आज का पंचांग 13 अगस्त 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो रात 08:42 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: गुरुवार
- नक्षत्र: मघा नक्षत्र-14 अगस्त की भोर 4:39 बजे तक।
- योग: वरीयान योग-दोपहर 12:17 बजे तक।
- करण: किंस्तुघ्न करण-सुबह 9:50 बजे तक। इसके बाद बव करण-रात 8:42 बजे तक।
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:18 बजे से 1:09 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:49 बजे से 5:34 बजे तक
- अमृत काल: 14 अगस्त की भोर के समय लगभग 4:38 बजे से 6:06 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:51 बजे से 3:43 बजे तक
अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 2:19 बजे से 3:55 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 6:19 बजे से 7:55 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:31 बजे से 11:07 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:35 बजे से 11:26 बजे तक
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:19 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:08 बजे
- चंद्रोदय: सुबह के समय, स्थान के अनुसार समय में अंतर रहेगा।
- चंद्रास्त: शाम के समय, स्थान के अनुसार समय में अंतर रहेगा।
आज का पर्व
श्रावण शुक्ल प्रतिपदा / चंद्र दर्शन
आज का धार्मिक महत्व
आज श्रावण शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा है। शुक्ल पक्ष की शुरुआत होने के कारण यह दिन नई शुरुआत, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज राहुकाल कब है?: आज गुरुवार को राहुकाल दोपहर 2:19 बजे से 3:55 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
Ladakh Leh Earthquake: सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटकों से कांपी लद्दाख की धरती, रिक्टर पैमाने पर 5.5 मापी गई तीव्रता
लद्दाख में गुरुवार सुबह जब लोग सोकर उठ ही रहे थे, तभी अचानक जमीन हिलने लगी। लेह और आसपास के बड़े इलाके में 5.5 की तीव्रता से आए इस भूकंप ने लोगों को डरा दिया। झटके इतने तेज थे कि घरों में रखे बर्तन, पंखे और खिड़कियां जोर-जोर से हिलने लगीं।
हालांकि, राहत की बात यह है कि इतने तेज झटकों के बावजूद अभी तक कहीं से भी किसी बड़े नुकसान या किसी के घायल होने की खबर नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें पूरे इलाके में मुस्तैद हैं।
सुबह 6:05 बजे लगे झटके, जमीन से 10 किमी नीचे था केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप सुबह ठीक 6:05 बजे आया। इसका केंद्र जमीन से केवल 10 किलोमीटर की गहराई में था। केंद्र ज्यादा गहराई में न होने के कारण ही जमीन के ऊपर झटके बहुत तेज महसूस हुए। डर के मारे लोग अपने बच्चों और परिवार के साथ तुरंत खुले मैदानों की तरफ भागे।
किसी नुकसान की खबर नहीं, प्रशासन ने ली राहत की सांस
भूकंप आते ही लेह और कारगिल जिला प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया। पुलिस और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमों ने इलाकों का जायजा लेना शुरू कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट में राहत की खबर मिली है कि कहीं कोई मकान नहीं गिरा है और न ही किसी को चोट आई है। फिर भी दूर-दराज के पहाड़ी गांवों से जानकारी जुटाई जा रही है।
क्यों बार-बार कांपती है लद्दाख की धरती?
वैज्ञानिकों का कहना है कि लद्दाख का इलाका पहाड़ों के ऐसे हिस्से में आता है जहां जमीन के नीचे की चट्टानें आपस में टकराती रहती हैं। इसी वजह से यहां अक्सर छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं। 5.5 तीव्रता का झटका काफी तेज माना जाता है, इसलिए एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले कुछ घंटों में हल्के झटके आ सकते हैं, जिससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
आपातकालीन टीमों को अलर्ट रहने का आदेश
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी आपातकालीन सेवाओं को तैयार रहने को कहा है। पहाड़ों और दूर-दराज के इलाकों में फोन और मैसेज के जरिए संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें और शांत रहें।
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