West Bengal STF ने 2 संदिग्धों को पकड़ा, पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ 14 दिन की रिमांड पर
पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के फैसलाबाद निवासी राणा रऊफ उर्फ वहाब आलम को मंगलवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर एसटीएफ के कर्मियों ने बनगांव के पास हाबरा में तलाशी अभियान चलाया और रऊफ को पकड़ लिया। अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि रऊफ के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध हैं और वे भारत में उसकी गतिविधियों, संपर्कों और आवाजाही की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही कोलकाता के टॉपसिया इलाके से गिरफ्तार किए गए दूसरे व्यक्ति मोहम्मद एजाज के रऊफ से कथित तौर पर सीधे संपर्क थे और उसने भारतीय पहचान पत्र हासिल करने में उसकी मदद की थी।
एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें रऊफ के बनगांव सीमा की ओर जाने की विशेष सूचना मिली थी और हमने उसे हाबरा के जेसोर रोड से गिरफ्तार कर लिया। हम आईएसआई से उसके कथित संबंधों, भारतीय पहचान दस्तावेजों के इस्तेमाल और क्या वह बांग्लादेश में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था, इसकी जांच कर रहे हैं।’’ जांचकर्ताओं के अनुसार, रऊफ वर्ष 2012 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में प्रवेश करने से पहले वह कुछ समय नेपाल में रहा था और बाद में पश्चिम बंगाल में बस गया।
उसके कब्जे से कई भारतीय पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। उसके पास मिले एक आधार कार्ड में टॉपसिया का पता दर्ज था।’’ अधिकारियों ने बताया कि रऊफ देश में चलने वाली विभिन्न रेलगाड़ियों और सशस्त्र बलों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। उन्होंने बताया कि एसटीएफ अधिकारियों ने पाया कि रऊफ कोलकाता में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फोर्ट विलियम समेत कई संवेदनशील ठिकानों पर नजर रख रहा था।
अधिकारी ने बताया कि रऊफ ने अपना मोबाइल फोन नष्ट कर दिया था। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के समय उसके पास से कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘उसके बैग में एक नोटबुक मिली, जिसमें कई फोन नंबर दर्ज थे।
इनमें से कुछ नंबर बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका के थे।’’ उन्होंने बताया कि उसके पास से दो सिम कार्ड भी बरामद हुए। अधिकारी ने कहा, ‘‘उस पर रेलवे और भारतीय नौसेना से जुड़ी सूचनाएं पाकिस्तान को भेजने का भी संदेह है। हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह किस तरह की जानकारी जुटा रहा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रऊफ के साथ उसके संबंधों की गहराई और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं, यह पता लगाने के लिए एजाज से पूछताछ की जा रही है।’’ उन्होंने कहा कि एसटीएफ यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी स्वतंत्रता दिवस से पहले किसी ‘‘विध्वंसक गतिविधि’’ की साजिश बना रहे थे।
अधिकारी ने बताया कि हमीम मंडल से पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिससे बाद में उन्हें रऊफ का पता लगाने में मदद मिली। अधिकारियों ने बताया कि एसटीएफ रऊफ के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से संभावित संबंधों और आईएसआई के साथ उसके कथित जुड़ाव की प्रकृति की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद मंगलवार रात रऊफ को चिकित्सकीय जांच के लिए हाबरा अस्पताल ले जाया गया।
बाद में बारासात की अदालत में पेश किए जाने पर, अदालत ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
एनालॉग पनीर पर रोक के बाद भोपाल में छापा, जैन डेयरी से 116 किलो पनीर जब्त
मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब राजधानी भोपाल में भी मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार से सख्त निर्देश मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने देर रात तक शहर के अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाया। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने भोपाल की जैन डेयरी पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने डेयरी से कुल 116 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर विभाग को संदेह है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, देर रात हुई इस कार्रवाई के दौरान जैन डेयरी में रखे पनीर की गुणवत्ता और उसके वास्तविक स्वरूप को लेकर संदेह हुआ। नियमों के तहत संदेह होने पर पनीर को तुरंत जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए 116 किलो पनीर की अनुमानित बाजार कीमत करीब 34 हजार 800 रुपये बताई गई है। विभाग ने पनीर के सैंपल भी लिए हैं और उन्हें राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है। जांच के बाद ही इसकी वास्तविक गुणवत्ता का पता चल सकेगा।
असली पनीर के नाम पर एनालॉग बेचने पर रोक
विभाग की यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत की गई है। एनालॉग या वैकल्पिक उत्पादों को असली पनीर के नाम पर बेचने पर पूरी तरह रोक है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं को भ्रमित कर पनीर के स्थान पर वनस्पति वसा या अन्य वसा से तैयार एनालॉग पनीर बेचना खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग के नियमों का उल्लंघन है। अधिकारियों ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने और उन्हें गुमराह करने वाले किसी भी मामले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी कार्रवाई
हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैन डेयरी से जब्त किए गए पनीर को जांच रिपोर्ट आने से पहले आधिकारिक तौर पर एनालॉग पनीर नहीं माना जा रहा है। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पनीर की वास्तविक संरचना, वसा की मात्रा और गुणवत्ता को लेकर अंतिम फैसला होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अगर प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यह सैंपल खाद्य सुरक्षा और मानकों के अनुसार नहीं पाया जाता है या पनीर की जगह किसी अन्य वसा अथवा वनस्पति वसा से तैयार उत्पाद का इस्तेमाल या मिलावट सामने आती है, तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा संबंधित नियमों के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। भोपाल में हुई इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य डेयरी संचालकों में भी हड़कंप का माहौल है। विभाग ने साफ किया है कि मिलावट के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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