लेह-लद्दाख में सुबह सुबह आया भूकंप, 5.5 की तीव्रता से कांपी धरती
Leh Earthquake: लद्दाख के लेह में गुरुवार सुबह सुबह भूकंप आया. सुबह करीब 6 बजकर 5 मिनट पर तेज झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई. हालांकि अभी तक कोई जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, गुरुवार सुबह लद्दाख के लेह में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप सुबह 6:05 बजे जमीन से 10 किलोमीटर नीचे आया। भूकंप का केंद्र लेह से जुड़े 36.881° उत्तरी अक्षांश और 74.402° पूर्वी देशांतर पर था. भूकंप के झटके लगते ही लोग घरों से बाहर निकल आए. हालांकि गनीमत है कि अभी तक लेह-लद्दाख में भूकंप से नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है. इससे पहले इसी साल19 जनवरी को लद्दाख में 5.7 तीव्रता का एक बड़ा भूकंप आया था. इसके अलावा गत 29 अप्रैल को भी लेह-लद्दाख क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का मामूली भूकंप आया था.
An earthquake of magnitude 5.5 on the Richter scale struck Leh, Ladakh, at 6:05 am today: National Centre for Seismology. pic.twitter.com/Y0SQ3mdhQE
— ANI (@ANI) August 13, 2026
क्यों आता है भूंकप?
धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटें लगातार धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। कई जगहों पर इन प्लेटों के बीच टकराव और घर्षण के कारण दबाव बढ़ता जाता है। जब यह दबाव बहुत ज्यादा हो जाता है, तो चट्टानों में अचानक टूट-फूट या हलचल होती है और अंदर जमा ऊर्जा तेजी से बाहर निकलती है। इसी ऊर्जा से धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है, जिसे हम भूकंप के झटकों के रूप में महसूस करते हैं।
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कितना भयावह हो सकता है भूकंप?
भूकंप धरती की सतह से लेकर करीब 700 किलोमीटर की गहराई तक कहीं भी आ सकता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की गहराई को आमतौर पर उथले, मध्यम और गहरे तीन स्तरों में बांटा जाता है. इनमें उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं, क्योंकि इनसे निकलने वाली भूकंपीय तरंगों को जमीन की सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है. इससे सतह पर ज्यादा तेज कंपन होता है और इमारतों को नुकसान पहुंचने के साथ जान-माल के नुकसान का खतरा भी बढ़ जाता है.
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