पंजाबी शराब कारोबारी की कनाडा में हत्या:दुकान से वाइन उठाकर भाग रहा था युवक, रोकने पर सीने में मारी गोली
कनाडा के एडमंटन में पंजाबी मूल के शराब कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में दोपहर करीब 1 बजे हुई। 22 वर्षीय युवक स्टोर में आया और शराब की कुछ बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा। इसके बाद कारोबारी ने उसे रोकने की कोशिश की और स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। इसी दौरान युवक ने उनकी छाती पर गोली चला दी। मृतक की पहचान सुखजीत रंधावा उर्फ सनी (48) के रूप में हुई है। घटना 6 अगस्त की है, जो अब सामने आई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो कनाडाई नागरिक बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। शराब की बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा युवक जानकारी के अनुसार, कनाडा के एडमंटन में 22 वर्षीय युवक 6 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में पहुंचा। उसने शराब की कुछ बोतलें उठाईं और बिना पेमेंट किए दुकान से बाहर जाने लगा। स्टोर में मौजूद 48 वर्षीय सुखजीत रंधावा उर्फ सनी ने उसे रोकने की कोशिश की। युवक ने बोतलों के पैसे नहीं दिए। इसके बाद सनी ने उसे रोकने के लिए स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा बंद करते ही कारोबारी पर चलाई गोली दरवाजा बंद किए जाने के बाद युवक ने सनी की छाती पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर एडमंटन पुलिस सर्विस (EPS) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल सनी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत को हत्या करार दिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया मामले की जांच के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस की जांच शाखा ने 22 वर्षीय निकलस बटलर-चोवेस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री मर्डर का केस दर्ज किया है। आरोपी कनाडाई नागरिक है। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी अन्य संदिग्ध की तलाश नहीं है। दक्षिण एशियाई समुदाय और दुकानदारों में आक्रोश घटना के बाद दक्षिण एशियाई समुदाय और स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश है। एडमंटन के मेयर अमरजीत सोही और स्थानीय नेताओं ने घटना को गंभीर त्रासदी बताया है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि शहर में छोटे दुकानदारों की सुरक्षा चिंताजनक होती जा रही है। उनका कहना है कि कारोबारियों और कर्मचारियों को अक्सर आपराधिक तत्वों का सामना करना पड़ता है। व्यवसायी संघ ने की सुरक्षा की मांग सुखजीत रंधावा को याद करते हुए उनके ग्राहकों और दोस्तों ने बंद दुकान के बाहर मोमबत्तियां, फूल और अगरबत्तियां रखकर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने बताया कि सुखजीत बेहद मिलनसार और दयालु इंसान थे और हर किसी की मदद के लिए तैयार रहते थे। घटना के बाद स्थानीय व्यवसायी संघ ने प्रशासन से रिटेल स्टोर्स और कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। ************ ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में पंजाबी युवक को फेंटानिल पिलाकर मारा: कफ सिरप में मिलाया, किसी और को देना था; 5 साल पुराने मामले में खुलासा कनाडा के चेस्टर्मेयर में रहने वाले पंजाबी युवक की मौत मामले में अल्बर्टा पुलिस ने पांच साल लंबी जांच के बाद बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि साहिल की मौत कफ सिरप में जानलेवा दवा फेंटानिल मिलाकर पिलाने से हुई थी। (पढ़ें पूरी खबर)
संडे प्रोफाइल : मोहम्मद बिन सलमान:सुधारों, कूटनीति से सल्तनत का चेहरा बदलते एमबीएस
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इन दिनों सक्रिय कूटनीति को लेकर चर्चा में हैं। जुलाई में अमेरिका से परमाणु समझौते और 7 अगस्त को सऊदी, पाकिस्तान व तुर्किये के रक्षा करार में उनकी सक्रियता दिखी है। राजनेता को कई चेहरे लगाकर राजकाज चलाना पड़ता है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) इसका उदाहरण हैं। एक तरफ वे सऊदी समाज में बदलाव और आधुनिकता लाने की कोशिश करते हैं तो दूसरी तरफ सत्ता पर पकड़ मजबूत रखने के लिए सख्त फैसलों को लेकर चर्चा में रहते हैं। जनवरी 2015 में किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के सत्ता संभालने के बाद एमबीएस को अहम जिम्मेदारियां मिलीं। इसके बाद वे तेजी से सत्ता के केंद्र में पहुंचे। आज 41 साल की उम्र में वे देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। हाल के दिनों में अमेरिका के साथ परमाणु समझौते और पाकिस्तान-तुर्किये के साथ रक्षा गठजोड़ ने उनकी सक्रिय कूटनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। इन कदमों के जरिए वे एक तरफ ईरान जैसे क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला करना चाहते हैं तो दूसरी तरफ चीन, रूस और अमेरिका के बीच संतुलन साधते नजर आते हैं। एमबीएस ने सत्ता में आने के बाद सामाजिक बदलावों पर भी जोर दिया। धार्मिक पुलिस के अधिकार सीमित किए गए। महिलाओं को लेकर कई पुरानी पाबंदियां हटाई गईं। स्कूलों में लड़कियों के खेलने पर लगी रोक खत्म हुई और करीब 40 साल बाद 2018 में देश में सिनेमा फिर शुरू हुआ। 2019 में महिलाओं को पुरुष अभिभावक के बिना यात्रा और काम करने की ज्यादा स्वतंत्रता मिली। विश्व बैंक के अनुसार 2025 में सऊदी अरब की लेबर फोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 35% थी। आर्थिक मोर्चे पर एमबीएस ने तेल पर निर्भरता घटाने के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू कीं। निओम का हाईटेक शहर, लाल सागर के पर्यटन प्रोजेक्ट और खेलों को बढ़ावा देना इसी रणनीति का हिस्सा हैं। रियाद में 2024 में ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप हुआ। सऊदी अरब 2030 में एक्सपो और 2034 में फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी की तैयारी भी कर रहा है। हालांकि एमबीएस का दूसरा चेहरा विवादों से जुड़ा है। सत्ता मजबूत करने के दौरान उनके कई रिश्तेदारों और विरोधियों पर कार्रवाई हुई। पत्रकार जमाल खाशोगी की 2018 में हत्या के मामले में भी उन पर गंभीर आरोप लगे। मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी सरकार की आलोचना की है। एमबीएस की निजी छवि भी पारंपरिक सऊदी शासकों से अलग है। उन्हें वीडियो गेम, फॉर्मूला-1 और मोटरसाइकिलों में दिलचस्पी है। वे आम लोगों के साथ सेल्फी लेते भी नजर आते हैं। हालांकि, एक दशक से अधिक समय से सत्ता के केंद्र में रहने के बावजूद सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अब भी तेल पर काफी निर्भर है। यही उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
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