर और केंद्र-राज्य समन्वय जैसे विषय बैठक के केंद्र में रहे.
मुख्यमंत्री बनने पर पीएम मोदी ने दी थी बधाई
जोसेफ विजय का फिल्मी दुनिया से राजनीति में आना देशभर में चर्चा का विषय बना था. उन्होंने अपनी पार्टी TVK के जरिए राजनीति में एंट्री की और बेहद कम समय में तमिलनाडु की सत्ता तक पहुंच गए. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें सोशल मीडिया पर बधाई दी थी.
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा था कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के विकास और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करती रहेगी. इसी बयान को अब दोनों नेताओं की मुलाकात से जोड़कर देखा जा रहा है.
गठबंधन सरकार चला रहे हैं विजय
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बावजूद विजय की पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. इसके बाद सहयोगी दलों के समर्थन से राज्य में गठबंधन सरकार बनी. लंबे समय बाद तमिलनाडु में ऐसी राजनीतिक स्थिति बनी है, जहां एक नए चेहरे के नेतृत्व में गठबंधन सरकार सत्ता में आई है.
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं. प्रशासनिक फैसलों के साथ-साथ उनकी सार्वजनिक छवि भी चर्चा में बनी हुई है. सोशल मीडिया पर उनके फैसलों और अंदाज को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आती रहती हैं.
फिल्म इंडस्ट्री को लेकर भी लिया बड़ा फैसला
हाल ही में मुख्यमंत्री विजय ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा फैसला लेते हुए थिएटरों में दिनभर पांच शो चलाने की अनुमति दी. बताया जा रहा है कि करीब 70 वर्षों बाद ऐसा फैसला लिया गया है. फिल्म इंडस्ट्री ने इस कदम का स्वागत किया और इसे मनोरंजन क्षेत्र के लिए बड़ी राहत बताया.
तमिलनाडु को क्या मिलेगा, इस पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री विजय का दिल्ली दौरा अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. लोगों की नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार से तमिलनाडु को क्या नई सौगात मिलती है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात आने वाले समय में केंद्र और तमिलनाडु सरकार के रिश्तों की दिशा तय कर सकती है.
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गर्मी में बढ़ा 'हीट स्ट्रोक' का खतरा, शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। ऐसे में बढ़ती गर्मी के साथ हीट स्ट्रोक का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच भारत सरकार के साथ ही अन्य स्वास्थ्य संगठन भी लगातार गर्मी के प्रकोप से बचाव के उपाय सुझा रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गर्मी में हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने आम लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा, यदि शरीर में कुछ असामान्य लक्षण दिखें तो उन्हें नजरअंदाज न करें, क्योंकि देर होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। मिशन के अनुसार, गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक एक आम लेकिन खतरनाक समस्या बन सकती है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी सबसे बेहतर उपाय है। इस गर्मी के मौसम में खुद का और अपने परिवारजनों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को खास तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए।
हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों में चिड़चिड़ापन और रोना, शरीर का अत्यधिक गर्म महसूस होना, कम पेशाब आना या पेशाब का पीला पड़ना, उल्टी, घबराहट या पसीना आना शामिल है।
हीट स्ट्रोक के गंभीर संकेतों में सुस्ती, बेहोशी या दौरे पड़ना, बार-बार उल्टी और दस्त, त्वचा का सूखा या बहुत गर्म होना, 6 घंटे से ज्यादा समय तक पेशाब न होना, तेज सांस लेना और दिल की धड़कन बढ़ना आदि शामिल हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं, ओआरएस घोल या ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ पिलाएं, गीले कपड़े से शरीर को ठंडा करें। अगर स्थिति गंभीर लगे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हीट स्ट्रोक को शुरुआती चरण में पहचानकर तुरंत कार्रवाई की जाए तो इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बाहर निकलने से बचें, हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें, खूब पानी पिएं, नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी का सेवन करें और भारी, तला-भुना भोजन न करें। साथ ही घर और कार्यालय को ठंडा रखने की कोशिश करें।
--आईएएनएस
एमटी/एबीएम
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