Iran America War Update LIVE: आज रात दहलेगा ईरान? | Trump | Netanyahu | Khamenei | Hormuz | Breaking
Iran America War Update LIVE: आज रात दहलेगा ईरान? | Trump | Netanyahu | Khamenei | Hormuz | Breaking Iran-US Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर जल्द ही दोनों देशों के बीच शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को 'बहुत बुरा वक्त' देखना पड़ेगा। दूसरी तरफ, ईरान ने भी पलटवार किया है। उसका कहना है कि उसको अमेरिका पर भरोसा नहीं है जिससे बातचीत में दिक्कत आ रही है। #iranuswar #irausceasefire #donaldtrump #iranamericawar #breakingnews #donaldtrump #khamenei #trump #usvsiran #pmmodi #trumpmodicall #iranisraelconflict #irannews #middleeastwar #middleeastcrisis #iranisraelwar #iranattackisrael #israeliranwar #israeliranwar #irna #israel #america #mojtabakhamenei #netanyahu #trump #middleeastwar #straitofhormuz #oilcrisis #kimjongun #putin #china #india #warnews #globalconflict #breakingnews #trumplive #trumppressconference ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
उत्तराखंड के जंगलों में शुरू हुई हाथियों की महागणना, 5 दिन चलेगा अभियान, डिजिटल ऐप से जुटेगा डेटा
उत्तराखंड के विशाल जंगलों में हाथियों की महागणना का एक बड़ा अभियान मंगलवार, 26 मई 2026 से शुरू हो गया है, जिसमें इस बार आधुनिक तकनीक और विशेष रणनीति का प्रयोग कर हाथियों की संख्या का बेहद सटीक आकलन करने की तैयारी है। पांच दिन तक चलने वाली यह विशेष गणना 30 मई को समाप्त होगी, जिसमें कॉर्बेट टाइगर रिजर्व सहित कुमाऊं क्षेत्र के उन सभी वन प्रभागों को शामिल किया गया है, जहां हाथियों की मौजूदगी लगातार दर्ज की जाती है। इस वृहद अभियान का लक्ष्य राज्य में हाथियों की वास्तविक संख्या और उनके व्यवहार को गहराई से समझना है, ताकि उनके संरक्षण और प्रबंधन के लिए प्रभावी योजनाएँ बनाई जा सकें।
वन विभाग ने हाथियों की संख्या का बेहद सटीक आकलन सुनिश्चित करने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक और एक विशेष रणनीति अपनाई है। प्रत्यक्ष अवलोकन पर आधारित ‘आई काउंट मेथड’ का इस्तेमाल कर वनकर्मी सुबह और शाम की पालियों में जंगलों में तैनात होकर हाथियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। दोपहर की अत्यधिक गर्मी में हाथियों के घने जंगलों में छिप जाने के कारण, सुबह और शाम का समय ही उनकी गणना के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी हाथी प्रभावित क्षेत्र गणना से अछूता न रहे और सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें।
हाथियों का मूवमेंट हिमाचल से नेपाल तक
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी अत्यधिक घुमक्कड़ वन्यजीव होते हैं, जिनका मूवमेंट हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्षेत्र से लेकर टनकपुर होते हुए नेपाल तक फैला हुआ है। इस व्यापक मूवमेंट के कारण दोहरी गिनती से बचने और एक समग्र तस्वीर प्राप्त करने के लिए पूरे प्रदेश में यह गणना एक साथ की जा रही है। इस दौरान हाथियों की दिशा, उनके व्यवहार और समूह संरचना को भी सावधानीपूर्वक रिकॉर्ड किया जा रहा है, जो उनके संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा। हाथियों के आवागमन के पैटर्न को समझना मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी सहायक होगा।
हाथी गणना में पहली बार ‘इकॉलॉजी ऐप’ का इस्तेमाल
इस महागणना में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में विशेष तैयारी की गई है, जहां यह अभियान बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। रिजर्व की 72 बीटों में 200 से अधिक वनकर्मी दिन-रात लगे हुए हैं। इस बार भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा विकसित ‘इकॉलॉजी ऐप’ का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे गणना प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और त्रुटिरहित बन सकेगी। पहले यह काम कागजी फॉर्मेट में होता था, जिसमें डेटा एंट्री और विश्लेषण में अधिक समय लगता था। डिजिटल ऐप के उपयोग से गणना के आंकड़े अधिक सटीकता से दर्ज हो सकेंगे और विश्लेषण भी त्वरित होगा, जिससे समय पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
पिछली गणना के अनुसार, उत्तराखंड में कुल 3,500 से अधिक हाथी दर्ज किए गए थे, जबकि अकेले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 1,226 हाथी गिने गए थे। विभाग को उम्मीद है कि इस बार के आंकड़े और अधिक सटीक होंगे, जो राज्य के वन्यजीव प्रबंधन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे। यह महागणना केवल हाथियों की संख्या जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से कम करने, हाथियों के संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने और उनके प्राकृतिक आवास की बेहतर योजना बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्राप्त आंकड़े भविष्य की नीतियों और संरक्षण रणनीतियों के निर्माण में सहायक होंगे, ताकि हाथियों और मानव आबादी के बीच सह-अस्तित्व को बढ़ावा दिया जा सके।
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