कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ अभ्यास मुकाबले में भारतीय टीम ने 207 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया है। शुभमन गिल ने उंगली की चोट से उबरने का संकेत देते हुए 44 रन की तेज पारी खेली, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 61 रन बनाकर अपनी तैयारी का मजबूत प्रदर्शन किया है। मुकाबले का सबसे मजेदार अंत मोहम्मद सिराज ने किया, जिन्होंने लगातार तीन छक्के लगाकर भारत को जीत दिलाई है।
मैच के आखिरी दिन सबसे ज्यादा नजर भारतीय कप्तान शुभमन गिल पर थी। गिल को दौरे से पहले हाथ में चोट लगी थी और इसी वजह से उन्होंने अभ्यास मैच की पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं की थी। हालांकि, दूसरी पारी में उन्होंने पूरी तरह फिट नजर आते हुए 54 गेंदों पर 44 रन बनाए हैं। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे हैं।
भारत के स्पिन गेंदबाजी प्रशिक्षक सैराज बहुतुले ने मुकाबले के बाद कहा कि गिल अब पूरी तरह ठीक हैं और टीम प्रबंधन ने पहली पारी में उन्हें बल्लेबाजी नहीं कराने का फैसला केवल सावधानी के तौर पर लिया था। उन्होंने गिल की दूसरी पारी को शानदार बताया और कहा कि वह आगामी टेस्ट मुकाबले के लिए तैयार हैं।
भारत की पारी की शुरुआत गिल और यशस्वी जायसवाल ने की। दोनों ने पहले आठ ओवर में ही टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचा दिया। इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने कुल 10 चौके लगाए। जायसवाल ने श्रीलंका के गेंदबाज रमेश मेंडिस के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और स्वीप शॉट के जरिए दबाव बनाया। उन्होंने 46 गेंदों में 61 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे हैं।
गिल और जायसवाल ने मिलकर 105 रन की साझेदारी की। इसके बाद टीम प्रबंधन ने जायसवाल को रिटायर्ड आउट कर वापस बुला लिया और ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए। गिल भी जल्द ही कैच आउट हो गए। पंत ने शुरुआत में काफी गेंदें बिना रन के खेलीं, लेकिन बाद में छक्का लगाकर खाता खोला। उन्होंने ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर 45 रन जोड़े हैं।
इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट एकादश ने दूसरी पारी में भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य रखा था। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में ही दबाव बनाया। मोहम्मद सिराज ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की और निशान फर्नांडो तथा रविंदु रासंथा को परेशान किया। प्रसिद्ध कृष्णा ने भी पसिंदु सूरियाबंडारा को बोल्ड कर श्रीलंका क्रिकेट एकादश को शुरुआती झटके दिए हैं।
निशान फर्नांडो ने हालांकि शानदार बल्लेबाजी करते हुए पवन रत्नायके और अंजला बंडारा के साथ उपयोगी साझेदारियां कीं। उन्होंने 73 गेंदों में 63 रन बनाए और बाद में रिटायर्ड आउट हुए। बंडारा ने भी 35 रन बनाए, लेकिन रवींद्र जडेजा के गेंद पर यशस्वी जायसवाल ने स्लिप में उनका कैच पकड़ लिया है।
रवींद्र जडेजा और मानव सुथार को भी रिटायर्ड आउट किया गया। मानव सुथार आगामी टेस्ट में भारत के तीसरे स्पिनर के विकल्प के लिए अपना दावा मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, लक्ष्य के करीब पहुंचते समय थोड़ी परेशानी जरूर दिखाई दी, लेकिन मोहम्मद सिराज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए लगातार तीन छक्के लगाकर मैच खत्म कर दिया है।
गौरतलब है कि भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से शुरू होना है। ऐसे में यह अभ्यास मुकाबला खिलाड़ियों की फिटनेस और परिस्थितियों को समझने के लिहाज से अहम था। शुभमन गिल की फिटनेस और यशस्वी जायसवाल की फॉर्म से भारतीय टीम प्रबंधन को टेस्ट श्रृंखला से पहले राहत मिली है।
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रोहित शर्मा के 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भारत के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने कहा है कि अगर रोहित शर्मा टूर्नामेंट तक खेलना चाहते हैं तो उनके भविष्य को लेकर बार-बार सवाल नहीं उठने चाहिए। रहाणे का मानना है कि टीम प्रबंधन को अनुभवी सलामी बल्लेबाज के साथ पहले ही स्थिति साफ कर देनी चाहिए।
रोहित शर्मा के 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भारत के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने कहा है कि अगर रोहित शर्मा टूर्नामेंट तक खेलना चाहते हैं तो उनके भविष्य को लेकर बार-बार सवाल नहीं उठने चाहिए। रहाणे का मानना है कि टीम प्रबंधन को अनुभवी सलामी बल्लेबाज के साथ पहले ही स्थिति साफ कर देनी चाहिए।
रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर चर्चा पिछले महीने इंग्लैंड दौरे के दौरान ज्यादा बढ़ गई थी। उस समय एक खबर में दावा किया गया था कि भारत के पूर्व कप्तान इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के बाद क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं। हालांकि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया और खुद रोहित शर्मा ने इन खबरों को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद 2027 विश्व कप के लिए उनकी जगह को लेकर अटकलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
अजिंक्य रहाणे ने इस बहस को अनावश्यक बताते हुए कहा कि अगर रोहित शर्मा 2027 विश्व कप खेलना चाहते हैं तो उन्हें अभी से यह भरोसा दिया जाना चाहिए कि वह टीम की योजना का हिस्सा हैं। रहाणे के मुताबिक इतने लंबे समय तक देश के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी के स्थान पर हर श्रृंखला के बाद चर्चा करना सही तरीका नहीं है।
रहाणे ने कहा कि रोहित शर्मा का अनुभव विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी बड़े खिलाड़ी को बार-बार अपने स्थान को लेकर अनिश्चितता में रखना उसके मानसिक संतुलन और खेल की लय पर असर डाल सकता है। उनके मुताबिक क्रिकेट में लय का बहुत महत्व है और जब खिलाड़ी का दिमाग पूरी तरह शांत होता है तो वह बेहतर प्रदर्शन कर पाता है।
गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में शानदार शतक लगाकर अपने आलोचकों को मैदान पर जवाब दिया था। इससे पहले भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने भी उन खबरों को गलत बताया था, जिनमें कहा गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा मुकाबला रितेश का आखिरी एकदिवसीय मैच हो सकता है।
हालांकि उस शानदार पारी के बाद भी उनके भविष्य को लेकर सवाल दोबारा सामने आ गए। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि बोर्ड के शीर्ष स्तर पर रोहित शर्मा को लेकर समर्थन मौजूद है, लेकिन चयनकर्ता 2027 विश्व कप से पहले टीम में बदलाव की संभावना पर विचार कर रहे हैं। यही वजह है कि अनुभवी बल्लेबाज के भविष्य को लेकर चर्चा लगातार बनी हुई है।
अजिंक्य रहाणे ने यह भी कहा कि रोहित शर्मा की क्षमता और अनुभव पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है। उनका मानना है कि यदि खिलाड़ी खुद 2027 विश्व कप तक खेलना चाहता है तो टीम प्रबंधन को उस फैसले का समर्थन करना चाहिए और उसे लगातार अपनी जगह साबित करने की स्थिति में नहीं रखना चाहिए।
बता दें कि अजिंक्य रहाणे ने पिछले महीने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया है। अब वह रोहित शर्मा के मामले में अपने अनुभव के आधार पर टीम प्रबंधन को स्पष्ट नीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
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