होर्मुज स्ट्रेट कब तक बंद रहेगा? ईरान ने कर दिया साफ, भारत पर पड़ेगा ये असर
Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच कई दिनों से चल रहा शांति समझौता अपने मुकाम पर नहीं पहुंच पा रहा है. आए दिन दोनों के बीच होर्मुज, परमाणु कार्यक्रम, नाकाबंदी पर बात अटक जाती है. अमेरिका का दावा है कि होर्मुज पर उसका कंट्रोल है, वहीं ईरान होर्मुज को खोलने के लिए अपनी शर्तें मनवाने पर अड़ा हुआ है.
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के नव नियुक्त प्रमुख मोहसेन रेजाई ने चेतावनी दी है कि तेहरान रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक पूरी तरह से नहीं खोलेगा जब तक कि संयुक्त राज्य अमेरिका सभी शर्तों को पूरा नहीं कर लेता. एक्स पर पोस्ट किए गए एक संदेश में रेजाई ने फारस की खाड़ी के शिपिंग मार्ग पर ईरान की स्थिति को रेखांकित किया और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए आवश्यक शर्तों को स्पष्ट किया.
क्या हैं ईरान की सभी शर्ते?
रेजाई ने पोस्ट में लिखा कि ईरान का संदेश स्पष्ट है. होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक दोबारा नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका युद्ध और नाकाबंदी समाप्त नहीं कर देता, ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को जारी नहीं कर देता और लेबनान और गाजा सहित पूरे क्षेत्र में युद्धविराम के लिए सहमत नहीं हो जाता.
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रेजाई ने आगे कहा कि जब तक सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक जलडमरूमध्य बंद रहेगा. इससे पहले, प्रेस टीवी के अनुसार, रेजाई ने पुष्टि की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलना, जहां ईरान ने अमेरिका-इजरायल आक्रामकता के कारण मार्च की शुरुआत से पारगमन प्रतिबंध लगा रखे हैं, तभी होगा जब वाशिंगटन तेहरान की शर्तों को स्वीकार करेगा.
होर्मुज बंद होने से भारत पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक आवाजाही रुकने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति से लेकर महंगाई और उद्योग तक पर व्यापक असर पड़ सकता है. भारत अपने कच्चे तेल के आयात का 40% से 50% हिस्सा इसी रास्ते से मंगाता है. इसके अलावा भारत की कुल एलपीजी (LPG) आयात का लगभग 90% हिस्सा इसी मार्ग से आती है.इसलिए इसके बंद होने पर तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और आपूर्ति संकट की आशंका बढ़ जाती है. इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल और परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र से आने वाले उर्वरक, अमोनिया, सल्फर और मेथनॉल जैसे औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने से कई उद्योग प्रभावित हो सकते हैं. लंबे समय तक संकट जारी रहने पर भारत का आयात बिल बढ़ेगा, व्यापार घाटा बढ़ सकता है और अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ेगा.
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पंजाब SIR- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आज जारी होगी:2 मिनट में कैसे चेक करें अपना नाम; दावा-आपत्ति के लिए कब तक मौका
पंजाब में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा राउंड आज से शुरू हो गया है। चुनाव आयोग आज ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। लिस्ट जारी होने के बाद वोटर घर बैठे ऑनलाइन अपना नाम चेक कर सकेंगे। पंजाब की CEO आनंदिता मिश्रा के मुताबिक, वेबसाइट पर वोटर लिस्ट जारी होते ही मतदाता करीब 2 मिनट में अपना नाम चेक कर सकेंगे। इसके लिए वेबसाइट पर दो अलग-अलग लिस्ट उपलब्ध होंगी- एक ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और दूसरी उन वोटरों की सूची, जिनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। दोपहर बाद ERO वोटर लिस्ट की प्रतियां राजनीतिक पार्टियों और BLO को भी उपलब्ध कराएंगे। सभी वोटर लिस्ट बूथवार तैयार की गई हैं। अब जानिए, आपका नाम नहीं है तो क्या करना होगा? अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है या काटे गए नामों की सूची में है, तो Form-6 भरकर नाम शामिल कराने का दावा किया जा सकता है। यह फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से जमा होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया आगे अगर ऑफलाइन जमा करना हो तो निकटतम BLO या SDM/तहसीलदार कार्यालय से Form-6 प्राप्त करें। इसमें नाम, पता, माता-पिता या पति का नाम समेत मांगी गई जानकारी भरें। इसके साथ स्वघोषणा, जन्मतिथि और निवास से संबंधित प्रमाण लगाकर फॉर्म BLO को जमा करें। फॉर्म जमा करने के बाद रसीद जरूर लें। जो लोग कार्यालय नहीं आ सकते, उनके लिए 16 अगस्त को बूथ लेवल पर कैंप लगाए जाएंगे। कैंप में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम चेक किया जा सकेगा। अगर नाम नहीं है तो वहीं Form-6 जमा भी किया जा सकेगा। 12 सितंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा। 12 सितंबर तक नाम शामिल कराने के लिए Form-6 जमा किया जा सकेगा। इसके बाद दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। पंजाब की मुख्य चुनाव अफसर की 3 अहम बातें… जहां सबसे ज्यादा वोट कटे, वहां 45 सीटों में से 38 पर AAP के विधायक एसआईआर के तहत जिन पांच जिलों में सबसे ज्यादा वोट कटे हैं उनमें कुल 45 विधानसभा सीटें हैं। जिसमें से AAP के पास सर्वाधिक 38, कांग्रेस के पास 5 और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पास 2 विधायक हैं। जिलेवार स्थिति देखें तो लुधियाना की कुल 14 सीटों में से 13 पर AAP और 1 पर अकाली दल(अकाली दल अब छोड़ दिया) का कब्जा है। अमृतसर की 11 सीटों में से AAP के पास 9 सीटें हैं, जबकि 1-1 सीट कांग्रेस और अकाली दल के पास है। जालंधर की 9 विधानसभा सीटों में से 5 पर AAP और 4 सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं। साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) की सभी 3 सीटों पर AAP का कब्जा है, और इसी तरह पटियाला जिले की भी सभी 8 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी के ही विधायक हैं। पांच जिले जिनमें सबसे कम वोट कटे सबसे कम वोट (फॉर्म) कटने वाले 5 जिलों में कुल 13 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी (AAP) के पास 11 सीटें हैं, जबकि 1 सीट कांग्रेस और 1 सीट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास है। जिलेवार स्थिति देखें तो मलेरकोटला की एकमात्र 1 विधानसभा सीट पर AAP का कब्जा है। मानसा की तीनों सीटों (मानसा, बुढलाडा, सरदुलगढ़) पर भी AAP के ही विधायक हैं। पठानकोट जिले की 3 सीटों में दलीय स्थिति बंटी हुई है, जहां पठानकोट सीट पर BJP, भोआ सीट पर AAP और सुजानपुर सीट पर कांग्रेस के विधायक हैं। बरनाला जिले की तीनों सीटों (बरनाला, भदौड़, महल कलां) पर AAP का कब्जा है। इसी तरह फतेहगढ़ साहिब जिले की भी तीनों विधानसभा सीटों (फतेहगढ़ साहिब, अमलोह, बास्सी पठाना) पर आम आदमी पार्टी के ही विधायक हैं।
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