सावन का महीना चल रहा है। कल यानी 10 अगस्त को सोमवार का दूसरा व्रत सभी श्रद्धालु रखेंगे। इस महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और खासतौर पर व्रत रखा जाता है। इसके साथ ही वह भगवान शिव के लिए अलग-अलग तरह के भोग बनाएंगे। यदि आप कुछ मीठा और खास बनाने का सोच रही हैं, तो आप एक बार सीताफल (Custard Apple) की बासुंदी बना सकती हैं। यह खाने में जितनी टेस्टी होती है , उतनी ही सेहतमंद भी है। इसको बनाना बेहद आसान है, आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं।
सीताफल बासुंदी के लिए सामग्री
-फुल क्रीम दूध- 1 लीटर
-सीताफल (कस्टर्ड एप्पल)-2 बड़े पके हुए
-चीनी-3 से 4 बड़े चम्मच
-इलायची पाउडर-आधा छोटा चम्मच
-केसर के धागे-10-12
-ड्राई फ्रूट्स-2 बड़े चम्मच (बारीक कटे हुए)
-चिरौंजी- 1 छोटा चम्मच
सीताफल बासुंदी बनाने का आसान तरीका
इस सावन भगवान शिव को सीताफल बासुंदी का भोग लगाना अति शुभ होगा। भोलेनाथ को दूध और मौसमी फल बेहद प्रिय है। सीताफल सात्विक और प्राकृतिक रुप से मीठा फल है। इस स्वादिष्ट भोग से भगवान शिव अधिक प्रसन्न होंगे। आइए आपको स्टेप-बाय-स्टेप बनाने की विधि बताते हैं।
दूध को उबालें और गाढ़ा करें
इसके लिए एक भारी तले की कड़ाही में फुल क्रीम दूध डालकर गैस पर उबालने के लिए रखें। जब दूध में उबाल आ जाए, तो आंच को धीमी कर दें। इसको आप लगातार चलाते रहे है, जब तक यह दूध आधा न रह जाए। दूध जब गाढ़ा हो जाए, तो इसमें केसर वाला दूध और इलायची पाउडर मिला दें। इससे बासुंदी में सोंधी खुशबू और रंग आ जाएगा।
चीनी डालें और दूध को ठंडा करें
- अब आप इसमें चीनी डालें और 2 मिनट तक पकाएं जब तक चीनी पूरी तरह से घुल जाए। ध्यान रहे कि सीताफल में अपनी प्राकृतिक मिठास होती है, इसलिए चीनी कम ही इस्तेमाल करें।
- अब आप गैस बंद कर दें और दूध को पूरी तरह से ठंडा होने दें। गर्म दूध में कभी भी सीताफल का गूदा न मिलाएं, वरना दूध फट जाएगा।
सीताफल का गूदा मिलाएं
- जब बासुंदी का दूध सामान्य तापमान पर ठंडा हो जाए, तो इसमें तैयार किया हुआ सीताफल का गूदा डालें और हल्के हाथों से अच्छी तरह मिला लें।
- आखिर में बारीक कटे बादाम और पिस्ता से गार्निश करें। इसे 1-2 घंटे फ्रिज में रखकर ठंडा कर लें।
कैसे सर्व करें।
जब आपकी बासुंदी तैयार हो जाए, तो इसे साफ कटोरी या प्लेट में निकालकर भगवान शिव को भोग लगाएं और सर्व करें।
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आए दिन WhatsApp अपने यूजर्स के लिए नए-नए फीचर्स पेश करता है। ग्रुप चैटिंग को और भी खास बनाने के लिए कंपनी यूजर के लिए तमाम सुविधाएं लेकर आती है। WhatsApp ने कहा है कि इन अपडेट्स के मुख्य ग्रुप में होने वाली बातचीत को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना, फैसले जल्दी लेना और जरुरी जानकारी सभी सदस्यों तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
इन नए अपडेट्स में Polls में अतिरिक्त कंट्रोल, @all Mention और मौजूदा ग्रुप से एक क्लिक में नया ग्रुप बनाने जैसी सुविधाएं शामिल हुईं है। इन फीचर्स को दुनिया भर के यूजर्स के लिए चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है।
Polls में मिले नए कंट्रोल
- WhatsApp ने अपने नए फीचर Polls फीचर को पहले से ज्यादा उपयोगी बना दिया है। अब यूजर्स किसी भी पोल के लिए समय सीमा (End Time) तय कर सकेंगे। तय किए गए समय पर वोटिंग पूरा होने के बाद यह बंद हो जाएगा। वैसे यह सुविधा मीटिंग, इवेंट या किसी समय-सीमा वाले फैसले के लिए काफी काम आएगी।
- इसके अतिरिक्त, जब पोल में वोट डालने वाले लोगों के नाम छिपाने का ऑप्शन भी मिलेगा। यानी प्रतिभागी अपनी पसंद व्यक्त किए बिना मतदान कर सकेंगे। वहीं, यदि पोल पोस्ट करने के बाद सवाल में कोई गलती रह जाती है या उसे स्पष्ट करना हो, तो पोल बनाने वाला व्यक्ति 15 मिनट के बाद भीतर प्रश्न को एडिट कर दें। इससे नया पोल बनाने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
अब @all से एक साथ सभी तक पहुंचेगा मैसेज
- WhatsApp ने ग्रुप चैट में @all Mention फीचर जोड़ा गया है। इसके मदद से यूजर सिर्फ @all टाइप करके पूरे ग्रुप के सभी सदस्यों को एक साथ नोटिफिकेशन भेज सकता है। इस फीचर से किसी महत्वपूर्ण घोषणा या जरूरी सूचना के लिए हर सदस्य को विभिन्न टैग करने की जरुरत नहीं होगी।
- अगर किसी ग्रुप्स में 32 से अधिक मेंबर हैं, वहां यह सुविधा सिर्फ ग्रुप एडमिन के लिए उपलब्ध रहेगी। यदि कोई यूजर ऐसे नोटिफिकेशन नहीं पाना चाहता है, तो वह ऐप की Notification Settings में जाकर @all नोटिफिकेशन को म्यूट भी कर सकता है।
मौजूद ग्रुप से एक क्लिक में बनाए नया ग्रुप
-इतना ही नहीं, कंपनी के ग्रुप को मैनेजमेंट को आसान बनाने के लिए नया फीचर एड ऑन किया है। अब आपको मौजूदा ग्रुप के सदस्यों के साथ सिर्फ एक स्टेप में नया ग्रुप बनाया जा सकेगा। इसके लिए अब मेंबर्स को दोबारा एक-एक करके जोड़ने की जरुरत नहीं होगी।
- WhatsApp के मुताबिक, यह फीचर उन परिस्थितियों में काफी फायदेमंद है, जो किसी खास विषय पर अलग से चर्चा करनी हो, किसी कार्यक्रम की योजना बनानी हो या किसी विशेष गतिविधि के लिए अलग ग्रुप तैयार करना हो, ताकि मुख्य ग्रुप की बातचीत प्रभावित न हो।
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